संदीप विश्वविद्यालय में हिंदी दिवस समारोह का आयोजन, कविता-पाठ, लेख, भाषण सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
संवाददाता- सुजीत कुमार मिश्र
मधुबनी। संदीप विश्वविद्यालय, सिजौल में 14 सितंबर को निर्धारित हिंदी दिवस समारोह का आयोजन अवकाश के कारण मंगलवार को उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा के प्रति अपने सम्मान, लगाव और प्रतिबद्धता को रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से अभिव्यक्त किया। हिंदी कविता-पाठ, लेख, भाषण सहित हिंदी से संबंधित विभिन्न गतिविधियों में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के नेना झा ऑडिटोरियम हॉल में किया गया। कार्यक्रम के संयोजक विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण निदेशक डॉ. अभिषेक ठाकुर रहे। समारोह में विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा के महत्व, इसकी समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत तथा बदलते समय में हिंदी की उपयोगिता पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर शिक्षा विभाग के प्राध्यापक सुजीत कुमार मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, संवेदना, विचार और सामाजिक एकता की सशक्त अभिव्यक्ति है। हिंदी ने देश के विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों के बीच संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदी के प्रति सम्मान और समर्पण की भावना विकसित करने तथा अपने दैनिक जीवन में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए आगे आने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि किसी भी भाषा का विकास केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। उसके संरक्षण, संवर्धन और विस्तार में विद्यार्थियों, शिक्षकों, साहित्यकारों तथा समाज के प्रत्येक वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। युवा पीढ़ी यदि हिंदी के अध्ययन, लेखन और प्रयोग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाए तो भाषा को नई ऊर्जा और व्यापक विस्तार मिल सकता है।
वहीं, छात्र कल्याण निदेशक डॉ. अभिषेक ठाकुर ने विद्यार्थियों को हिंदी के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि भाषा हमारी पहचान, संस्कृति और सामाजिक विरासत से जुड़ी होती है। मातृभाषा, राजभाषा एवं राष्ट्रभाषा के प्रति सम्मान हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के साथ-साथ इसके संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने कविता-पाठ, लेखन और भाषण के माध्यम से हिंदी की विविधता और व्यापकता को सामने रखा। प्रतिभागियों ने हिंदी भाषा की वर्तमान प्रासंगिकता, साहित्यिक समृद्धि, सामाजिक सरोकार तथा शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में हिंदी की बढ़ती उपयोगिता पर अपने विचार रखे। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में उत्साह और रचनात्मकता देखने को मिली।
कार्यक्रम में प्रस्तुत विभिन्न गतिविधियों का डॉ. अभिषेक ठाकुर एवं प्राध्यापक सुजीत कुमार मिश्र ने अवलोकन किया। दोनों ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों को ध्यानपूर्वक सुना और आवश्यक सुझाव भी दिए। प्रस्तुतियों के आधार पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों में से प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के लिए चयन किया गया है। चयनित प्रतिभागियों के नाम आगामी कार्यक्रम में घोषित किए जाएंगे।
विश्वविद्यालय की ओर से कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान करने की घोषणा भी की गई। इससे विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखा गया। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति रुचि, सम्मान और रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने समारोह को जीवंत और सार्थक बना दिया। अंत में कार्यक्रम संयोजक डॉ. अभिषेक ठाकुर ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा समारोह के समापन की घोषणा की।
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6:20:00 am
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