पुलिस चौकी के बाहर अर्धनग्न होकर धरने पर बैठे पत्रकार, चार घंटे चला प्रदर्शन
गाली-गलौज, चाबी छीनने और मोबाइल लेने के प्रयास का आरोप; एसीपी ने मेडिकल जांच व सीसीटीवी फुटेज खंगालने का दिया भरोसा
वाराणसी। पांडेयपुर पुलिस चौकी में एक पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला बुधवार को उस समय गरमा गया, जब बड़ी संख्या में पत्रकार लालपुर-पांडेयपुर थाने पहुंच गए। कार्रवाई की मांग को लेकर पत्रकारों ने करीब चार घंटे तक धरना दिया। बारिश के बीच कुछ पत्रकारों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
मामला पत्रकार देवेंद्र कुमार पांडेय से जुड़ा है। उनकी शिकायत के अनुसार, वह एक खबर के सिलसिले में पांडेयपुर पुलिस चौकी गए थे। आरोप है कि वहां मौजूद एक पुलिसकर्मी ने उनके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। पत्रकार ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी ने उनकी गाड़ी की चाबी ले ली और जब उन्होंने घटनाक्रम का वीडियो बनाने का प्रयास किया तो उनका हाथ मरोड़कर मोबाइल छीनने की कोशिश की गई।
पत्रकार की ओर से संबंधित पुलिसकर्मी पर नशे में होने का आरोप भी लगाया गया है। शिकायत में चौकी में लगे सीसीटीवी कैमरों में घटनाक्रम रिकॉर्ड होने की बात कही गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
थाने में जुटे बड़ी संख्या में पत्रकार
घटना की जानकारी मिलते ही पत्रकार संगठनों और स्थानीय मीडियाकर्मियों में नाराजगी फैल गई। बड़ी संख्या में पत्रकार लालपुर-पांडेयपुर थाने पहुंचे और दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए धरना शुरू कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराने और संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की। बारिश के बावजूद प्रदर्शन जारी रहा और कुछ पत्रकार अर्धनग्न होकर धरने पर बैठ गए।
एसीपी पहुंचीं, जांच का भरोसा
मामले की जानकारी मिलने पर एसीपी कैंट प्रज्ञा पाठक मौके पर पहुंचीं। उन्होंने प्रदर्शनकारी पत्रकारों से बातचीत की और मामले की जांच का आश्वासन दिया।
अधिकारियों की ओर से संबंधित पुलिसकर्मी का मेडिकल परीक्षण कराने, चौकी में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच करने तथा घटना से जुड़े लोगों के बयान दर्ज करने की बात कही गई। जांच में आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई के लिए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजने का आश्वासन भी दिया गया।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद पत्रकारों ने धरना समाप्त कर दिया। हालांकि, पत्रकारों की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि यदि जांच के बाद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो आगे आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है।
क्या है पूरा विवाद?
पत्रकार का आरोप
एक खबर के सिलसिले में पुलिस चौकी जाने के दौरान कथित गाली-गलौज, अभद्र व्यवहार, वाहन की चाबी लेने और मोबाइल छीनने के प्रयास का आरोप।
पुलिस प्रशासन का रुख
मामले की जांच, मेडिकल परीक्षण और सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने का आश्वासन।
अब क्या होगा?
मेडिकल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित लोगों के बयान जांच में अहम होंगे। इनके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
सवाल जांच पर
पत्रकारों ने मांग की है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से हो और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार पुलिसकर्मी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
नोट: पुलिसकर्मी पर लगाए गए आरोप फिलहाल शिकायतकर्ता के आरोप हैं। अंतिम तथ्य जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
Reviewed by PSA Live News
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11:41:00 am
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