आंसुओं और आस्था के संग विदा हुईं मां दुर्गा: सिंदूर की होली, भावुक नृत्य और जनसैलाब के बीच भव्य शोभायात्रा के साथ चैती दुर्गा पूजा संपन्न
विद्यानगर में उमड़ा श्रद्धा का सागर । महिलाओं ने खेली सिंदूर की होली । जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में उठी पानी समस्या की मांग
रांची : राजधानी रांची के विद्यानगर स्थित शिव-हनुमान मंदिर परिसर में चैती दुर्गा पूजा का समापन शनिवार को अत्यंत भव्य, भावुक और श्रद्धामयी माहौल में हुआ। पूरे दस दिनों तक चले इस धार्मिक महोत्सव का समापन मां दुर्गा की प्रतिमा के विधिवत जल विसर्जन के साथ हुआ, जहां एक ओर श्रद्धा का उत्कर्ष दिखा, वहीं दूसरी ओर माता की विदाई के क्षणों में भक्तों की आंखें नम हो उठीं।
सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का
तांता लगा रहा। हर कोई मां के अंतिम दर्शन के लिए आतुर दिखा। शंखनाद, घंटियों की गूंज और
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया था।
सिंदूर
की होली और महिलाओं की भावनात्मक अभिव्यक्ति
चैती दुर्गा पूजा के समापन का सबसे
आकर्षक और भावनात्मक दृश्य तब देखने को मिला जब महिलाओं ने मां दुर्गा को सिंदूर
अर्पित कर पारंपरिक “सिंदूर खेला” की रस्म निभाई। लाल सिंदूर से सजी महिलाएं एक-दूसरे को सिंदूर
लगाते हुए खुशी और भावनाओं का इजहार करती नजर आईं।
इस दौरान कई महिलाएं माता के समक्ष
भाव-विभोर होकर नृत्य करती दिखीं। उनकी आंखों में भक्ति के आंसू और चेहरे पर आस्था
की चमक साफ झलक रही थी। यह दृश्य इतना मनमोहक और भावनात्मक था कि वहां मौजूद हर
व्यक्ति इस आध्यात्मिक ऊर्जा में डूब गया।
भक्ति
से सराबोर रहा पूरा मोहल्ला
विद्यानगर का पूरा इलाका “जय माता दी” के जयकारों से गूंज
उठा। घर-घर से लोग पूजा में शामिल होने पहुंचे। बच्चे, युवा, बुजुर्ग—हर वर्ग के लोगों ने
बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा मोहल्ला एक ही सूत्र
में बंध गया हो।
जनप्रतिनिधियों
की गरिमामयी उपस्थिति और सम्मान
कार्यक्रम में कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों
की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ा दिया। अतिथि के रूप में कांग्रेस के
प्रदेश महासचिव अमरेंद्र कुमार, पूर्व पार्षद एवं भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अरुण कुमार
झा, रांची की मेयर रोशनी खलखो,
हटिया विधायक नवीन जायसवाल, उप महापौर नीरज कुमार, वार्ड 34 के पार्षद अजीत कच्छप
तथा भाजपा हरमू मंडल अध्यक्ष इंद्रजीत यादव शामिल हुए।
मंदिर समिति द्वारा सभी अतिथियों को
माता की चुनरी एवं प्रतीकात्मक तलवार भेंट कर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने भी
इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक
बताया।
पानी
की समस्या पर जोरदार मांग
कार्यक्रम के दौरान शिव-हनुमान मंदिर
समिति, विद्यानगर के अध्यक्ष श्री महावीर सिंह ने स्थानीय समस्याओं की
ओर जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने विशेष रूप से क्षेत्र में
व्याप्त पानी की समस्या को गंभीर बताते हुए स्थायी समाधान की मांग रखी।
उन्होंने कहा कि “जब पूरा क्षेत्र
धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में अग्रणी है,
तो यहां की मूलभूत सुविधाओं का मजबूत
होना भी उतना ही जरूरी है।” इस मांग को स्थानीय लोगों का भी व्यापक समर्थन मिला।
समिति
सदस्यों का सम्मान
इसके बाद मंदिर के आचार्य श्री रवि
शास्त्री द्वारा समिति के सभी सदस्यों को माता की चुनरी भेंट कर सम्मानित किया
गया। इस अवसर पर समिति के कार्यकर्ताओं की मेहनत और समर्पण की सराहना की गई, जिनकी बदौलत यह आयोजन
सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
भव्य
शोभायात्रा: आस्था का जनसैलाब
कार्यक्रम के अंतिम चरण में मां दुर्गा
की प्रतिमा के विसर्जन हेतु विद्यानगर से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
शोभायात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों, भक्ति गीतों और “जय माता दी” के जयकारों से पूरा
मार्ग गूंज उठा।
महिलाएं सिर पर कलश लिए चल रही थीं, वहीं युवा वर्ग झंडा
और बैनर लेकर आगे-आगे चल रहा था। पूरे रास्ते श्रद्धालु नाचते-गाते माता को अंतिम
विदाई दे रहे थे।
बड़ा
तालाब में विधिवत विसर्जन
यह भव्य शोभायात्रा रांची के प्रसिद्ध
बड़ा तालाब पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ मां
दुर्गा की प्रतिमा का विधिवत जल में विसर्जन किया गया। जैसे ही प्रतिमा जल में
समाई, “अगले बरस तू जल्दी आ”
के जयकारों के साथ वातावरण भावुक हो
उठा।
आस्था, संस्कृति
और एकता का अद्भुत संगम
पूरे आयोजन ने यह साबित कर दिया कि त्योहार केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का एक सशक्त माध्यम हैं। विद्यानगर की यह चैती दुर्गा पूजा न केवल भक्ति का प्रतीक बनी, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक परंपरा और सामूहिक सहभागिता का भी एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर गई।
Reviewed by PSA Live News
on
8:13:00 pm
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