दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में महालक्ष्मी पूजन-व्रत अनुष्ठान का हुआ समापन, वैदिक मंत्रोच्चार और महाआरती से भक्तिमय हुआ वातावरण
राँची। राजधानी राँची स्थित दिव्यदेशम् श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर (तिरुपति बालाजी) मंदिर में शनिवार, 03 अक्टूबर को आश्विन कृष्णपक्ष की सप्तमी युक्त अष्टमी तिथि एवं चन्द्रोदय ग्राह्य महालक्ष्मी पूजन-व्रत एवं अनुष्ठान के समापन अवसर पर 951वें खिचड़ी भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण भगवान श्रीमन्नारायण एवं श्रीहरि वेंकटेश्वर की भक्ति से सराबोर हो गया। भंडारे में कुल 1212 श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ उषःकाल में वैदिक विधि-विधान एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुआ। भगवान श्रीमन्नारायण का विधिपूर्वक तिरुवाराधनम् संपन्न कराया गया। इस दौरान वेद एवं उपनिषदों की ऋचाओं तथा पवित्र मंत्रों के उच्चारण के बीच विभिन्न उपचार-प्रत्युपचार के साथ पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात महाआरती सहित विभिन्न सेवा-उपासना संपन्न हुई।
अनुष्ठान के दौरान भगवान श्रीहरि वेंकटेश्वर एवं माता लक्ष्मी की विधिवत सेवा की गई। विभिन्न मुद्राओं, छत्र, चँवर एवं व्यजन आदि से भगवान की सेवा के साथ घंटा-घड़ियाल के दिव्य निनाद से मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा एवं भक्ति के साथ पूजा-अर्चना में सहभागिता की।
धार्मिक अनुष्ठानों के समापन के बाद भगवान श्रीहरि वेंकटेश्वर को पवित्र खिचड़ी महाप्रसाद का नैवेद्य अर्पित किया गया। इसके बाद उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।
शशि भूषण सिंह एवं वीणा सिंह रहे भंडारे के यजमान
951वें खिचड़ी भंडारे के यजमान श्री शशि भूषण सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती वीणा सिंह, राँची निवासी रहे। उनके द्वारा धार्मिक आयोजन में सहयोग एवं भंडारे की व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई।
पूरे धार्मिक अनुष्ठान को मंदिर के अर्चक श्री सत्यनारायण गौतम, श्री गोपेश आचार्य एवं श्री नारायण दास जी ने वैदिक परंपरा एवं विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में मंदिर संचालन समिति की कार्यकारी अध्यक्ष श्री राम अवतार नारसरिया के साथ श्री राजेश सुल्तानिया, श्री अभिषेक सिंह, श्री प्रदीप नारसरिया, श्री सुशील लोहिया, श्री रंजन सिंह, श्री ओमप्रकाश गाड़ोदिया सहित अन्य सदस्यों एवं श्रद्धालुओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
951वें खिचड़ी भंडारे के माध्यम से मंदिर में धार्मिक आस्था, सेवा और सामुदायिक सहभागिता का सुंदर संगम देखने को मिला।
Reviewed by PSA Live News
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12:08:00 pm
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