जीईसी मधुबनी में आयोजित हुआ 'स्टार्टअप बूटकैंप', स्मार्टडॉक और स्किलऑर्बिट जैसे इनोवेटिव आइडियाज के साथ छात्रों ने दिखाया अपना हुनर
मधुबनी। राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय (जीईसी), मधुबनी के सेमिनार हॉल में 'स्टार्टअप बिहार', उद्योग विभाग (बिहार सरकार) द्वारा 'बिहार स्टार्टअप नीति-2022' के अंतर्गत एक दिवसीय 'स्टार्टअप बूटकैंप' का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य इंजीनियरिंग विद्यार्थियों और नवोदित उद्यमियों के बीच नवाचार, उद्यमिता एवं स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना था, ताकि वे अपने तकनीकी विचारों को एक व्यवहारिक और टिकाऊ व्यवसाय में परिवर्तित कर सकें। बूटकैंप की अध्यक्षता जिला उद्योग केंद्र (DIC), मधुबनी के महाप्रबंधक श्री अमित विक्रम भारद्वाज ने की। इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य प्रो. राणा प्रताप सिंह, सहायक प्राध्यापक डॉ. अंकुर प्रियदर्शिनी, टीपीओ एवं फैकल्टी इंचार्ज प्रो. सुमित कुमार, जिला स्टार्टअप समन्वयक कुमार हार्दिक तथा वित्त विशेषज्ञ व बिजनेस कंसल्टेंट डॉ. प्रशांत कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही।
बूटकैंप के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अपने नवाचारी स्टार्टअप आइडियाज और बिजनेस पिच विशेषज्ञों एवं निर्णायक मंडल के समक्ष प्रस्तुत किए। प्रस्तुत किए गए प्रोजेक्ट्स में SmartDock, SkillOrbit और Vayron जैसे विचार प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहे, जिनके माध्यम से विभिन्न सामाजिक और व्यावसायिक समस्याओं के डिजिटल व तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए गए। विशेषज्ञों और निर्णायक मंडल ने छात्रों द्वारा प्रस्तुत विचारों का गहन मूल्यांकन करते हुए उन्हें बाजार की वास्तविक आवश्यकता, लक्षित ग्राहकों की पहचान, प्रभावी राजस्व मॉडल, ग्राहक अधिग्रहण रणनीति और व्यवसाय की स्केलेबिलिटी पर महत्वपूर्ण परामर्श दिए। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि केवल एक अच्छा आइडिया होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे 'Idea Validation' और 'Prototype/MVP Development' की प्रक्रिया से गुजारकर धरातल पर उतारना आवश्यक है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक श्री अमित विक्रम भारद्वाज ने युवाओं को बिहार सरकार की स्टार्टअप नीति का लाभ उठाकर उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं प्राचार्य प्रो. राणा प्रताप सिंह ने छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने विचारों को केवल कल्पना तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें व्यावहारिक समाधान और सफल उद्यम में बदलें। कॉलेज के स्टार्टअप सेल और प्रशासन की ओर से प्रतिबद्धता व्यक्त की गई कि बूटकैंप में चयनित संभावनाशील विचारों को आगे मेंटरशिप, बिजनेस मॉडल डेवलपमेंट, प्रोटोटाइप निर्माण तथा उपयुक्त इनक्यूबेशन और सरकारी स्टार्टअप सपोर्ट से जोड़ा जाएगा। उत्साहपूर्ण सहभागिता और मार्गदर्शन के साथ इस बूटकैंप का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
Reviewed by PSA Live News
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10:34:00 am
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