दसवां महान कीर्तन दरबार को लेकर तैयारियां तेज, गुरु नानक सत्संग सभा की बैठक में बांटी गई जिम्मेदारियां
रांची: गुरु नानक सेवक जत्था द्वारा आगामी 18 एवं 19 अप्रैल को आयोजित होने वाले दसवें महान कीर्तन दरबार को लेकर तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। इस महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने हेतु गुरुद्वारा श्री गुरु नानक सत्संग सभा, कृष्णा नगर कॉलोनी द्वारा मंगलवार को गुरुद्वारा कार्यालय में एक विशेष बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता सत्संग सभा के अध्यक्ष अर्जुन देव मिड्ढा ने की, जबकि संचालन संस्था के सचिव सुरेश मिड्ढा ने किया। बैठक में आयोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए जिम्मेदारियों का बंटवारा किया गया।
भव्य नगर कीर्तन से होगी शुरुआत
सचिव सुरेश मिड्ढा ने जानकारी दी कि इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत 17 अप्रैल को प्रातः 4:45 बजे भव्य नगर कीर्तन के साथ होगी। कृष्णा नगर कॉलोनी स्थित गुरुद्वारा साहिब के दर्शन दिउड़ी गेट से निकाले जाने वाले इस नगर कीर्तन में पांच निशानची एवं पंच प्यारों की अगुवाई में पुष्प सुसज्जित पालकी में विराजमान श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का नगर भ्रमण कराया जाएगा।
नगर कीर्तन के दौरान गुरु नानक सत्संग सभा की कीर्तन मंडली द्वारा पूरे मार्ग में शबद-कीर्तन प्रस्तुत किया जाएगा, वहीं विभिन्न चौक-चौराहों पर श्रद्धालु भव्य स्वागत करेंगे।
दो विशेष दीवानों का होगा आयोजन
महान कीर्तन दरबार के तहत दो विशेष दीवान सजाए जाएंगे—
पहला दीवान: 18 अप्रैल (शनिवार) रात 8:00 बजे से 11:00 बजे तक
दूसरा दीवान: 19 अप्रैल (रविवार) सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक
इन दीवानों में सिख पंथ के प्रसिद्ध कीर्तनी जत्था भाई सरबजीत सिंह (पटना साहिब) साध-संगत को शबद कीर्तन के माध्यम से आध्यात्मिक आनंद प्रदान करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत स्त्री सत्संग सभा द्वारा शबद गायन से होगी, जबकि हुजूरी रागी जत्था भाई महिपाल सिंह द्वारा भी कीर्तन प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जिवेंदर सिंह द्वारा कथा वाचन किया जाएगा।
रक्तदान शिविर का भी आयोजन
सामाजिक सेवा के उद्देश्य से 19 अप्रैल को गुरुद्वारा साहिब के बेसमेंट में सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें अधिक से अधिक लोगों से भागीदारी की अपील की गई है।
सेवा कार्यों की जिम्मेदारी तय
बैठक में आयोजन को सफल बनाने के लिए लंगर सेवा, जोड़ा सेवा, पुष्प सज्जा, टेंट एवं लाइटिंग सहित विभिन्न सेवाओं की जिम्मेदारियां सदस्यों के बीच सौंप दी गईं। दोनों दीवानों के समापन के पश्चात गुरु का अटूट लंगर निरंतर चलता रहेगा।
बैठक में ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर द्वारका दास मुंजाल, अमरजीत गिरधर, नरेश पपनेजा (मीडिया प्रभारी), मनीष मिड्ढा, विनोद सुखीजा, हरीश मिड्ढा, अशोक गेरा, महेश सुखीजा, अनूप गिरधर, कवलजीत मिड्ढा, सुभाष मिड्ढा, हरजीत बेदी, रमेश पपनेजा, कमल मुंजाल, मोहनलाल अरोड़ा, रमेश गिरधर, लक्ष्मण दास मिड्ढा, सूरज झंडई, करण अरोड़ा, वंश डावरा, कनिष गाबा, इनिश काठपाल, तुषार मुंजाल, गीतांशु तेहरी, शैंकी मिड्ढा, यश घई, पीयूष मिड्ढा सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।
गुरु नानक सेवक जत्था द्वारा आयोजित यह दसवां महान कीर्तन दरबार न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि सामाजिक समरसता, सेवा और भाईचारे का भी संदेश देगा। आयोजकों ने शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस आध्यात्मिक आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।
Reviewed by PSA Live News
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4:05:00 pm
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