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पुरुषोत्तमी सोमवती अमावस्या पर श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में उमड़ी श्रद्धा की धारा

विशेष पूजा-अर्चना, महाआरती, खीर महाप्रसाद और इस्कॉन कीर्तन मंडली के भजनों से भक्तिमय हुआ वातावरण


रांची, 15 जून।
रांची के रातू रोड स्थित रानी सती मंदिर लेन में अवस्थित दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर (श्री तिरुपति बालाजी मंदिर) में सोमवार को अधिक मास की पावन पुरुषोत्तमी सोमवती अमावस्या अत्यंत श्रद्धा, आस्था और धार्मिक उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण भगवान श्रीमन्नारायण के जयघोष एवं भजन-कीर्तन से भक्तिमय हो उठा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अधिक मास की पुरुषोत्तमी अमावस्या का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। इसी दिन अधिक मास (मलमास) की समाप्ति भी हुई। साथ ही मिथुन राशि की सूर्य संक्रांति का पुण्यकाल रात्रि 7:56 बजे से प्रारंभ हुआ, जिससे इस तिथि का धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ गया। ज्योतिषीय दृष्टि से सोमवार, अमावस्या और संक्रांति का यह दुर्लभ संयोग अत्यंत शुभ एवं फलदायी माना जाता है।

इस पावन अवसर पर मंदिर में भगवान श्रीमन्नारायण श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर स्वामी का विशेष पूजन, अभिषेक और आराधना संपन्न कराई गई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान के समक्ष सुख-समृद्धि, परिवार की मंगलकामना और जीवन के समस्त कष्टों से मुक्ति की प्रार्थना की।

मंदिर के आचार्यों ने बताया कि पुरुषोत्तमी अमावस्या पर किए गए दान, पुण्य, जप, तप, तर्पण एवं पूजा-अर्चना का फल सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना अधिक प्राप्त होता है। विशेष रूप से भगवान विष्णु एवं श्री बालाजी की उपासना से पितृदोष की शांति, ग्रहजनित बाधाओं का निवारण तथा जीवन में आने वाले विभिन्न प्रकार के संकटों से मुक्ति मिलने की मान्यता है। अमावस्या अधिक मास की अंतिम तिथि होने के कारण इसका आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।

मंदिर में भगवान को श्रद्धा एवं भक्ति के साथ खीर का विशेष भोग अर्पित किया गया। इसके उपरांत भव्य महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भाग लेकर दीप प्रज्वलित किए और भगवान के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया।

दैनिक पूजा, स्तुति एवं आरती के पश्चात श्रद्धालुओं के बीच खीर महाप्रसाद का वितरण किया गया। महाप्रसाद ग्रहण करने के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं और सभी ने इसे भगवान का आशीर्वाद मानकर श्रद्धापूर्वक स्वीकार किया।

इस अवसर पर इस्कॉन कीर्तन मंडली द्वारा आयोजित भजन-संकीर्तन ने पूरे मंदिर परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। "हरे रामा हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे हरे" की मधुर धुनों पर श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर झूमते, नृत्य करते और प्रभु नाम का संकीर्तन करते दिखाई दिए। कीर्तन की दिव्य प्रस्तुति ने उपस्थित भक्तों को वृंदावन की आध्यात्मिक अनुभूति का एहसास कराया।

मंदिर समिति ने बताया कि सनातन परंपरा में ऐसे पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं होते, बल्कि समाज को एकता, सेवा, दान और आध्यात्मिक चेतना का संदेश भी देते हैं। पुरुषोत्तमी सोमवती अमावस्या का यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आस्था, भक्ति और आत्मिक शांति का अद्भुत संगम बन गया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में मंदिर से जुड़े सेवकों, स्वयंसेवकों एवं श्रद्धालु भक्तों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। दिनभर मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहा तथा श्रद्धालुओं ने भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं विश्व कल्याण की कामना की।

पुरुषोत्तमी सोमवती अमावस्या पर श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में उमड़ी श्रद्धा की धारा पुरुषोत्तमी सोमवती अमावस्या पर श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में उमड़ी श्रद्धा की धारा Reviewed by PSA Live News on 10:28:00 pm Rating: 5

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