वरिष्ठ नागरिकों और किन्नर समाज के कर-कमलों से हुआ शुभारंभ, सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल पेश
रांची: शारदीय नवरात्रि के इस पावन अवसर पर राजधानी रांची के लाइट हाउस परिसर में ‘मातृ शक्ति दुर्गा पूजा समिति’ की ओर से आयोजित दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन इस वर्ष शहर का सबसे बड़ा और चर्चा का विषय बन गया है। परंपरा से हटकर समाज को एकजुटता, समानता और सम्मान का एक शक्तिशाली संदेश देते हुए समिति ने इस भव्य पंडाल का उद्घाटन देश और समाज के दो सबसे विशेष वर्गों—परिसर के आदरणीय वरिष्ठ नागरिकों और किन्नर समाज के प्रतिनिधियों—के कर-कमलों द्वारा करवाया। इस अनूठी पहल ने यह साबित कर दिया कि उत्सव केवल परंपरा का निर्वहन नहीं, बल्कि समाज के हर एक व्यक्ति को साथ लेकर चलने का नाम है।
भक्ति, परंपरा और सत्कार का भव्य संगम
उद्घाटन समारोह की शुरुआत बेहद गर्मजोशी और पारंपरिक संस्कृति के साथ हुई। कार्यक्रम में पहुंचे मुख्य अतिथियों का स्वागत पारंपरिक रूप से तिलक लगाकर और अंगवस्त्र भेंट करके किया गया।
पंडाल के पट खुलते ही किन्नर समाज के सदस्यों ने माँ दुर्गा के चरणों में शीश नवाया और पूरे लाइट हाउस परिसर तथा शहरवासियों के लिए सुख, समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और शांति की कामना की। वहीं, परिसर के बुजुर्गों ने समिति के इस प्रगतिशील और सराहनीय कदम पर दिल से खुशी जताई और संपूर्ण आयोजन की सफलता के लिए अपना भरपूर आशीर्वाद दिया।
इस अवसर पर लाइट हाउस परिसर के निवासियों का उत्साह और उमंग देखते ही बन रही थी। बच्चे, महिलाएं और युवा सभी इस ऐतिहासिक क्षण के गवाह बनने के लिए बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम में पूजा समिति के अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष समेत सभी वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य पूरी तन्मयता से जुटे रहे।
अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह के प्रेरणादायक विचार
समारोह को संबोधित करते हुए पूजा समिति के अध्यक्ष श्री राजेश कुमार सिंह ने कहा,
"माँ दुर्गा की आराधना असल में शक्ति, सृजन और मातृभाव का प्रतीक है। हमारा मुख्य उद्देश्य इस उत्सव के जरिए समाज की हर दीवार को गिराकर हर वर्ग को जोड़ना है। हमारे परिसर के बुजुर्ग हमारे परिवार की मजबूत नींव और हमारी अमूल्य धरोहर हैं, वहीं किन्नर समाज भी हमारे समाज का एक उतना ही अभिन्न और आदरणीय हिस्सा है। इन दोनों सम्मानित वर्गों के हाथों हमारी माँ दुर्गा के पंडाल का शुभारंभ होना हमारे लिए साधारण बात नहीं, बल्कि अत्यंत गर्व, सौभाग्य और ऐतिहासिक पल है।"
अध्यक्ष के इन शब्दों ने वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम और दिल गर्व से भर दिए। पंडाल परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
'जय माता दी' के नारों से गूंजा पूरा परिसर, महाप्रसाद का हुआ वितरण
उद्घाटन की औपचारिक घोषणा के साथ ही पूरे लाइट हाउस परिसर में 'जय माता दी' और 'या देवी सर्वभूतेषु' के जयकारे गूंज उठे। पूरा वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय और ऊर्जा से भर गया।
संध्याकालीन महाआरती के बाद उपस्थित सभी श्रद्धालुओं, अतिथियों और परिसर के निवासियों के बीच भव्य रूप से महाप्रसाद का वितरण किया गया।
पूजा समिति ने मीडिया से बात करते हुए जानकारी दी कि यह उद्घाटन केवल शुरुआत है। नवरात्रि के इन पूरे नौ पवित्र दिनों के दौरान लाइट हाउस परिसर में एक से बढ़कर एक धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी, जो आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक धरोहर को और मजबूत करेंगे।
सचिव कमलेश कुमार ने जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में समिति के सचिव कमलेश कुमार ने माइक संभालते हुए उद्घाटन समारोह में पधारे सभी आदरणीय अतिथियों, लाइट हाउस परिसर के सभी उत्साही निवासियों और इस ऐतिहासिक आयोजन को जन-जन तक पहुँचाने वाले सभी मीडिया बंधुओं के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
लाइट हाउस परिसर का यह पंडाल इस नवरात्रि सिर्फ एक पूजा स्थल नहीं, बल्कि इंसानियत, भाईचारे और सच्चे सामाजिक न्याय का एक चमकता हुआ प्रतीक बन चुका है।
Reviewed by PSA Live News
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5:12:00 pm
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