राँची । नगर के प्रसिद्ध दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर (तिरुपति बालाजी ) मंदिर में 22 सितम्बर मंगलवार को भादों शुक्लपक्ष की पद्मा एकादशी व्रत एवं श्रीविष्णु परिवर्तनोत्सव जैसे पवित्रतम् - पुण्यदायी पर्व को लेकर भक्तों में आस्था ,भक्ति और श्रद्धा का खुमार देखने को मिला । जय- जयकार की ध्वनि और मंत्रों के स्वर गुंजार से मंदिर गुंजित हो रहा था । श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी थी ।लोग कतारवध हो अपने- अपने कामनानुसार कोई श्रीविष्णु सहस्त्रनाम की अर्चना, वेंकटेश अष्टोत्तर शतनाम की अर्चना , लक्ष्मी अष्टोत्तर शतनाम की अर्चना तो कोई सूक्तों का पारायण कराकर भगवान को प्रसन्न करने का यथोचित पूजोपचार कर रहे थे । मंदिर में गूंज रहा श्रीमन्नारायण का उद्घोष आकाश तक गुंजायमान था । ऐसे समवेत उल्लास और आनंदमय वातावरण देखने को मिल रहा था । आस्था का ज्वार देखते ही बन रहा था । मंदिर के अर्चक : श्री गोपेश आचार्य और नारायण दास जी ने प्रातः भगवान का विश्वरूप दर्शन , सुप्रभातम, मंगलाशासनम् आदि के बाद पाञ्चरात्र आगम विधि से तिरुवाराधनम् संपादन कराया और विधि पूर्वक मंत्रों सहित भगवान् के शयन विग्रह को करवट बदलकर परिवर्तनोत्सव पर्व मनाया । फिर नक्षत्र ,कुंभ और कपूर की बाती से महाआरती करके भगवान को फलाहारी व्यंजनों का भोग निवेदन किया तथा श्रुति ,उपनिषद और देशिक स्तोत्राणि के स्तोत्रों से स्तुति की गयी ।
आज दिनभर का भोग रांची निवासी श्रीमती रजनी मेहता ने निवेदन किया ।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से सर्वश्री राम अवतार नारसरिया , अनूप अग्रवाल प्रदीप नारसरिया रंजन सिंह दीपू श्रीवास्तव मिंटू सिन्हा डॉ अमरनाथ पाठक शंभू नाथ मिश्रा भोला बरनवाल नितेश गुप्ता भारतीलाल उर्मिला झा अशोक मिश्रा जगनारायण प्रसाद प्रभास मित्तल ओमप्रकाश गाडोदिया आदि की भूमिका रही
श्रद्धा- भक्ति और वैदिक परंपरा से मनाया पद्मा एकादशी का व्रत और श्रीविष्णु परिवर्तनोत्सव
Reviewed by PSA Live News
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11:36:00 pm
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