ब्लॉग खोजें

पत्रकार पर जानलेवा हमले से उबाल: जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया ने उठाई 'पत्रकार सुरक्षा कानून' लागू करने की मांग; अशोक कुमार झा बोले— "चौथे स्तंभ पर हमला बर्दाश्त नहीं"

 


  • अंधराठाढ़ी में खबर संकलन के दौरान दैनिक भास्कर के पत्रकार बिंदेश्वर चौधरी पर जानलेवा हमला, सिर में लगे टांके, हालत गंभीर
  • अवैध क्लीनिक संचालकों की गुंडागर्दी पर जेसीआई (JCI) के राष्ट्रीय पदाधिकारी अशोक कुमार झा ने जताई गहरी चिंता, बिहार सरकार से माँगी अविलंब सुरक्षा
  • "पूरे बिहार में खतरे में है पत्रकारों की जान, आखिर सरकार क्यों नहीं बना रही 'पत्रकार सुरक्षा कानून'?" — जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया

मधुबनी / पटना:

बिहार में लगातार पत्रकारों को निशाना बनाए जाने और खबर संकलन के दौरान उन पर हो रहे कातिलाना हमलों को लेकर देशभर के मीडियाकर्मियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। मधुबनी जिले के अंधराठाढ़ी में दैनिक भास्कर के स्थानीय पत्रकार बिंदेश्वर चौधरी पर अवैध नर्सिंग होम संचालकों द्वारा किए गए खूनी हमले की पत्रकारों के राष्ट्रीय स्तर के अग्रणी संगठन 'जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया' (JCI) ने तीखी निंदा की है।

जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय कार्यकारिणी पदाधिकारी अशोक कुमार झा ने बिहार में बिगड़ती प्रशासनिक स्थिति और मीडियाकर्मियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाते हुए बिहार सरकार से राज्य के सभी पत्रकारों की सुरक्षा तत्काल सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है।

अंधराठाढ़ी कांड: सत्य दिखाने की कीमत चुकानी पड़ी पत्रकार को


पूरा मामला मधुबनी जिले के अंधराठाढ़ी थाना क्षेत्र का है, जहाँ बिना मानकों और वैध कागजात के संचालित हो रहे अवैध निजी क्लीनिकों व नर्सिंग होम की पड़ताल करने दैनिक भास्कर के पत्रकार और 'सच का आइना' के संचालक बिंदेश्वर चौधरी पहुँचे थे।

खबर संकलन (न्यूज़ कवरेज) के दौरान 'संजीवनी' नामक निजी नर्सिंग होम के संचालक धरम कुमार राय और उसके दबंग सहयोगियों ने पत्रकार पर धारदार हथियार और लाठी-डंडों से अचानक जानलेवा हमला कर दिया। इस बर्बर हमले में बिंदेश्वर चौधरी का सिर फट गया और वे लहूलुहान होकर मौके पर गिर पड़े।

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों की मदद से उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) अंधराठाढ़ी पहुँचाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद सिर की गंभीर चोट को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें सीटी स्कैन (CT Scan) व बेहतर इलाज के लिए मधुबनी सदर अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी धरम कुमार राय और उसके गुर्गों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।

"लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार" — अशोक कुमार झा (JCI)

अंधराठाढ़ी की घटना और बिहार के विभिन्न जिलों में पत्रकारों पर हो रहे सिलसिलेवार हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अशोक कुमार झा ने कहा:

"बिहार में सच लिखना और जनता की आवाज उठाना अब जानलेवा साबित हो रहा है। समस्तीपुर, मधुबनी समेत पूरे बिहार में जिस तरह से कवरेज के दौरान पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है, वह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि अपराधियों के मन से कानून और पुलिस का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है। यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा कुठाराघात है।"

बिहार सरकार से यक्ष प्रश्न: क्यों लागू नहीं हो रहा 'पत्रकार सुरक्षा कानून'?

जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया (JCI) की ओर से अशोक कुमार झा ने राज्य की नीतीश सरकार और गृह विभाग को कटघरे में खड़ा करते हुए तीखे सवाल पूछे:

  1. पत्रकार सुरक्षा कानून की अनदेखी क्यों?: जब पूरे बिहार में निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों की जान हर पल खतरे में है, तो बिहार सरकार राज्य में 'पत्रकार सुरक्षा कानून' (Journalist Protection Act) लागू करने में टालमटोल क्यों कर रही है?
  2. अवैध क्लीनिकों पर बुल्डोजर कार्रवाई कब?: स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की सांठगांठ से पनप रहे अवैध नर्सिंग होम पर कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई क्यों नहीं होती, जो सवाल पूछने पर पत्रकारों का खून बहाने से भी नहीं कतराते?
  3. दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी: अंधराठाढ़ी कांड में शामिल सभी नामजद अभियुक्तों को त्वरित गति से गिरफ्तार कर स्पीडी ट्रायल के माध्यम से जेल भेजा जाए।

राज्यव्यापी आंदोलन की दी चेतावनी

अशोक कुमार झा ने ईश्वर से घायल पत्रकार बिंदेश्वर चौधरी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और दीर्घायु होने की प्रार्थना की। साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बिहार सरकार ने पत्रकारों पर हो रहे हमलों को रोकने के लिए ठोस प्रशासनिक कदम नहीं उठाए और 'पत्रकार सुरक्षा कानून' के निर्माण पर विचार नहीं किया, तो जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया पूरे राज्य में पत्रकारों के अधिकार और सुरक्षा के लिए चरणबद्ध सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करने को बाध्य होगी।

पत्रकार पर जानलेवा हमले से उबाल: जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया ने उठाई 'पत्रकार सुरक्षा कानून' लागू करने की मांग; अशोक कुमार झा बोले— "चौथे स्तंभ पर हमला बर्दाश्त नहीं" पत्रकार पर जानलेवा हमले से उबाल: जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया ने उठाई 'पत्रकार सुरक्षा कानून' लागू करने की मांग; अशोक कुमार झा बोले— "चौथे स्तंभ पर हमला बर्दाश्त नहीं" Reviewed by PSA Live News on 10:56:00 am Rating: 5

कोई टिप्पणी नहीं:

Blogger द्वारा संचालित.