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भवन रेगुलराइजेशन स्कीम 2026 : अब अवैध निर्माण को मिलेगा कानूनी संरक्षण


रांची समेत कई नगर निकायों में शुरू हुई बड़ी पहल, हजारों भवन मालिकों को राहत मिलने की उम्मीद

रांची, 23 मई 2026। झारखंड में वर्षों से बिना स्वीकृत नक्शा, विचलित निर्माण और नियमों से हटकर बने भवनों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। “भवन रेगुलराइजेशन स्कीम 2026” के तहत अब ऐसे आवासीय और व्यावसायिक भवनों को कानूनी मान्यता दिलाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस योजना के माध्यम से लोग अपने भवनों को सरकारी रिकॉर्ड में सुरक्षित करा सकेंगे और भविष्य में कानूनी विवादों, तोड़फोड़ कार्रवाई तथा प्रशासनिक परेशानियों से बच सकेंगे।

रांची स्थित Design Build Ranchi द्वारा जारी जानकारी के अनुसार यह योजना रांची नगर निगम (RMC), रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण (RRDA), धनबाद नगर निगम और हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र में लागू की जा रही है। योजना का उद्देश्य उन भवनों को नियमित करना है, जिनका निर्माण बिना नक्शा पास, आंशिक विचलन या निर्धारित मानकों से अलग तरीके से हुआ है।

किन भवनों को मिलेगा लाभ?

योजना के अंतर्गत—

  • रेसिडेंशियल (आवासीय) भवन
  • कमर्शियल (व्यावसायिक) भवन
  • G+2 तक निर्मित भवन
  • 10 मीटर तक ऊंचाई वाले निर्माण
  • बिना नक्शा पास या विचलित निर्माण वाले भवन

को रेगुलराइजेशन का लाभ दिया जाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य के शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे भवन हैं जिनका निर्माण वर्षों पहले हुआ लेकिन तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से उनका नक्शा स्वीकृत नहीं हो पाया। अब इस योजना के माध्यम से भवन मालिकों को वैधानिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।

“100 प्रतिशत तक निर्माण त्रुटियों को दूर करने” का दावा

योजना से जुड़े प्रचार में दावा किया गया है कि भवनों में हुई निर्माण संबंधी “Deviations” यानी विचलनों को नियमित कर कानूनी स्वरूप दिया जा सकेगा। इससे लोगों को भविष्य में नगर निकायों की कार्रवाई, नोटिस या ध्वस्तीकरण की आशंका से राहत मिल सकती है।

क्या होंगे फायदे?

भवन रेगुलराइजेशन के बाद भवन मालिकों को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलने की बात कही जा रही है, जिनमें—

  • भवन को कानूनी मान्यता
  • सरकारी रिकॉर्ड में पंजीकरण और सुरक्षा
  • भविष्य में तोड़फोड़ या विवाद से बचाव
  • संपत्ति का बाजार मूल्य बढ़ना
  • बिजली, पानी, लोन जैसी सुविधाओं में आसानी
  • सुरक्षित निवेश और वैध स्वामित्व

जैसे लाभ शामिल हैं।

BPAMS पोर्टल के माध्यम से होगा आवेदन

योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। इच्छुक लोग BPAMS (Building Plan Approval Management System) पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। बताया गया है कि प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया गया है ताकि आम लोगों को दलालों या अनावश्यक चक्कर से बचाया जा सके।

शुल्क का भी निर्धारण

प्रचार सामग्री के अनुसार भवन रेगुलराइजेशन के लिए प्रति वर्ग मीटर शुल्क निर्धारित किया गया है—

रेसिडेंशियल भवन

  • 150 वर्ग मीटर तक – ₹40 प्रति वर्ग मीटर
  • 150 से 300 वर्ग मीटर तक – ₹60 प्रति वर्ग मीटर

कमर्शियल भवन

  • 150 वर्ग मीटर तक – ₹80 प्रति वर्ग मीटर
  • 150 से 300 वर्ग मीटर तक – ₹120 प्रति वर्ग मीटर

शहरों में बढ़ते अवैध निर्माण पर नियंत्रण की कोशिश

विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से शहरीकरण के कारण झारखंड के कई शहरों में अनियोजित और अवैध निर्माण तेजी से बढ़े हैं। कई लोग जानकारी के अभाव में बिना स्वीकृति भवन बना लेते हैं, जिससे बाद में उन्हें कानूनी और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यह योजना एक “रेगुलराइजेशन विंडो” के रूप में देखी जा रही है।

हालांकि शहरी योजनाकारों का यह भी कहना है कि नियमितीकरण के साथ-साथ भविष्य में अवैध निर्माण रोकने के लिए नगर निकायों को निगरानी और स्वीकृति प्रक्रिया को और मजबूत करना होगा।

लोगों में बढ़ रही रुचि

रांची, धनबाद और हजारीबाग जैसे शहरों में इस योजना को लेकर लोगों के बीच तेजी से चर्चा बढ़ रही है। कई भवन मालिक अपने पुराने निर्माण को कानूनी दर्जा दिलाने के लिए जानकारी जुटा रहे हैं।

योजना से संबंधित सहायता के लिए Design Build Ranchi ने संपर्क नंबर और कार्यालय का विवरण भी जारी किया है।

📞 7209110125
📧 designbuildranchi@gmail.com
📍 Kutchery Chowk, Ranchi – 834001

“Your Dream House, We Build Together” के संदेश के साथ संस्था ने लोगों से समय रहते योजना का लाभ लेने की अपील की है।

भवन रेगुलराइजेशन स्कीम 2026 : अब अवैध निर्माण को मिलेगा कानूनी संरक्षण भवन रेगुलराइजेशन स्कीम 2026 : अब अवैध निर्माण को मिलेगा कानूनी संरक्षण Reviewed by PSA Live News on 4:29:00 pm Rating: 5

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