रांची नगर निगम में 43.35% तो बुंडू नगर पंचायत में 74.10% मतदान दर्ज
रांची। झारखंड की राजधानी रांची सहित पूरे राज्य में नगर निकाय चुनाव छिटपुट घटनाओं के बीच कुल मिलाकर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें देखी गईं। हालांकि कुछ स्थानों पर मतदान केंद्र बदलने, फर्जी मतदान और झड़प जैसी घटनाओं ने माहौल को आंशिक रूप से प्रभावित किया, लेकिन प्रशासन की तत्परता से स्थिति नियंत्रण में रही।
दिग्गज हस्तियों ने किया मतदान, जनता से की अपील
राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर पहुंचकर मतदान किया और कहा कि नगर निकाय चुनाव स्थानीय विकास की दिशा तय करते हैं, इसलिए प्रत्येक मतदाता को अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करना चाहिए।
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने भी मतदान कर लोकतंत्र को सशक्त बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती जनभागीदारी से ही संभव है।
वहीं राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने मतदान प्रक्रिया की निगरानी की और नागरिकों से निर्भीक होकर मतदान करने की अपील की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चुनाव पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराया जा रहा है।
मतदान प्रतिशत: शहरी उदासीनता बनाम ग्रामीण उत्साह
राजधानी स्थित रांची नगर निगम क्षेत्र में कुल 43.35 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यह प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहा, जिससे शहरी मतदाताओं की भागीदारी पर सवाल उठ रहे हैं।
दूसरी ओर बुंडू नगर पंचायत में 74.10 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यहां महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
इस बार बैलेट पेपर से मतदान
इस चुनाव में ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से मतदान कराया गया। कई केंद्रों पर प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीमी रही, जिससे कतारें लंबी हो गईं। हालांकि प्रशासन ने अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती कर व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा।
मतदान केंद्र बदलने से परेशानी
कई वार्डों से शिकायतें मिलीं कि मतदान केंद्रों में बदलाव की जानकारी समय पर नहीं मिल पाई। परिणामस्वरूप मतदाता एक केंद्र से दूसरे केंद्र तक भटकते रहे। कुछ लोग दूरी अधिक होने के कारण मतदान नहीं कर सके।
मतदाताओं ने भविष्य में स्पष्ट और समयबद्ध सूचना व्यवस्था की मांग की है।
वार्ड नंबर 34 में फर्जी मतदान का आरोप
रांची नगर निगम के वार्ड नंबर 34 स्थित विद्यानगर के डीएवी स्वर्णरेखा मतदान केंद्र पर कई मतदाताओं ने शिकायत की कि उनके पहुंचने से पहले ही उनके नाम पर वोट डाला जा चुका था।
शिकायत के बाद प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू की। पुलिस ने एक महिला और एक नाबालिग सहित कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया, जो कथित रूप से दूसरे के नाम पर मतदान करने पहुंचे थे। मामले की जांच जारी है।
प्रत्याशियों के आरोप-प्रत्यारोप
वार्ड 34 की पार्षद प्रत्याशी किरण कुमारी ने आरोप लगाया कि उनके कई समर्थकों को यह कहकर बूथ से लौटा दिया गया कि उनका वोट पहले ही डाला जा चुका है। उन्होंने इसे सुनियोजित फर्जी मतदान बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
वहीं दूसरी प्रत्याशी सुमन कुमारी के साथ कथित रूप से धक्का-मुक्की और मारपीट की घटना सामने आई। उनकी सहयोगी संजना शर्मा के साथ भी मारपीट की सूचना है। स्थानीय लोगों और पुलिस के हस्तक्षेप से मामला शांत कराया गया।
प्रशासन का दावा
जिला प्रशासन ने कहा कि अधिकांश स्थानों पर मतदान शांतिपूर्ण रहा। संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात था और जहां भी शिकायतें मिलीं, तत्काल कार्रवाई की गई।
अब सभी की निगाहें मतगणना पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि नगर निकायों की कमान किसके हाथ में जाएगी। लोकतंत्र के इस महापर्व में जहां ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह चरम पर रहा, वहीं शहरी क्षेत्रों में कम मतदान प्रतिशत चिंतन का विषय बना हुआ है।
Reviewed by PSA Live News
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11:16:00 pm
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