मधुबनी, 15 जून 2026। जिले की पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और गतिशील बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग ने एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए 18 पुलिस पदाधिकारियों का तबादला कर दिया है। पुलिस अधीक्षक, मधुबनी द्वारा जारी जिला आदेश संख्या 974/2026 के तहत यह व्यापक फेरबदल किया गया है। यह कार्रवाई पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी), मिथिला क्षेत्र, दरभंगा के निर्देश एवं अनुमोदन के आलोक में की गई है।
पुलिस विभाग में लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत अधिकारियों के स्थानांतरण की चर्चा चल रही थी। अब जारी आदेश के अनुसार जिन अधिकारियों का कार्यकाल दो वर्ष या उससे अधिक समय तक एक ही स्थान पर पूरा हो चुका था, उन्हें नए पदस्थापन स्थलों पर भेजा गया है। वहीं कई महत्वपूर्ण थानों और पुलिस इकाइयों में रिक्त पदों को भरने के लिए भी यह प्रशासनिक कदम उठाया गया है।
कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की कवायद
पुलिस मुख्यालय और जिला प्रशासन का मानना है कि समय-समय पर पदाधिकारियों का स्थानांतरण प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने में सहायक होता है। एक ही स्थान पर लंबे समय तक पदस्थापित रहने से कार्यशैली में जड़ता आने की संभावना रहती है। ऐसे में यह फेरबदल पुलिसिंग में नई ऊर्जा और जवाबदेही लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार मधुबनी जिले के कई थानों में अपराध नियंत्रण, अनुसंधान कार्यों की गति और जनसंपर्क को बेहतर बनाने के उद्देश्य से अनुभवी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
जारी आदेश के अनुसार कई अंचल पुलिस निरीक्षकों एवं थानाध्यक्षों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। खजौली, फुलपरास, झंझारपुर, जयनगर, बेनीपट्टी, लौकहा, पंडौल, लखनौर, बासोपट्टी, खुटौना तथा साइबर थाना सहित विभिन्न इकाइयों में पदस्थापन में बदलाव किया गया है।
खजौली अंचल में कार्यरत पुलिस निरीक्षक अभय कुमार को फुलपरास अंचल का दायित्व सौंपा गया है, जबकि फुलपरास अंचल के राज कपूर कुशवाहा को झंझारपुर अंचल भेजा गया है। झंझारपुर के विजय कुमार बझेश को जयनगर अंचल की जिम्मेदारी दी गई है। इसी प्रकार पुलिस केंद्र मधुबनी में पदस्थापित सरवर आलम को खजौली अंचल पुलिस निरीक्षक बनाया गया है।
बेनीपट्टी, जयनगर, लौकहा, लखनौर, बासोपट्टी और खुटौना जैसे महत्वपूर्ण थाना क्षेत्रों में भी थानाध्यक्ष स्तर पर व्यापक परिवर्तन किए गए हैं। कई थानों को नए नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर पुलिसिंग में नई कार्यशैली देखने को मिल सकती है।
साइबर अपराध पर भी विशेष फोकस
इस तबादला सूची की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि साइबर थाना को भी मजबूत करने का प्रयास किया गया है। साइबर अपराधों में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए अनुभवी अधिकारियों की तैनाती की गई है। जयनगर अंचल पुलिस निरीक्षक संजय कुमार सिंह तथा जयनगर थाना के थानाध्यक्ष अमित कुमार को साइबर थाना में नई जिम्मेदारी दी गई है। इससे साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल अपराधों की जांच में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
कई थानों में नए चेहरे, नई रणनीति
जिले के सीमावर्ती और संवेदनशील थाना क्षेत्रों में भी नए अधिकारियों की तैनाती की गई है। नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण, तस्करी रोकने और अंतरराज्यीय अपराधियों पर निगरानी को ध्यान में रखते हुए यह फेरबदल महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेष रूप से लौकहा, लखनौर, खुटौना, बासोपट्टी और जयनगर जैसे थाना क्षेत्र लंबे समय से प्रशासनिक दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं। ऐसे क्षेत्रों में नए अधिकारियों की नियुक्ति को कानून-व्यवस्था की दृष्टि से अहम कदम माना जा रहा है।
जुलाई में सेवानिवृत्ति और रिक्त पद भी बने कारण
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कुछ स्थानांतरण अधिकारियों के आगामी सेवानिवृत्त होने और कुछ पदों के रिक्त होने के कारण किए गए हैं। बेनीपट्टी थाना के थानाध्यक्ष शिव शरण साह को जुलाई 2026 में सेवानिवृत्त होना है, जिसके कारण उन्हें नई जिम्मेदारी देते हुए पदस्थापन में बदलाव किया गया है। वहीं कई रिक्त पदों को भरने के लिए भी अधिकारियों को स्थानांतरित किया गया है।
तत्काल प्रभाव से लागू आदेश
पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी आदेश में सभी स्थानांतरित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अविलंब अपने-अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान दें तथा अनुपालन प्रतिवेदन कार्यालय को उपलब्ध कराएं। आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
जनता की निगाहें अब नए पदाधिकारियों पर
मधुबनी जिले में हुए इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद आम जनता की निगाहें अब नए पदस्थापित अधिकारियों पर टिक गई हैं। लोगों को उम्मीद है कि नए थानाध्यक्ष और पुलिस निरीक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई, जनसुनवाई और बेहतर पुलिस-जन संवाद को प्राथमिकता देंगे।
पुलिस विभाग के इस व्यापक फेरबदल को जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इसका असर अपराध नियंत्रण, अनुसंधान की गुणवत्ता तथा जनता के बीच पुलिस की छवि पर भी देखने को मिल सकता है।
रिपोर्ट: आलेक कुमार झा
ब्यूरो प्रमुख, रांची दस्तक एवं PSA Live News
Reviewed by PSA Live News
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12:47:00 pm
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