अफवाह की भेंट चढ़ी बेगुनाह महिला: बच्चा चोरी के शक में भीड़ ने विक्षिप्त महिला को पीट-पीटकर मार डाला
गुमला। झारखंड के गुमला जिले में अफवाह और भीड़ की हिंसा ने एक बेगुनाह महिला की जान ले ली। बिशुनपुर थाना क्षेत्र के लबगा गांव में बच्चा चोरी के संदेह में ग्रामीणों की भीड़ ने एक विक्षिप्त महिला को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर समाज में फैलती अफवाहों और भीड़ की मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृत महिला पिछले कुछ समय से इलाके में इधर-उधर भटकती हुई देखी जा रही थी। ग्रामीणों के मुताबिक महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रही थी और गांव के आसपास घूमती रहती थी। रविवार को अचानक गांव में यह अफवाह फैल गई कि उक्त महिला बच्चा चुराने के इरादे से इलाके में घूम रही है।
अफवाह फैलते ही कुछ लोगों ने बिना किसी पुष्टि या जांच के महिला को पकड़ लिया और उस पर हमला कर दिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग वहां इकट्ठा हो गए और भीड़ ने महिला पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। भीड़ की पिटाई से महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और घटनास्थल पर ही उसने दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही बिशुनपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल मृत महिला की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में उसकी पहचान कराने की कोशिश कर रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। घटनास्थल और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि हमलावरों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर भरोसा न करें और कानून को अपने हाथ में लेने से बचें। अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी संदिग्ध व्यक्ति के बारे में जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि उचित कार्रवाई की जा सके।
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ वर्षों में बच्चा चोरी की अफवाहों के कारण देश के कई हिस्सों में भीड़ द्वारा हिंसा की घटनाएं सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया और अफवाहों के कारण ऐसी घटनाएं तेजी से फैलती हैं, जिससे निर्दोष लोग भी भीड़ के गुस्से का शिकार हो जाते हैं।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अफवाहों के आधार पर किसी की जान लेना किस तरह समाज में बढ़ती असहिष्णुता और कानून के प्रति अविश्वास को दर्शाता है। पुलिस प्रशासन और समाज के जागरूक लोगों का मानना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जनजागरूकता और कानून के सख्त पालन की बेहद आवश्यकता है।
Reviewed by PSA Live News
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8:20:00 am
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