मधुबनी में भव्य ‘गंगा उत्सव’ संपन्न: लोकसंस्कृति, कला और पर्यावरण संरक्षण के अनूठे संगम से जगमगा उठा जीवछ नदी घाट
मधुबनी, 05 नवंबर 2026: जिला गंगा समिति एवं जिला प्रशासन, मधुबनी के संयुक्त तत्वावधान में जीवछ नदी घाट पर एक भव्य, ऐतिहासिक और प्रेरणादायी ‘गंगा उत्सव’ का आयोजन किया गया। इस विशाल आयोजन में लोकसंस्कृति, पारंपरिक कला, रचनात्मकता, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का एक अनूठा संगम देखने को मिला। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य न केवल मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाना था, बल्कि नई पीढ़ी के भीतर पर्यावरणीय चेतना जगाना और जलस्रोतों के संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का भाव पैदा करना था।
दीप प्रज्ज्वलन और स्वागत गान से हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आगाज
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ जिले के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर अपर समाहर्ता मुकेश रंजन, नगर आयुक्त उमेश कुमार भारती, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग नीतीश कुमार पाठक, जिला युवा अधिकारी अमरेन्द्र कुमार अमर और डीपीओ नमामि गंगे आनंद अंकित विशेष रूप से उपस्थित रहे।
उत्सव की शुरुआत शिवगंगा बालिका उच्च विद्यालय, मधुबनी और मनमोहन उच्च विद्यालय की संयुक्त टीम द्वारा प्रस्तुत एक अत्यंत मनमोहक स्वागत गान से हुई, जिसका संचालन मधु कुमारी के नेतृत्व में किया गया। इसके बाद, स्कूली छात्र-छात्राओं के बीच विभिन्न प्रकार की रचनात्मक और बौद्धिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें मूक अभिनय, लघु नाटिका, नृत्य, गायन, भाषण, निबंध और पेंटिंग प्रतियोगिताएं शामिल थीं, जिनमें बच्चों ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
मिथिला की लोक संस्कृति और सामाजिक सरोकारों की जीवंत प्रस्तुतियां
इस उत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण बिहार और विशेषकर मिथिला की पारंपरिक लोक संस्कृति को दर्शाने वाली प्रस्तुतियां रहीं।
- पारंपरिक लोकनृत्य: कार्यक्रम के दौरान जट-जटिन, सामा-चकेवा और डोमकच जैसे प्रसिद्ध और पारंपरिक लोकनृत्यों की शानदार प्रस्तुतियां दी गईं, जिसने वहां मौजूद सभी दर्शकों और अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
- सामाजिक विषयों पर नाटक: परकौली विद्यालय की छात्राओं ने स्वच्छता, नदी और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिलाओं के प्रति घरेलू हिंसा जैसे गंभीर और संवेदनशील सामाजिक विषयों पर आधारित मनमोहक एवं प्रभावशाली प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों से खूब तालियां बटोरीं।
विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट और सराहनीय प्रदर्शन करने वाले सफल प्रतिभागियों को जिला प्रशासन की ओर से प्रमाण पत्र, मेडल और शील्ड देकर सम्मानित किया गया, जिससे बच्चों का उत्साहवर्धन हुआ।
परिचर्चा और वक्ताओं के प्रेरक विचार
नवाचारी शिक्षक एवं गंगा मित्र पवन कुमार सिंह के कुशल संचालन में गंगा, उसकी सहायक नदियों और अन्य जलस्रोतों की सुरक्षा, स्वच्छता व संरक्षण को लेकर एक विस्तृत परिचर्चा का भी आयोजन किया गया।
- जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने अपने मुख्य संबोधन में कहा, "गंगा उत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन भर नहीं है, बल्कि यह नदियों और जलस्रोतों के प्रति हमारी जिम्मेदारी और सामूहिक चेतना को जागृत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। नदियां हमारी सभ्यता, संस्कृति और जीवन का मुख्य आधार हैं। इनका संरक्षण केवल प्रशासनिक स्तर पर संभव नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है। बच्चों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज के घर-घर तक पहुंचाया जा सकता है।"
- अपर समाहर्ता मुकेश रंजन ने विद्यार्थियों के सामाजिक दायित्वों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि छात्र-छात्राएं अपने परिवार और समाज में जागरूकता फैलाकर इस दिशा में एक बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
- नगर आयुक्त उमेश कुमार भारती ने स्वच्छता अभियान में युवाओं की भागीदारी के महत्व को समझाते हुए अपील की कि स्वच्छता को अपनी दैनिक आदत और जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाना जरूरी है। जनभागीदारी के बिना एक स्वच्छ और सुंदर शहर की कल्पना नहीं की जा सकती।
- उप विकास आयुक्त तुषार कुमार ने कहा कि प्राकृतिक विरासत और जलस्रोतों के प्रति नई पीढ़ी को संवेदनशील बनाने में ऐसे आयोजनों की भूमिका बेहद अहम होती है।
- डीपीओ नमामि गंगे आनंद अंकित ने स्वागत भाषण और समापन वक्तव्य में कहा कि 'नमामि गंगे' का मूल उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से नदियों की स्वच्छता और संरक्षण को एक व्यापक जनआंदोलन का रूप देना है।
जीवछ नदी घाट पर भव्य गंगा आरती और दीपोत्सव का अलौकिक दृश्य
कार्यक्रम का दूसरा और सबसे आकर्षक चरण ऐतिहासिक जीवछ नदी घाट पर संपन्न हुआ।
- भव्य दीपोत्सव: घाट पर उपस्थित शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने मिलकर संपूर्ण नदी घाट और उसकी सीढ़ियों को हजारों दीपों से बेहद कलात्मक और आकर्षक ढंग से सजाया। दीपों की रोशनी से जगमगाता हुआ यह घाट अत्यंत अलौकिक और विहंगम प्रतीत हो रहा था।
- गंगा आरती एवं भजन: शिवम कुमार के नेतृत्व में कलाकारों की एक समर्पित टीम ने सुरीले भजनों, कीर्तनों और गंगा स्तुतियों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिससे पूरा घाट परिसर पूरी तरह से भक्तिमय और ऊर्जावान हो गया।
- विशेष आकर्षण: जिला गंगा समिति द्वारा बनाए गए विशेष सेल्फी प्वाइंट पर युवाओं और आगंतुकों में सेल्फी लेने को लेकर भारी उत्साह देखा गया। इसके साथ ही, गंगा मित्रों द्वारा 'गंगा उत्सव' एवं 'नमामि गंगे' की थीम पर बनाई गई आकर्षक और रंग-बिरंगी रंगोली ने भी सबका विशेष ध्यान खींचा।
- हवन और सामूहिक संकल्प: स्थानीय पुरोहित के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भव्य गंगा हवन संपन्न हुआ। इस दौरान उपस्थित सभी नागरिकों, अधिकारियों और विद्यार्थियों ने मां गंगा सहित अन्य सभी जलस्रोतों को हमेशा स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाए रखने के लिए सामूहिक रूप से संकल्प लिया।
आयोजन की सफलता में योगदान
इस विराट और सफल आयोजन को जमीन पर उतारने में प्रधान लिपिक रमन प्रसाद सिंह, संतोष कुमार पासवान, शिक्षक शिव कुमार, अवनीश कुमार, कुमारी पुष्पम, डॉ. मीनाक्षी, मधु कुमारी, प्रेरणा कुमारी, दीक्षा, सन्नी, सुभाष कुमार कामत, मनीष कर्ण सहित तमाम गंगा मित्रों और प्रशासनिक टीम के सदस्यों ने अपनी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह ‘गंगा उत्सव’ मधुबनी जिले के इतिहास में पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक पुनरुत्थान और सामाजिक सहभागिता का एक मील का पत्थर साबित हुआ, जिसने यह संदेश दिया कि जब प्रशासन और समाज मिलकर कदम बढ़ाते हैं, तो सकारात्मक बदलाव निश्चित रूप से संभव होता है।
Reviewed by PSA Live News
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8:19:00 am
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