ब्लॉग खोजें

विश्व ब्राह्मण संघ के संस्थापक पंडित मांगे राम शर्मा की जयंती पर रामगढ़ में हुआ भव्य आयोजन, बच्चों के बीच बांटे गए कंबल और फल


रामगढ़ (झारखंड) / विशेष रिपोर्ट:
विश्व ब्राह्मण संघ के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष, परम श्रद्धेय स्वर्गीय पंडित श्री मांगे राम शर्मा जी की जयंती के पावन अवसर पर झारखंड प्रदेश के विभिन्न जिलों में सेवा और समर्पण के साथ विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में, झारखंड प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार शर्मा के कुशल दिशा-निर्देशानुसार रामगढ़ स्थित ओमकार मिशन स्कूल के प्रांगण में एक वृहद श्रद्धांजलि एवं जनहित सेवा कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस गरिमामयी आयोजन में मुख्य रूप से संघ के पदाधिकारियों ने शिरकत की और जरूरतमंद बच्चों के बीच कंबल तथा ताजे फल (जैसे सेब, केला आदि) वितरित कर पंडित जी के आदर्शों को धरातल पर उतारा।

राष्ट्रभक्ति, कर्मनिष्ठा और जनहित को समर्पित था पंडित मांगे राम शर्मा का जीवन

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने स्वर्गीय पंडित मांगे राम शर्मा जी के देशप्रेम, उत्कृष्ट कार्यशैली और समाजोत्थान के लिए किए गए कार्यों को श्रद्धापूर्वक याद किया। झारखंड प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार शर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पंडित जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए समर्पित रहा है। उनके द्वारा स्थापित उच्च आदर्श और जनहित की भावना हम सभी के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। उनकी कर्तव्यनिष्ठा की यह अनूठी विरासत सदैव हम सभी को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की मदद करने के लिए प्रेरित करती है।

पंडित जी के अनमोल विचार: आत्मीयता, भाईचारा और आत्म-विश्वास ही सफलता की कुंजी

स्वर्गीय पंडित मांगे राम शर्मा जी के प्रेरणादायक कथनों और विचारों को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वे अक्सर बल देकर कहा करते थे कि "खुद पर भरोसा रखो, आपके सपने आपकी मेहनत से ही सच होंगे।"

  • आत्म-विश्वास की शक्ति: पंडित जी का मानना था कि आत्म-विश्वास वह आंतरिक और प्रबल ऊर्जा है, जो व्यक्ति को उसके लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रेरित करती है और कठिन से कठिन तथा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने का अदम्य हौसला देती है।
  • सभ्यता और भाईचारा: पंडित जी का यह दृढ़ मत था कि 'सभ्यता' और 'भाईचारा' मानव समाज के दो सबसे महत्वपूर्ण और मजबूत आधार स्तंभ हैं। ये दोनों मिलकर एक सुसंस्कृत, सभ्य और शांतिपूर्ण समाज का ताना-बाना बुनते हैं। भाईचारा वास्तव में लोगों के बीच आपसी प्रेम, सहयोग और आत्मीयता का वह गहरा संबंध है, जो हमें सुख-दुख में एक-दूसरे का हाथ थामना सिखाता है।
  • उन्होंने एक बहुत ही सुंदर रूपक देते हुए कहा था कि यदि सभ्यता किसी समाज का 'शरीर' (यानी उसका भौतिक ढांचा, शहर और आधुनिक तकनीक) है, तो भाईचारा उसकी 'आत्मा' है। एक सच्ची और उच्च कोटि की सभ्यता वही है जहाँ भौतिक और तकनीकी प्रगति के साथ-साथ हर इंसान के दिल में एक-दूसरे के प्रति प्रेम, सद्भावना और आत्मीयता की भावना जीवित रहे।

जाति-धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर समाज सेवा का संकल्प

कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि यदि हम पंडित मांगे राम शर्मा जी के इन महान विचारों को अपने जीवन में उतार लें, तथा आपसी द्वेष और भेदभाव की भावना को त्यागकर जाति-धर्म की दीवारों से ऊपर उठकर समाज एवं क्षेत्र के विकास कार्यों में एकजुट होकर जुट जाएं, तो निश्चय ही हम एक दिन सफलता और विकास की नई बुलंदियों को छू सकेंगे। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

गणमान्य लोगों की उपस्थिति से गरिमामयी बना आयोजन

ओमकार मिशन स्कूल के प्रांगण में आयोजित इस सेवा और प्रेरणा उत्सव में विश्व ब्राह्मण संघ के कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • अशोक कुमार पांडेय (रामगढ़ जिलाध्यक्ष)
  • महेंद्र दूबे (उपाध्यक्ष)
  • अरुण बनर्जी (महासचिव)
  • गोकुल शर्मा (जिला कोषाध्यक्ष)
  • विवेक शर्मा
  • विकास पांडेय
  • विजय ओझा
  • मुना मिश्रा

इस प्रेरणादायक और सफल आयोजन की संपूर्ण विस्तृत जानकारी झारखंड प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार शर्मा द्वारा दी गई।

विश्व ब्राह्मण संघ के संस्थापक पंडित मांगे राम शर्मा की जयंती पर रामगढ़ में हुआ भव्य आयोजन, बच्चों के बीच बांटे गए कंबल और फल विश्व ब्राह्मण संघ के संस्थापक पंडित मांगे राम शर्मा की जयंती पर रामगढ़ में हुआ भव्य आयोजन, बच्चों के बीच बांटे गए कंबल और फल Reviewed by PSA Live News on 2:07:00 pm Rating: 5

कोई टिप्पणी नहीं:

Blogger द्वारा संचालित.