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राष्ट्रीय एकता दिवस 31 अक्टूबर को

अखंड भारत के शिल्पी सरदार पटेल के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प: संजय सर्राफ


रांची। 
हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष सह झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि भारत की विविधता में एकता उसकी पहचान और शक्ति है। अनेक धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों से समृद्ध देश राष्ट्रीय एकता और अखंडता के सूत्र में बंधा है। इसी भावना को सुदृढ़ करने तथा लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को स्मरण करने के लिए प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष यह दिवस शनिवार को मनाया जाएगा। यह राष्ट्रप्रेम और एकजुटता का संदेश देता है। सरदार पटेल का योगदान सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था। वे स्वतंत्र भारत के प्रथम उपप्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री थे। स्वतंत्रता के बाद सैकड़ों रियासतों को एकीकृत कर अखंड राष्ट्र बनाना बड़ी चुनौती थी। पटेल ने दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और कुशल नेतृत्व से 560 से अधिक रियासतों का भारतीय संघ में विलय कराया। उन्होंने आधुनिक भारत की नींव मजबूत की। इसी कारण उन्हें लौह पुरुष और राष्ट्रीय एकता का शिल्पी कहा जाता है।भारत सरकार ने वर्ष 2014 में पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की। इसका उद्देश्य देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा मजबूत करना तथा नागरिकों में राष्ट्रीय चेतना,सामाजिक सद्भाव विकसित करना है। यह दिवस जाति,धर्म,भाषा और क्षेत्रीय भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता है।युवाओं को राष्ट्र की जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना भी इसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है।इस अवसर पर देशभर में रन फॉर यूनिटी, राष्ट्रीय एकता शपथ, प्रभात फेरी, संगोष्ठी, भाषण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। विद्यालयों, महाविद्यालयों, सरकारी कार्यालयों तथा सामाजिक संस्थाओं में पटेल के जीवन एवं विचारों पर चर्चा कर एकता का संदेश दिया जाता है। ये आयोजन सहयोग, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना को प्रोत्साहित करते हैं।राष्ट्रीय एकता दिवस हमें याद दिलाता है कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी विविधता और एकजुटता में निहित है। पटेल के आदर्शों को अपनाकर प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रीय एकता, अखंडता, शांति और समृद्धि के लिए योगदान देना चाहिए। आपसी सम्मान और संवैधानिक मूल्यों से सशक्त समावेशी भारत का निर्माण संभव है। यही लौह पुरुष के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि और अखंड भारत के सपने को आगे बढ़ाने का संकल्प है।

राष्ट्रीय एकता दिवस 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस 31 अक्टूबर को Reviewed by PSA Live News on 5:34:00 pm Rating: 5

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