झारखंड में मीट दुकानों और स्लॉटर हाउस पर सरकार का सख्त शिकंजा, हाईकोर्ट में हलफनामे के बाद लागू हुए नए नियम
रांची: झारखंड में खुलेआम और अस्वच्छ तरीके से मांस की बिक्री करने वालों पर अब राज्य सरकार ने सख्ती बरतने का फैसला किया है। राजधानी रांची सहित पूरे राज्य में संचालित होने वाले स्लॉटर हाउस (बूचड़खाने) और मीट दुकानों को नियंत्रित और व्यवस्थित करने के लिए झारखंड सरकार के नगर विकास विभाग ने नए नियम और रेगुलेशन (Rules and Regulations) प्रकाशित कर दिए हैं।
गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट में खुलेआम कटे हुए बकरे और मुर्गे की बिक्री के खिलाफ दायर एक महत्वपूर्ण जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई हुई। इस दौरान राज्य सरकार ने अदालत को अपने इस नए और सख्त कदम की जानकारी दी। सरकार के जवाब से संतुष्ट होने के बाद हाईकोर्ट ने इस जनहित याचिका को निष्पादित (Disposed off) कर दिया है।
जनहित याचिका और मामले की पृष्ठभूमि
राजधानी रांची समेत राज्य के विभिन्न जिलों में सड़कों के किनारे, खुले में जानवरों को काटने और मांस को टांगकर बेचने की आम प्रथा बन गई थी। खुले में लटकते मांस से न केवल बीमारियां और संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है, बल्कि यह आम नागरिकों (खासकर शाकाहारी लोगों और बच्चों) के लिए भी असहज स्थिति पैदा करता है।
इसी अव्यवस्था और पशु क्रूरता को आधार बनाते हुए झारखंड हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। गुरुवार को सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता शुभम कटारुका ने मजबूती से अपना पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि खुले में मांस की बिक्री से न सिर्फ स्वास्थ्य मानकों का गंभीर उल्लंघन हो रहा है, बल्कि यह पशु क्रूरता अधिनियम के भी खिलाफ है।
सरकार का जवाब: नए रेगुलेशन की हुई शुरुआत
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के महाधिवक्ता और संबंधित अधिकारियों ने कोर्ट को अवगत कराया कि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर पहले ही संज्ञान ले चुकी है। नगर विकास विभाग ने झारखंड में मीट शॉप और स्लॉटर हाउस को रेगुलेट करने के लिए एक विस्तृत और सख्त नई नियमावली प्रकाशित कर दी है।
नए नियम के तहत प्रमुख प्रावधान:
दो प्रमुख कानूनों का सख्ती से पालन:अब राज्य की किसी भी मीट दुकान या स्लॉटर हाउस को 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड रेगुलेशन 2011' (FSSAI) और 'प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल (स्लॉटर हाउस) रूल 2001' के कड़े मानकों का हर हाल में पालन करना होगा।
NOC लेना हुआ अनिवार्य: अब कोई भी व्यक्ति अपनी मर्जी से कहीं भी मांस की दुकान नहीं खोल सकेगा। राज्य के सभी मीट दुकानदारों और स्लॉटर हाउस संचालकों को अपने संबंधित नगर निगम, नगर परिषद या नगर पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) या लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
निरीक्षण के बिना नहीं मिलेगा लाइसेंस: NOC की प्रक्रिया केवल कागजी नहीं होगी। आवेदन मिलने के बाद नगर निकाय की विशेष टीम मीट दुकान और स्लॉटर हाउस का भौतिक निरीक्षण (Physical Inspection) करेगी।
क्या जाचेंगे अधिकारी?: निरीक्षण के दौरान देखा जाएगा कि दुकान में साफ-सफाई की क्या व्यवस्था है, जानवरों को काटने का तरीका क्या है, कचरे (Waste) और खून के निस्तारण (Disposal) की क्या वैज्ञानिक व्यवस्था की गई है, और क्या मांस को खुले में टांग कर तो नहीं बेचा जा रहा है। सब कुछ मानकों के अनुरूप पाए जाने पर ही लाइसेंस जारी किया जाएगा।
नियमों का प्रभाव और आगे की चुनौती
अदालत द्वारा जनहित याचिका निष्पादित किए जाने के बाद अब गेंद पूरी तरह से नगर निगमों और स्थानीय प्रशासन के पाले में आ गई है। नए नियमों के लागू होने से राज्य के असंगठित मांस कारोबार में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है:
1. खुले में बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध: अब दुकानों के बाहर कांच के कवर (Glass enclosures) या बंद और वातानुकूलित (Air-conditioned/Refrigerated) जगहों पर ही मांस की बिक्री सुनिश्चित करनी होगी।
2. पशुओं के साथ क्रूरता पर रोक: 'प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल रूल' के तहत जानवरों को एक-दूसरे के सामने काटने पर रोक, उन्हें उचित माहौल में रखने और वैज्ञानिक तरीके से स्लॉटर करने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
3. स्वास्थ्य और स्वच्छता (Public Health): खुले में मक्खियों और धूल-मिट्टी से दूषित होने वाले मांस पर रोक लगने से आम जनता को स्वच्छ और संक्रमण मुक्त खाद्य पदार्थ मिल सकेगा।
आने वाले दिनों में रांची नगर निगम (RMC) सहित राज्य के सभी नगर निकाय बिना NOC और मानकों का उल्लंघन कर चल रही दुकानों के खिलाफ सघन जांच अभियान और सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर सकते हैं। सरकार के इस कदम को सार्वजनिक स्वास्थ्य और शहरी स्वच्छता की दिशा में एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है।
झारखंड में मीट दुकानों और स्लॉटर हाउस पर सरकार का सख्त शिकंजा, हाईकोर्ट में हलफनामे के बाद लागू हुए नए नियम
Reviewed by PSA Live News
on
11:09:00 am
Rating:
Reviewed by PSA Live News
on
11:09:00 am
Rating:

कोई टिप्पणी नहीं: