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झारखंड सरकार–बीआईटी मेसरा की ऐतिहासिक पहल: 850 एससी, एसटी एवं ओबीसी छात्रों को हर वर्ष मिलेगी नि:शुल्क तकनीकी शिक्षा

10 वर्षों में ₹79.40 करोड़ खर्च करेगी सरकार, शिक्षण, छात्रावास और भोजन की पूरी व्यवस्था होगी मुफ्त; आर्थिक तंगी अब नहीं बनेगी प्रतिभा की राह में बाधा


राँची, 28 जुलाई 2026। 
झारखंड में सामाजिक न्याय और गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा को नई दिशा देने की दिशा में मंगलवार को एक ऐतिहासिक पहल हुई। झारखंड सरकार के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं आदिम जनजाति कल्याण विभाग तथा यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक, बीआईटी मेसरा के बीच प्रोजेक्ट भवन, राँची में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय तकनीकी शिक्षा पूर्णतः नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

यह समझौता झारखंड सरकार की उस सोच को साकार करता है, जिसके तहत राज्य के दूर-दराज़ के गाँवों, वन क्षेत्रों और पिछड़े इलाकों में रहने वाले प्रतिभाशाली युवाओं को भी देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में शिक्षा प्राप्त करने का समान अवसर मिलेगा। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी योग्य छात्र की आर्थिक स्थिति उसकी शिक्षा और भविष्य की राह में बाधा नहीं बनेगी।

इस महत्वाकांक्षी योजना को झारखंड सरकार के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री चमरा लिंडा चमरा लिंडा के विशेष मार्गदर्शन और निरंतर सहयोग से अंतिम रूप दिया गया है।

सरकार उठाएगी 85 प्रतिशत खर्च, 850 छात्रों को मिलेगा पूरा लाभ

समझौते के अनुसार झारखंड सरकार अगले दस वर्षों में इस योजना पर ₹79.40 करोड़ (₹7,939.63 लाख) खर्च करेगी। सरकार यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक के कुल आवर्ती व्यय का 85 प्रतिशत वहन करेगी। इसके परिणामस्वरूप प्रतिवर्ष 850 विद्यार्थियों को नि:शुल्क तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ छात्रावास और मेस की सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जाएँगी।

योजना का लाभ केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगा जिनका चयन पूरी तरह मेधा के आधार पर होगा तथा जिनके परिवार की वार्षिक आय ₹2.50 लाख से कम होगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा का मार्ग और अधिक सुलभ होगा।

एमओयू पर इन अधिकारियों ने किए हस्ताक्षर

समारोह में कल्याण विभाग के सचिव के. एन. झा के. एन. झा, जिन्हें इस पहल का प्रमुख सूत्रधार माना जा रहा है, तथा संयुक्त सचिव जावेद अनवर इदरीसी जावेद अनवर इदरीसी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

बीआईटी मेसरा की ओर से कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना इंद्रनील मन्ना, कुलसचिव डॉ. राजेश जैन, डीन एकेडमिक डॉ. मनीष कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक का प्रतिनिधित्व निदेशक डॉ. विजया लक्ष्मी, सहायक कुलसचिव सौरभ प्रसाद तथा वरिष्ठ संकाय सदस्यों ने किया।

औपचारिक रूप से एमओयू पर झारखंड सरकार की ओर से संयुक्त सचिव जावेद अनवर इदरीसी तथा यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक, बीआईटी मेसरा की निदेशक डॉ. विजया लक्ष्मी ने हस्ताक्षर किए।

बीआईटी मेसरा ने सरकार को दिया परिसर भ्रमण का निमंत्रण

समारोह के दौरान कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना ने यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक की उपलब्धियों और विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कल्याण मंत्री, सचिव और संयुक्त सचिव को बीआईटी मेसरा स्थित यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक परिसर का दौरा करने का आमंत्रण भी दिया, ताकि भविष्य की योजनाओं को और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।

कुलपति बोले—प्रतिभा हर गाँव में है, जरूरत अवसर देने की

इस अवसर पर कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना ने कहा कि बीआईटी मेसरा पिछले सात दशकों से शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देता आ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा किसी शहर या संपन्न परिवार तक सीमित नहीं होती, बल्कि राज्य के हर गाँव और हर समुदाय में मौजूद है। आवश्यकता केवल उसे उचित अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने की है। उन्होंने विश्वास जताया कि झारखंड सरकार के साथ यह साझेदारी हजारों युवाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी और राज्य को कुशल तकनीकी मानव संसाधन उपलब्ध कराएगी।

भविष्य में बढ़ेंगी सीटें, शुरू होंगे नए व्यावसायिक पाठ्यक्रम

एमओयू के तहत केवल वर्तमान व्यवस्था को ही मजबूत नहीं किया जाएगा, बल्कि आने वाले वर्षों में यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक की सीट क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। साथ ही आईटीआई ट्रेड्स सहित विभिन्न रोजगारपरक एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की शुरुआत की जाएगी, जिससे विद्यार्थियों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण मिल सके।

नए छात्रावास और शैक्षणिक भवन भी बनेंगे

झारखंड सरकार ने यह भी घोषणा की है कि यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक परिसर में नए छात्रावास ब्लॉक, आधुनिक शैक्षणिक भवन और अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का निर्माण कराया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रत्येक छात्र को सुरक्षित, आधुनिक और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी प्रतिभा का पूर्ण विकास कर सकें।

शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि झारखंड सरकार और बीआईटी मेसरा के बीच हुआ यह समझौता राज्य के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा। इससे विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने का सुनहरा अवसर मिलेगा। यह पहल न केवल सामाजिक समानता को मजबूत करेगी, बल्कि झारखंड को तकनीकी रूप से दक्ष, आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

झारखंड सरकार–बीआईटी मेसरा की ऐतिहासिक पहल: 850 एससी, एसटी एवं ओबीसी छात्रों को हर वर्ष मिलेगी नि:शुल्क तकनीकी शिक्षा झारखंड सरकार–बीआईटी मेसरा की ऐतिहासिक पहल: 850 एससी, एसटी एवं ओबीसी छात्रों को हर वर्ष मिलेगी नि:शुल्क तकनीकी शिक्षा Reviewed by PSA Live News on 10:24:00 pm Rating: 5

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