पत्रकार पर हमला पड़ा भारी, एकजुट हुए मधुबनी के पत्रकार; JCI के राष्ट्रीय पदाधिकारी अशोक कुमार झा ने DGP व SSP से की सख्त कार्रवाई की मांग
संवाददाता: सुजीत कुमार मिश्र।
मधुबनी (बिहार): बिहार के मधुबनी जिले के अंधराठाढ़ी क्षेत्र में स्वास्थ्य माफिया और दबंगों के खिलाफ आवाज उठाने वाले पत्रकार पर हुए कातिलाना हमले के बाद पूरे प्रदेश के पत्रकारों में भारी आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम और फर्जी क्लीनिकों की पोल खोल रहे पत्रकार बिंदेश्वर चौधरी पर दबंगों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के सामने आते ही मीडिया जगत में उबाल आ गया है और प्रेस की स्वतंत्रता पर हुए इस हमले की चौतरफा निंदा हो रही है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया (JCI) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी पदाधिकारी अशोक कुमार झा ने पीड़ित पत्रकार बिंदेश्वर चौधरी से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। JCI पदाधिकारी अशोक कुमार झा ने इस कातिलाना हमले की कड़े शब्दों में भर्त्सना करते हुए बिहार के डीजीपी और मधुबनी के पुलिस अधीक्षक (SSP/SP) से त्वरित निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पत्रकारों पर हमला लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को दबाने की सोची-समझी साजिश है। अगर पुलिस प्रशासन सभी दोषियों पर त्वरित व कड़ी कार्रवाई नहीं करता है, तो संगठन राष्ट्रीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा।
वहीं दूसरी ओर, इस कायराना हमले के विरोध में मधुबनी के तमाम पत्रकार एकजुट हो गए हैं। जिले भर के पत्रकारों ने आपात बैठक कर सर्वसम्मति से हुंकार भरी कि किसी भी दबंगई या हिंसा से पत्रकारों की कलम नहीं रुकेगी। सभी पत्रकारों ने एक सुर में संकल्प लिया कि अब जिले के फर्जी क्लीनिकों, निजी अस्पतालों की लापरवाही, मरीजों के आर्थिक शोषण और जनहित से जुड़े अन्य ज्वलंत मुद्दों पर और भी अधिक प्राथमिकता और निडरता के साथ खबरें प्रकाशित की जाएंगी।
पुलिसिया कार्रवाई की बात करें तो पीड़ित पत्रकार के बयान पर स्थानीय थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य नामजद आरोपी ओमप्रकाश राय को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, मामले में शामिल दूसरे नामजद आरोपी धर्म कुमार राय और अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें अलग-अलग ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।
जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया और स्थानीय पत्रकार संगठनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की सुनवाई स्पीडी ट्रायल के तहत कराकर अपराधियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाए। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर जिले भर के सभी अवैध नर्सिंग होम और फर्जी पैथोलॉजी लैबों के खिलाफ जांच अभियान चलाकर उन्हें तत्काल सील किया जाए।
Reviewed by PSA Live News
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10:37:00 pm
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