झारखण्ड कैबिनेट का बड़ा फैसला: स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और जन-कल्याण की 50 से अधिक योजनाओं पर लगी मुहर
रांची। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर 2026 को आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की उच्चस्तरीय बैठक में झारखण्ड के सर्वांगीण विकास, प्रशासनिक सुधार, जन-कल्याण और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण से जुड़े कई ऐतिहासिक और दूरगामी निर्णय लिए गए। बैठक के दौरान राज्य सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, बिजली, रोजगार, सड़क नेटवर्क, पुलिस प्रशासन और कर्मचारी हित से जुड़े 50 से अधिक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को प्रशासनिक स्वीकृति दी है। कैबिनेट के इन निर्णयों से राज्य के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं, संविदा कर्मियों, दैनिक वेतनभोगियों, किसानों और राज्य कर्मियों को व्यापक लाभ पहुँचेगा।
1. शिक्षा, कौशल विकास और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में बड़े सुधार
राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता देते हुए कैबिनेट ने कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की है:
- तकनीकी शिक्षा और इंटर्नशिप: राजकीय पॉलिटेक्निक एवं राजकीय महिला पॉलिटेक्निक संस्थानों के छात्रों को आधुनिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वित्त नियमावली के नियम 235 को शिथिल करते हुए नियम 245 के तहत Jharkhand Government Tool Room (JGTR) राँची, दुमका और रामगढ़ के मनोनयन को स्वीकृति दी गई है। इसके माध्यम से छात्रों को उद्योग-आधारित इंटर्नशिप प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
- मानसिक स्वास्थ्य व छात्र कल्याण: झारखण्ड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 की धारा-8 के तहत राज्य के सभी राजकीय विश्वविद्यालयों में छात्रों के स्वास्थ्य और मानसिक संवर्द्धन हेतु "Statute for Health Care Management and Mental Wellbeing-2026" के गठन को स्वीकृति दी गई है।
- चिकित्सा और बुनियादी ढांचा:
- जमशेदपुर स्थित एम०जी०एम० मेडिकल कॉलेज परिसर में 500 शय्या वाले अत्याधुनिक अस्पताल भवन के निर्माण हेतु ₹5,45,38,33,425/- (पाँच अरब पैंतालीस करोड़ अड़तीस लाख तैंतीस हजार चार सौ पच्चीस रुपये) की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।
- झारखण्ड मेडिको सिटी के निर्माण से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹2,84,17,24,900/- की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
- सदर अस्पताल, राँची में कैथ लैब के अधिष्ठापन एवं क्रय योजना के लिए ₹9,90,00,000/- की लागत पर कार्य आवंटन की मंजूरी दी गई।
- आयुष सेवा नियमावली: 'झारखण्ड राज्य आयुष शैक्षणिक स्वास्थ्य सेवा (भर्ती, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्त) नियमावली-2026' के गठन को कैबिनेट ने मंजूरी दी।
2. कृषि, पशुपालन, सिंचाई और ऊर्जा क्षेत्र का सुदृढ़ीकरण
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि, सिंचाई और बिजली क्षेत्र में बड़े बजटीय आवंटन किए गए हैं:
- गोड्डा में नया पशु आहार कारखाना: झारखण्ड मिल्क फेडरेशन (JMF) के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2026-27 और 2027-28 में गोड्डा जिले में 50 MTPD (Expandable to 100 MTPD) क्षमता का नया पशु आहार कारखाना स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना हेतु ₹51.49 करोड़ की कुल लागत स्वीकृत की गई है, जिसमें चालू वित्तीय वर्ष के लिए ₹30 करोड़ के व्यय की मंजूरी शामिल है।
- सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार:
- हजारीबाग जिले में लोटिया जलाशय योजना के पुनरुद्धार एवं मुख्य नहरों की लाइनिंग कार्य के लिए ₹32.17 करोड़ के प्राक्कलन को प्रशासनिक स्वीकृति मिली।
- चांडिल जलाशय से जल लिफ्ट कर सरायकेला-खरसाँवा के नीमडीह और कुकडू प्रखंड में भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु ₹607.03 करोड़ की 'नीमडीह-कुकडू मेगालिफ्ट सिंचाई योजना' स्वीकृत की गई।
- ऊर्जा और जल आपूर्ति:
- धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA-JGUA) के तहत राज्य के आदिवासी बहुल गाँवों के अविद्युतीकृत टोलों एवं घरों में बिजली पहुँचाने हेतु ₹184.52 करोड़ मंजूर किए गए।
- चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में पेयजल संकट के समाधान हेतु राज्य के 263 प्रखंडों में 7890 नए चापाकलों के अधिष्ठापन के लिए ₹96.54 करोड़ की योजना एवं व्यय की स्वीकृति दी गई।
- चाईबासा ग्रिड सब-स्टेशन में 2 लाइन फीडर बे के निर्माण हेतु ₹26.78 करोड़ की स्वीकृति दी गई।
3. सड़क ढांचा, शहरी विकास और औद्योगिक नीतियां
राज्य में निर्बाध आवागमन और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया गया है:
- सड़क चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण: गिरिडीह और राँची जिलों में कई प्रमुख पथों (जैसे बड़कीटांड-शंकरडीह पथ, मदहालो-अलाकडीहा पथ, पतालडीह-गांवा-सतगांवा पथ और एडरमहातु से बाँकू पथ) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं पुनर्निर्माण हेतु करोड़ों रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
- औद्योगिक एवं खनन नीतियां:
- लातेहार के चकला कोल परियोजना के लिए मे० हिण्डाल्को इण्डस्ट्रीज लिमिटेड को 147.05 एकड़ गैरमजरूआ भूमि 30 वर्षों के लिए सशुल्क लीज बंदोबस्ती की मंजूरी दी गई।
- Jharkhand Mineral Exploration and Block Development Policy, 2026 के प्रारूप को अनुमोदित किया गया, जिससे राज्य के खनिज ब्लॉकों के पारदर्शी अन्वेषण और विकास को गति मिलेगी।
- झारखण्ड खनिज धारित भूमि उपकर अधिनियम, 2024 की अनुसूची में संशोधन की स्वीकृति दी गई।
- शहरी नीतियां: 'Jharkhand Waste Water (Amendment) Policy, 2026' और 'झारखण्ड नगरपालिका भूमि/भवन स्थानान्तरण अधिभार नियमावली, 2026' के गठन को स्वीकृति प्रदान की गई।
4. कर्मचारी कल्याण, सेवा नियमितीकरण और कानूनी न्यायादेशों का पालन
कैबिनेट ने उच्च न्यायालय के विभिन्न आदेशों का सम्मान करते हुए दैनिक वेतनभोगियों और सरकारी कर्मचारियों के हितों में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं:
- वेतन विसंगति समिति का पुनर्गठन: राज्य कर्मियों की वेतन विसंगति, सेवा शर्तों में एकरूपता और ACP/MACP से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान हेतु पूर्व में गठित समितियों को विलोपित करते हुए एक नई उच्च स्तरीय समिति के पुनर्गठन की स्वीकृति दी गई।
- न्यायादेशों के अनुपालन में राहत:
- उच्च न्यायालय द्वारा निर्गत आदेशों के आलोक में विभिन्न विभागों (जैसे लघु सिंचाई, पथ निर्माण, विशेष भू-अर्जन आदि) में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मियों (यथा श्री सुलेमान लकड़ा, श्री अतहर हुसैन अंसारी, श्री दशरथ मंडल एवं अन्य 16 कर्मी, श्रीमती नजमा खातून के दिवंगत पति स्व० मो० जहीरुद्दीन) की सेवाओं के नियमितीकरण तथा उन्हें सेवानिवृत्ति एवं पेंशनादि लाभ देने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई।
- सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में श्री कपिलदेव हांसदा एवं सुश्री ज्योति कुमारी की उप समाहर्त्ता के पद पर नियुक्ति तिथि संशोधित कर वरीयता पुनर्निर्धारण की स्वीकृति दी गई।
- विशेषज्ञ समिति गठन: राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में विशिष्ट विषयों के अध्ययन, अनुसंधान और तकनीकी परामर्श हेतु विषय विशेषज्ञों (Experts) की सेवा प्राप्त करने के लिए 'झारखण्ड विशेषज्ञ समिति के गठन एवं कार्य प्रणाली नियमावली, 2026' स्वीकृत की गई।
5. सामाजिक कल्याण, जन-सुविधाएं एवं अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
- PDS दुकानदारों को बड़ी राहत: राज्य की जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों में प्रयुक्त होने वाली इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनों के सत्यापन एवं मुहरांकन शुल्क से डीलरों को मुक्त करने के लिए झारखण्ड विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) नियमावली-2011 में आवश्यक संशोधन को मंजूरी दी गई।
- टेक होम राशन (THR) निविदा प्रक्रिया: मिशन सक्षम आँगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत टेक होम राशन (THR) में गुणवत्तापूर्ण सामग्री आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु निविदा प्रक्रिया और संबंधित नियमों में आंशिक शिथिलता प्रदान की गई।
- सुरक्षा एवं पुलिस व्यवस्था: राज्य के सभी थानों में CCTV कैमरों के अधिष्ठापन हेतु परामर्शी M/s Ernst & Young LLP (E&Y) के लंबित भुगतान के लिए ₹1.17 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
- आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति: चालू वित्तीय वर्ष में उग्रवादियों द्वारा प्रत्यर्पण हेतु प्रोत्साहन राशि मद में संभावित व्यय हेतु झारखण्ड आकस्मिकता निधि से ₹2.50 करोड़ की अग्रिम स्वीकृति दी गई।
- विशेष विधानसभा सत्र का आयोजन: षष्ठम झारखण्ड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान 25 और 26 नवंबर 2026 को सदन की विशेष बैठक आहूत किए जाने के प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद ने अपनी औपचारिक सहमति प्रदान की।
झारखण्ड कैबिनेट का बड़ा फैसला: स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और जन-कल्याण की 50 से अधिक योजनाओं पर लगी मुहर
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9:42:00 pm
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