निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए जिला प्रशासन मुस्तैद; हर बूथ पर होगी वीडियोग्राफी, लापरवाही पर मिलेगी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
- स्नातक व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए जिले में कुल 55 मतदान केंद्र तय; 300 से अधिक चुनाव कर्मी संभालेंगे जिम्मेदारी
- पहले चरण का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न; 12 से 14 अक्टूबर के बीच डीआरडीए सभा कक्ष में चलेगा द्वितीय चरण का प्रशिक्षण
- सुरक्षा के कड़े इंतजाम: पूरे जिले में जोनल व्यवस्था लागू, एसडीओ और एसडीपीओ के हाथों में होगी विधि-व्यवस्था की कमान
विशेष संवाददाता मधुबनी, 7 अक्टूबर 2026
बिहार विधान परिषद निर्वाचन-2026 को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी, भयमुक्त और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से मधुबनी जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। बुधवार को जिला समाहर्नाले के उच्चस्तरीय बैठक कक्ष में जिलाधिकारी (डीएम) श्री आनंद शर्मा एवं वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री योगेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से सभी चुनाव कोषांगों के वरीय एवं नोडल पदाधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इस दौरान चुनाव पूर्व तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की गई और सभी अधिकारियों को सख्त लहजे में आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने की हिदायत दी गई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन कार्य में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी कोषांग प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने आवंटित दायित्वों का निर्वहन पूरी जवाबदेही, पारदर्शिता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करें।
"विधान परिषद चुनाव की गरिमा और स्वतंत्रता बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी नोडल अधिकारी आपसी समन्वय के साथ काम करें, ताकि मतदान के दिन किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा उत्पन्न न हो।" — श्री आनंद शर्मा, जिला पदाधिकारी, मधुबनी
मतदान केंद्रों का गणित: स्नातक और शिक्षक निर्वाचन के लिए 55 बूथ
समीक्षा के दौरान जिले में गठित मतदान केंद्रों के ढांचे की जानकारी प्रस्तुत की गई। इस बार स्नातक और शिक्षक दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के लिए व्यापक स्तर पर बूथों का गठन किया गया है:
- स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: जिले में कुल 32 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 24 मूल मतदान केंद्र तथा 8 सहायक मतदान केंद्र शामिल हैं, ताकि मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
- शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: इसके लिए जिले भर में कुल 23 मतदान केंद्र चिह्नित किए गए हैं।
- मानव बल की तैनाती: प्रत्येक मतदान केंद्र पर निष्पक्ष संचालन के लिए 4 मतदान कर्मियों और 1 माइक्रो ऑब्जर्वर (सूक्ष्म प्रेक्षक) की प्रतिनियुक्ति की जाएगी।
- रिज़र्व बल: किसी भी आपात स्थिति या तकनीकी समस्या से निपटने के लिए रिज़र्व कर्मियों को मिलाकर 300 से अधिक दक्ष कर्मियों को चुनावी ड्यूटी में तैनात किया जाएगा।
प्रशिक्षण का दूसरा चरण 12 से 14 अक्टूबर तक
निर्वाचन प्रक्रिया को निर्बाध रूप से संपन्न कराने के लिए कर्मियों के क्षमता निर्माण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। डीआरडीए (DRDA) सभा कक्ष में आयोजित तीन दिवसीय प्रथम चरण का प्रशिक्षण 5, 6 एवं 7 अक्टूबर को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों, ईवीएम/मतपत्र प्रबंधन, मतदान प्रक्रिया की कानूनी बारीकियों और निष्पक्षता बनाए रखने के व्यावहारिक गुर सिखाए गए।
मास्टर ट्रेनरों की देखरेख में द्वितीय चरण: प्रशासनिक शेड्यूल के अनुसार, निर्वाचन कर्मियों के लिए द्वितीय चरण का गहन प्रशिक्षण 12, 13 और 14 अक्टूबर 2026 को डीआरडीए सभा कक्ष में आयोजित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनरों की तैनाती की गई है, जो चुनावी प्रक्रिया के हर पहलू का व्यावहारिक (हैंड्स-ऑन) अभ्यास कराएंगे।
सुरक्षा का अभेद्य घेरा: वीडियोग्राफी और सेक्टर विभाजन
चुनाव में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने कई कड़े कदम उठाए हैं:
- सॉलिड निगरानी (वीडियोग्राफी): चुनाव आयोग के निर्देशानुसार, जिले के सभी मतदान केंद्रों पर मतदान प्रक्रिया की लाइव वीडियोग्राफी कराई जाएगी, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर तुरंत अंकुश लगाया जा सके।
- सुरक्षा और जोनल व्यवस्था: जिले की विधि-व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारियों (मजिस्ट्रेट), पुलिस अधिकारियों और सशस्त्र पुलिस बल के जवानों की तैनाती की जा रही है।
- एसडीओ और एसडीपीओ की सीधी जवाबदेही: पूरे जिले को विभिन्न जोनों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन की शांति व्यवस्था की जिम्मेदारी संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में होगी।
- थाना प्रभारियों का गश्ती अभियान: सभी संबंधित थाना प्रभारियों (SHOs) को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने और प्रभावी गश्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
त्वरित तथ्य: एक नजर में चुनावी तैयारियां
| विवरण | आंकड़े/जानकारी |
|---|---|
| स्नातक निर्वाचन क्षेत्र बूथ | 32 (24 मूल + 8 सहायक) |
| शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र बूथ | 23 |
| प्रति बूथ मानव बल | 4 मतदान कर्मी + 1 माइक्रो ऑब्जर्वर |
| कुल चुनाव कर्मी | 300+ (रिजर्व सहित) |
| प्रथम चरण प्रशिक्षण | 5, 6 एवं 7 अक्टूबर (संपन्न) |
| द्वितीय चरण प्रशिक्षण | 12, 13 एवं 14 अक्टूबर |
| प्रशिक्षण स्थल | डीआरडीए सभा कक्ष, मधुबनी |
| सुरक्षा का मुख्य आधार | 100% बूथों पर वीडियोग्राफी, जोनल मैपिंग, सेक्टर मजिस्ट्रेट |
बैठक के समापन पर एसएसपी श्री योगेंद्र कुमार ने कहा कि पुलिस प्रशासन कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी तत्व से सख्ती से निपटेगा। जिले के सभी सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में विशेष चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दे दिए गए हैं। डीएम और एसएसपी ने साझा संदेश देते हुए कहा कि मधुबनी जिला प्रशासन एक निष्पक्ष, पारदर्शी और भयमुक्त मतदान कराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
Reviewed by PSA Live News
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9:45:00 am
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