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भक्तिमय वातावरण में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई श्रीगुरु पूर्णिमा, श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में हुए भव्य धार्मिक अनुष्ठान



राँची।
पहाड़ी मंदिर के समीप स्थित दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में बुधवार को श्रीवैष्णव परंपरा के अनुरूप श्रद्धा, भक्ति और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ श्रीगुरु पूर्णिमा महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मंदिर परिसर पूरे दिन वैदिक मंत्रोच्चार, स्तोत्र-पाठ और भगवान के जयघोष से भक्तिमय बना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर के दर्शन कर गुरु परंपरा का वंदन किया तथा पूजा-अर्चना में भाग लेकर आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया।

गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रातःकाल अखिल विश्व के आराध्य भगवान श्रीतिरुपति बालाजी का विशेष पूजन एवं तिरूवाराधना संपन्न हुई। धार्मिक एवं वैदिक विधि-विधान के अनुसार दिग्वन्धन, अग्नि मुद्रा, चक्रमुद्रा तथा अन्य वैदिक उपचारों के साथ भगवान की आराधना की गई। इसके पश्चात भगवान श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर एवं दिव्य दम्पति को सूजी का हलवा, ताजे फल एवं मेवों का बालभोग अर्पित किया गया।

पूजन के उपरांत नक्षत्र, कुंभ एवं कर्पूर से भव्य महाआरती संपन्न हुई। इस दौरान श्रुति, स्मृति, उपनिषद तथा देशिक स्तोत्रों की उत्कृष्ट ऋचाओं एवं वैदिक मंत्रों के साथ भगवान की महास्तुति एवं मंगल प्रार्थना की गई। मंदिर में गूंजते वैदिक मंत्रों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भगवद्-भागवत परंपरा का निर्वहन करते हुए वैकुण्ठवासी परमहंस जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्रीस्वामी भगवानदासाचार्य जी महाराज की श्रीमूर्ति तथा उनके कृपापात्र जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्रीस्वामी अनिरुद्धाचार्य जी महाराज के चित्रपट का विधिवत पूजन एवं वंदन किया गया। इस अवसर पर सभी श्रद्धालुओं ने एक स्वर में गुरु परंपरा का प्रसिद्ध श्लोक—

"लक्ष्मीनाथ समारम्भां नाथयामुन मध्यमाम्।
अस्मदाचार्य पर्यन्तां वन्दे गुरु परम्पराम्।।"

का श्रद्धापूर्वक पाठ कर गुरु परंपरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।

आचार्य परंपरा के अनुसार सभी प्राचीन पूर्वाचार्यों की स्तुति एवं वंदना की गई। इसके पश्चात श्रीसूक्त, पुरुषसूक्त एवं श्रीविष्णु सहस्रनाम का सामूहिक पाठ हुआ। अंत में भगवान की आरती कर फल, मिष्ठान्न एवं अन्य नैवेद्य अर्पित किए गए तथा उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।

इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान का संचालन पंडित श्यामानंद झा, श्री सत्यनारायण गौतम, श्री गोपेश आचार्य एवं श्री नारायण दास जी ने वैदिक विधि-विधान एवं संकल्प के साथ संपन्न कराया। कार्यक्रम में मंदिर संचालन समिति के कार्यकारी अध्यक्ष श्री राम अवतार नारसरिया सहित बड़ी संख्या में गुरु भाई, श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित रहे।

गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अनुपम संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने अपने गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त कर समाज में सदाचार, सेवा, धर्म एवं सनातन मूल्यों के संरक्षण का संकल्प लिया।

भक्तिमय वातावरण में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई श्रीगुरु पूर्णिमा, श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में हुए भव्य धार्मिक अनुष्ठान भक्तिमय वातावरण में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई श्रीगुरु पूर्णिमा, श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में हुए भव्य धार्मिक अनुष्ठान Reviewed by PSA Live News on 7:50:00 pm Rating: 5

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