पार्ट टाइम जॉब फ्रॉड से खुला देशव्यापी ठगी का जाल, दुबई और ब्रिटेन तक जुड़े गिरोह के तार; 5 बैंक कर्मचारियों समेत 10 आरोपी गिरफ्तार
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस के साइबर थाना (सेंट्रल जिला) की टीम ने साइबर अपराध की दुनिया में सक्रिय एक बड़े म्यूल बैंक अकाउंट नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए करीब ₹70 करोड़ के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से जुड़े गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस की यह कार्रवाई एक मामूली दिखने वाले ₹10,000 के पार्ट टाइम जॉब फ्रॉड की जांच से शुरू हुई, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर देशभर में फैले एक संगठित साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा हुआ।
पुलिस ने इस मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 5 बैंक कर्मचारी भी शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के तार भारत के कई राज्यों के अलावा दुबई और यूनाइटेड किंगडम (यूके) तक जुड़े हुए थे।
156 साइबर अपराध शिकायतों से जुड़ा नेटवर्क
दिल्ली पुलिस के अनुसार, तकनीकी सर्विलांस, बैंक खातों की गहन जांच और डिजिटल ट्रांजैक्शन की ट्रेसिंग के माध्यम से इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया गया। जांच के दौरान पता चला कि गिरोह ने फर्जी दस्तावेजों और गलत पहचान के आधार पर बड़ी संख्या में बैंक खाते खुलवाए थे, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था।
अब तक की जांच में इस गिरोह से जुड़े 19 राज्यों में दर्ज 156 साइबर अपराध शिकायतों का पता लगाया जा चुका है। पुलिस को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर ठगी के मामलों और पीड़ितों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।
248 बैंक खातों से खुला ठगी का पूरा खेल
पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर बड़ी मात्रा में डिजिटल और भौतिक साक्ष्य बरामद किए गए हैं। इनमें—
- 248 बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज
- 38 सिम कार्ड
- 22 मोबाइल फोन
- 28 फर्जी कंपनियों की मोहरें
- 55 क्रेडिट/डेबिट कार्ड
- ₹1 लाख नकद
- एक कार
शामिल हैं।
कैसे चलता था म्यूल अकाउंट का खेल
जांच में सामने आया कि गिरोह साइबर ठगी से हासिल रकम को सीधे अपने खातों में लेने के बजाय अलग-अलग लोगों के नाम पर खोले गए म्यूल बैंक अकाउंट्स में जमा करवाता था। इसके बाद रकम को कई स्तरों पर ट्रांसफर कर अपराधियों तक पहुंचाया जाता था, ताकि जांच एजेंसियों को असली लाभार्थियों तक पहुंचने में मुश्किल हो।
गिरोह के सदस्य लोगों को पार्ट टाइम नौकरी, ऑनलाइन निवेश, डिजिटल टास्क और अन्य आकर्षक ऑफर का लालच देकर ठगी करते थे। ठगी की रकम को छिपाने के लिए फर्जी कंपनियों, बैंक खातों और सिम कार्ड का इस्तेमाल किया जाता था।
बैंक कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच
पुलिस ने इस मामले में बैंक कर्मचारियों की संलिप्तता को गंभीरता से लेते हुए उनकी भूमिका की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आरोप है कि कुछ बैंक कर्मचारियों ने संदिग्ध खातों को खोलने और दस्तावेजों की प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की।
साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता
दिल्ली पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस टीम अब गिरोह के अन्य सदस्यों, विदेशी कनेक्शन और ठगी की पूरी रकम के प्रवाह की जांच कर रही है।
यह कार्रवाई साइबर अपराध के बढ़ते नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिसमें तकनीकी जांच और बैंकिंग डेटा के विश्लेषण के जरिए अपराधियों तक पहुंच बनाई गई।
Reviewed by PSA Live News
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9:32:00 pm
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