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स्टार्टअप की उड़ान को मिली नई दिशा: जीईसी मधुबनी में 'पिच डेक प्रिपरेशन' कार्यशाला, विशेषज्ञों ने सिखाए निवेशकों को प्रभावित करने के गुर

स्टार्टअप बिहार और उद्योग विभाग के सहयोग से आयोजित कार्यशाला में विद्यार्थियों व नवोदित उद्यमियों को नवाचार, निवेश और उद्यमिता के व्यावहारिक पहलुओं की दी गई विस्तृत जानकारी



मधुबनी, 28 जुलाई 2026। 
राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय (GEC), मधुबनी के स्टार्टअप सेल द्वारा स्टार्टअप बिहार, उद्योग विभाग, बिहार सरकार के सहयोग से मंगलवार को "पिच डेक प्रिपरेशन" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं नवोदित उद्यमियों को अपने स्टार्टअप विचारों को निवेशकों के समक्ष प्रभावी, आकर्षक एवं पेशेवर तरीके से प्रस्तुत करने की तकनीकों से परिचित कराना था, ताकि वे अपने नवाचारों को सफल व्यवसाय में परिवर्तित कर सकें।

कार्यशाला में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं नवोदित उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में केवल एक अच्छा आइडिया पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे सही रणनीति और प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से निवेशकों तक पहुँचाना भी उतना ही आवश्यक है।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता प्रो. प्रिया नाथ, फैकल्टी, सी.आई.एम.पी. तथा कार्यकारी निदेशक, TiE Patna रहीं। उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि किसी भी स्टार्टअप की सफलता में एक प्रभावशाली पिच डेक (Pitch Deck) की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने विस्तार से समझाया कि एक सफल पिच डेक में समस्या की पहचान, उसके समाधान की स्पष्ट रणनीति, बाजार की संभावनाएं, बिजनेस मॉडल, वित्तीय योजना, टीम की क्षमता, प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त तथा भविष्य की विकास योजनाओं को किस प्रकार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने अपने अनुभवों और वास्तविक स्टार्टअप उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को निवेशकों की अपेक्षाओं और प्रस्तुति की बारीकियों से भी अवगत कराया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राणा प्रताप सिंह ने विद्यार्थियों को पारंपरिक रोजगार की सोच से आगे बढ़कर उद्यमिता और नवाचार को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज का युवा यदि अपनी तकनीकी दक्षता और रचनात्मक सोच का सही उपयोग करे तो वह न केवल स्वयं रोजगार सृजित कर सकता है, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर उपलब्ध करा सकता है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में युवाओं की नवाचारी सोच और स्टार्टअप संस्कृति की महत्वपूर्ण भूमिका है।

स्टार्टअप सेल के फैकल्टी इंचार्ज प्रो. शशांक सौरभ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि महाविद्यालय का स्टार्टअप सेल ऐसे सभी छात्रों के लिए एक मजबूत मंच है, जिनके पास नए और उपयोगी विचार हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान विद्यार्थियों को मेंटरशिप, तकनीकी मार्गदर्शन, परियोजना विकास तथा स्टार्टअप स्थापित करने की दिशा में हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे समाज की वास्तविक समस्याओं की पहचान कर तकनीक आधारित समाधान विकसित करें तथा सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे विभिन्न अवसरों का अधिकतम लाभ उठाएं।

कार्यक्रम में कुमार हार्दिक, जिला स्टार्टअप कॉर्डिनेटर, मधुबनी ने प्रतिभागियों को निवेशकों के समक्ष प्रभावशाली प्रस्तुति (Pitching) के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एक सशक्त और सुव्यवस्थित पिच किसी भी स्टार्टअप को निवेश, मेंटरशिप और व्यावसायिक सहयोग दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाती है। उन्होंने बिहार स्टार्टअप नीति-2022 के अंतर्गत उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं, जैसे इन्क्यूबेशन, मेंटरशिप, वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा अन्य प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिला उद्योग केंद्र, मधुबनी के महाप्रबंधक अमित विक्रम भारद्वाज ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कहा कि उद्योग विभाग बिहार में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग विभिन्न एमएसएमई योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, वित्तीय सहायता एवं परामर्श सेवाओं के माध्यम से युवाओं और उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान कर रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिला उद्योग केंद्र, मधुबनी भविष्य में भी प्रत्येक उद्यमी को सरकारी योजनाओं और नीतियों का लाभ दिलाने के लिए सदैव तत्पर रहेगा।

कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे और स्टार्टअप से जुड़े अपने विचार साझा किए। विशेषज्ञों ने उनके प्रश्नों का व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करते हुए उन्हें अपने नवाचारों को व्यवसायिक रूप देने के लिए प्रेरित किया।

पूरे कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, नवाचार और उद्यमिता की भावना से ओत-प्रोत रहा। प्रतिभागियों ने इस कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें स्टार्टअप की दुनिया, निवेशकों की अपेक्षाओं तथा सफल प्रस्तुति की कला को समझने का महत्वपूर्ण अवसर मिला। यह कार्यशाला न केवल विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में सफल रही, बल्कि उनके नवाचारों को भविष्य के सफल स्टार्टअप में बदलने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी पहल साबित हुई।

स्टार्टअप की उड़ान को मिली नई दिशा: जीईसी मधुबनी में 'पिच डेक प्रिपरेशन' कार्यशाला, विशेषज्ञों ने सिखाए निवेशकों को प्रभावित करने के गुर स्टार्टअप की उड़ान को मिली नई दिशा: जीईसी मधुबनी में 'पिच डेक प्रिपरेशन' कार्यशाला, विशेषज्ञों ने सिखाए निवेशकों को प्रभावित करने के गुर Reviewed by PSA Live News on 10:13:00 pm Rating: 5

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