रांची से बड़ी खबर : जेपीएससी–जेएसएससी परीक्षा विवाद पर छात्र आंदोलन उग्र, आमरण अनशन ने बढ़ाई सरकार की चिंता
रांची। झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक, नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता और पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। राजधानी के अल्बर्ट एक्का चौक स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा सत्याग्रह लगातार व्यापक होता जा रहा है और अब यह केवल छात्रों का विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि राज्य की भर्ती व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवालों का प्रतीक बन गया है।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल (आमरण अनशन) शुरू कर दी है। अनशन के कई दिन बीत जाने के बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति लगातार कमजोर होती बताई जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार लंबे समय तक भोजन नहीं लेने के कारण शरीर में कमजोरी, रक्तचाप में उतार-चढ़ाव और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं सामने आ रही हैं।
राज्य सरकार ने उनकी बिगड़ती तबीयत को देखते हुए डॉक्टरों की एक विशेष टीम को लगातार स्वास्थ्य जांच और निगरानी के लिए तैनात किया है। चिकित्सक नियमित अंतराल पर उनका ब्लड प्रेशर, शुगर, ऑक्सीजन स्तर और अन्य आवश्यक जांच कर रहे हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
दिल्ली के जंतर-मंतर जैसी तस्वीर
रांची का जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम इन दिनों आंदोलन का केंद्र बन गया है। यहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि लगातार पहुंच रहे हैं। धरना स्थल पर दिन-रात प्रदर्शन जारी है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरना स्थल पर संविधान की प्रस्तावना का पाठ, शांतिपूर्ण सत्याग्रह, जनसभा और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनका संघर्ष किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए है।
छात्रों की प्रमुख मांगें
आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें शामिल हैं—
- जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित धांधली एवं पेपर लीक की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच।
- दोषी अधिकारियों, दलालों और पेपर लीक गिरोह के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई।
- भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
- समयबद्ध परीक्षा कैलेंडर जारी करना।
- लंबित नियुक्तियों को शीघ्र पूरा करना।
- भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत और तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था लागू करना।
सरकार पर बढ़ रहा दबाव
छात्रों का आंदोलन जितना लंबा खिंचता जा रहा है, राज्य सरकार पर दबाव भी उतना ही बढ़ता जा रहा है। विपक्षी दलों के साथ-साथ विभिन्न छात्र संगठन भी आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी आंदोलन लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है और कई हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी मिला समर्थन
इधर कॉकरोच पार्टी ने अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट के माध्यम से छात्र आंदोलन के प्रति समर्थन व्यक्त करने की घोषणा की है। पार्टी ने युवाओं की मांगों को गंभीरता से सुनने और सरकार से संवाद स्थापित कर समाधान निकालने की अपील की है।
छात्रों का स्पष्ट संदेश
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि यह लड़ाई किसी एक परीक्षा या एक भर्ती प्रक्रिया की नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य की है। उनका आरोप है कि यदि भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहे तो प्रतिभाशाली युवाओं का सरकारी व्यवस्था से विश्वास उठ जाएगा।
पूरे राज्य की निगाहें रांची पर
फिलहाल पूरे झारखंड की नजरें रांची में चल रहे इस आंदोलन पर टिकी हुई हैं। यदि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच जल्द कोई सकारात्मक बातचीत नहीं होती है, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। वहीं देवेंद्र नाथ महतो की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए प्रशासन भी लगातार सतर्क बना हुआ है।
Reviewed by PSA Live News
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9:48:00 am
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