रसोई गैस की किल्लत से मंदिर-आश्रम की सेवा व्यवस्था प्रभावित, सैकड़ों श्रद्धालुओं के भंडारे पर पड़ सकता है असर
रांची : शहर के पुंदाग स्थित श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवाधाम, श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर एवं सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में इन दिनों रसोई गैस की कमी के कारण सेवा कार्यों के संचालन में परेशानी उत्पन्न हो गई है। मंदिर और आश्रम का संचालन परमहंस हिंदु रत्न से अलंकृत डॉ. संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के सानिध्य में एम.आर.एस. श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और जरूरतमंदों के लिए भोजन की व्यवस्था होती है।
ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने जानकारी देते हुए बताया कि मंदिर परिसर में प्रतिदिन निःशुल्क वेजिटेबल खिचड़ी का भंडारा आयोजित किया जाता है, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं। इसके अलावा विगत पाँच वर्षों से प्रत्येक रविवार को अन्नपूर्णा महाप्रसाद भंडारा का भी आयोजन किया जाता है, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु भोजन करते हैं।
उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर स्थित सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में रहने वाले 50 से अधिक निराश्रित प्रभुजनों को प्रतिदिन तीनों समय भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ ही आश्रम में सेवा दे रहे लगभग 30 से अधिक सेवादारों के भोजन की व्यवस्था भी यहीं से होती है। ऐसे में रसोई गैस की नियमित आपूर्ति बाधित होने से पूरे सेवा कार्य पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
संजय सर्राफ ने कहा कि गैस सिलेंडरों की कमी के कारण रसोई संचालन में कठिनाई हो रही है, जिससे भंडारा और दैनिक भोजन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उन्होंने संबंधित विभाग और गैस आपूर्ति से जुड़ी एजेंसियों से आग्रह किया कि मंदिर-आश्रम में चल रहे इस महत्वपूर्ण सेवा कार्य को देखते हुए रसोई गैस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं और निराश्रित लोगों के भोजन की व्यवस्था निर्बाध रूप से जारी रह सके।
उन्होंने बताया कि यदि स्थिति में शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो ट्रस्ट को वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में पारंपरिक चूल्हे का सहारा लेने पर भी विचार करना पड़ सकता है। हालांकि ट्रस्ट का प्रयास है कि सेवा कार्य किसी भी स्थिति में बाधित न हो और जरूरतमंदों तक भोजन की व्यवस्था निरंतर जारी रहे।
ट्रस्ट के पदाधिकारियों का कहना है कि यह मंदिर और आश्रम न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सामाजिक सेवा का भी एक बड़ा माध्यम है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों लोगों को भोजन और आश्रय उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में रसोई गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है, ताकि मानव सेवा का यह कार्य निर्बाध रूप से चलता रहे।
Reviewed by PSA Live News
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8:12:00 pm
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