रामगढ़: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज रजरप्पा में दामोदर और भैरवी नदियों के पवित्र संगम पर जाड़ंग बाहा तुपुनाई घाट पर अपनी दिवंगत माता स्व. रूपी सोरेन की अस्थियों का विसर्जन किया। पारंपरिक संताली रीति-रिवाजों, मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार पूरी श्रद्धा के साथ मुख्यमंत्री ने नम आंखों से अपनी माता को अंतिम विदाई दी और विधिवत रूप से अस्थियां प्रवाहित कीं।
इससे पहले, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पैतृक गांव नेमरा से गमगीन माहौल में अस्थि कलश लेकर रजरप्पा के प्रसिद्ध मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर पहुंचे। वहां दामोदर-भैरवी नदी के पवित्र संगम तट पर परगना बाबा जोगेश्वर सोरेन के नेतृत्व में मांझी बाबा बिन्दे सोरेन, लुगू गोडैत, सुरेन्द्र टुडू, पारानीक बाबा महावीर मुर्मू, सोमाय टुडू और जीतलाल मुर्मू जैसे स्थानीय गणमान्य लोगों की उपस्थिति में पारंपरिक संताली विधि-विधान संपन्न कराए गए। इस दौरान मुख्यमंत्री के परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
अस्थि विसर्जन और तमाम धार्मिक अनुष्ठानों को पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने परंपरा का निर्वहन करते हुए वहां मौजूद स्थानीय ग्रामीणों के बीच वस्त्रों का वितरण किया।
गौरतलब है कि इससे पहले 18 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री की दिवंगत माता स्व. रूपी सोरेन का संस्कार भोज उनके पैतृक गांव नेमरा में संपन्न हुआ था।
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4:19:00 pm
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