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खग्रास चन्द्रग्रहण पर दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में विशेष पूजोपचार, अगले दिन हर्षोल्लास से मनाया गया रंगोत्सव


राँची। 
दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में 03 मार्च, मंगलवार को खग्रास चन्द्रग्रहण के अवसर पर वैदिक परंपराओं और आचार-संहिताओं का पूर्ण पालन करते हुए विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। ग्रहण के नौ घंटे पूर्व से सूतक प्रभाव प्रारंभ होने के कारण प्रातः 6:20 बजे से सूतक मान्य किया गया। इससे पूर्व प्रातः 4:00 बजे ही परात्पर ब्रह्म, अखिलाण्ड कोटि ब्रह्माण्ड नायक श्री तिरुपति बालाजी के दैनिक पूजन, तिरूवाराधनम् और विधिवत आराधना संपन्न कर ली गई।

मंदिर के अर्चकों द्वारा नक्षत्र, कुंभ एवं कर्पूर की थालियों के साथ वैदिक मंत्रोच्चारण करते हुए क्रमवार महाआरती की गई। इसके पश्चात भगवान को राजभोग नैवेद्य अर्पित किया गया, जिसमें खीर, चपाती, भात, दाल, दही, मटर पनीर, छोला पनीर, आलूदम, शुद्ध घी और पापड़ सहित विभिन्न व्यंजन सम्मिलित थे। भक्ति एवं श्रद्धा के वातावरण में श्रीस्तुति, भूस्तुति, गोदास्तुति, वेंकटेश स्तोत्रम्, श्रीनिवास गद्यम्, सुदर्शनाष्टकम्, गरूड़दण्डकम्, पल्लाण्डु तथा शातुमोरा का सामूहिक स्तवन किया गया।

इसके उपरांत तदियाराधन (गुरु परंपरा) मंत्रों के साथ गोष्ठी आयोजित हुई तथा शठारी और तीर्थ-प्रसाद का वितरण किया गया। अनेकानेक उपचार-प्रत्युपचार एवं पूजोपचार पूर्ण होने के पश्चात प्रातः 6:20 बजे मंदिर के पट विधिवत बंद कर दिए गए।

ग्रहण समाप्ति के उपरांत रात्रि 6:47 बजे मंदिर के अर्चक एवं परिचारकगण स्नानादि से शुद्ध होकर संपूर्ण मंदिर परिसर की धुलाई एवं सफाई में जुट गए। तत्पश्चात भगवान श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर एवं भगवती महालक्ष्मी सहित सभी प्रतिष्ठापित विग्रहों का महाभिषेक संपन्न हुआ। दिव्य वस्त्राभूषणों से सुसज्जित कर देर रात्रि तक पुनः आराधना, महाआरती, महाभोग एवं महास्तुति का भव्य आयोजन किया गया। पूरे वातावरण में वैदिक मंत्रों की गूंज और भक्ति भाव का अद्भुत संगम देखने को मिला।

04 मार्च, बुधवार को दैनिक पूजोपचार के पश्चात प्रातः 7:00 बजे से मंदिर परिसर में भगवान श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर के साथ रंगोत्सव मनाया गया। केसर, चंदन एवं गुलाल अर्पित कर भक्तों ने उल्लासपूर्वक उत्सव में भाग लिया। दर्शनार्थियों का भगवान को समर्पित पावन रंग एवं गुलाल से स्वागत किया गया। भक्तों ने भगवान श्रीमन्नारायण का दुर्लभ आशीर्वाद प्राप्त कर स्वयं को धन्य अनुभव किया।

इस प्रकार खग्रास चन्द्रग्रहण के अवसर पर शास्त्रोक्त विधि से संपन्न अनुष्ठानों और अगले दिन रंगोत्सव के आयोजन ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा, उल्लास और भक्ति के दिव्य अनुभव से अभिभूत कर दिया।

खग्रास चन्द्रग्रहण पर दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में विशेष पूजोपचार, अगले दिन हर्षोल्लास से मनाया गया रंगोत्सव खग्रास चन्द्रग्रहण पर दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में विशेष पूजोपचार, अगले दिन हर्षोल्लास से मनाया गया रंगोत्सव Reviewed by PSA Live News on 6:16:00 pm Rating: 5

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