दुर्गा पूजा के भव्य व शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर मधुबनी में प्रशासनिक महकमा मुस्तैद: डीएम और एसएसपी ने जिला शांति समिति के साथ की मैराथन बैठक, पंडालों में 'पुलिस मित्र' तैनात, महिलाओं की सुरक्षा व ट्रैफिक प्रबंधन का बना अभेद्य ब्लूप्रिंट
मधुबनी, 8 अक्टूबर 2026: लोक आस्था, आपसी सौहार्द और सामाजिक समरसता के महान पर्व दुर्गा पूजा के सफल, निष्विघ्न एवं पूर्णतः शांतिपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन मधुबनी द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियाँ शुरू कर दी गई हैं। इसी क्रम में जिला समाहरणालय के सभागार में जिलाधिकारी श्री आनंद शर्मा एवं वरीय पुलिस अधीक्षक श्री योगेंद्र कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में जिला शांति समिति की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में शांति समिति के सम्मानित सदस्यों, विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों के प्रमुख प्रतिनिधियों तथा जिले के प्रबुद्ध नागरिकों ने बड़ी संख्या में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। बैठक के दौरान जिले भर से आए प्रतिनिधियों ने पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने, ट्रैफिक प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े अनेक व्यवहारिक सुझाव तथा जमीनी फीडबैक अधिकारियों के समक्ष रखे, जिस पर जिला प्रशासन द्वारा तत्काल आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी श्री आनंद शर्मा ने मधुबनी की जनता के प्रति अपने गहरे जुड़ाव और आत्मीयता को प्रकट किया। उन्होंने कहा कि पूजा समितियां किसी बाहरी व्यवस्था का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि वे जिला प्रशासन की ही विस्तारित टीम के रूप में कार्य करती हैं। दुर्गा पूजा आम नागरिकों एवं श्रद्धालुओं के लिए जहां असीम आस्था, आनंद और उल्लास का महापर्व है, वहीं जिला प्रशासन एवं पुलिस तंत्र के लिए श्रद्धालुओं की सुलभ सुविधा, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को हर हाल में बनाए रखने की एक अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन श्रद्धालुओं की सुख-सुविधा और सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद, सजग और तत्पर रहेगा। उन्होंने सभी पूजा आयोजकों एवं जिले के आम नागरिकों से अपील की कि वे शांति, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द की परंपरा को कायम रखते हुए प्रशासन को अपेक्षित सहयोग प्रदान करें।
पंडालों की सुरक्षा और व्यवस्था के संदर्भ में जिलाधिकारी ने सरकार द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी पूजा समितियों को अपने-अपने पंडालों में पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित स्वयंसेवकों (वालंटियर्स) की तैनाती करनी होगी और उन्हें अनिवार्य रूप से आधिकारिक पहचान-पत्र निर्गत करना होगा। विद्युत सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि पंडालों में बिजली के तारों का संयोजन पूरी तरह मजबूत और सुरक्षित हो तथा कहीं भी खुले या लटकते हुए तार (लूज वायर) न रहें। इसके साथ ही प्रत्येक पंडाल में अग्निशमन मानकों के अनुसार पर्याप्त संख्या में अग्निशमन यंत्रों (फायर एक्स्टिंग्विशर) की उपलब्धता को अनिवार्य बनाया गया है। सुरक्षा संबंधी किसी भी लापरवाही के पाए जाने पर संबंधित आयोजकों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया जाएगा।
धार्मिक आयोजन की गरिमा, पवित्रता एवं सामाजिक शांति बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक ने कड़े कड़े प्रतिबंधों का भी ऐलान किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले भर में डीजे बजाने, अश्लील गाने प्रसारित करने तथा आर्केस्ट्रा जैसे कार्यक्रमों के आयोजन पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। इसके अलावा ध्वनि प्रदूषण से निपटने और आम नागरिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए रात्रि 10 बजे के बाद किसी भी स्थिति में लाउडस्पीकर का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। अधिकारीद्वय ने कहा कि अत्यधिक तीव्र ध्वनि न केवल स्वास्थ्य के लिए घातक है बल्कि यह नियमों का स्पष्ट उल्लंघन भी है, इसलिए सभी पूजा समितियां निर्धारित प्रोटोकॉल का शत-प्रतिशत पालन करें। नियमों का उल्लंघन करने वाले आयोजकों एवं डीजे संचालकों के खिलाफ विधिक धाराओं के तहत त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था का ब्योरा साझा करते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक श्री योगेंद्र कुमार ने बताया कि इस बार प्रत्येक प्रमुख पूजा पंडाल में पुलिस विभाग की ओर से एक विशेष पुलिसकर्मी को 'पुलिस मित्र' के रूप में तैनात किया जा रहा है। यह 'पुलिस मित्र' पूजा समिति के सदस्यों और पुलिस नियंत्रण कक्ष के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में काम करेगा, जिससे त्वरित संवाद, बेहतर समन्वय और किसी भी स्थिति में तत्काल कार्रवाई संभव हो सकेगी। उन्होंने आगे बताया कि सप्तमी, अष्टमी और नवमी तिथियों पर पंडालों में श्रद्धालुओं, खासकर महिलाओं और बच्चों की अत्यधिक भीड़ उमड़ती है, जिसे देखते हुए विशेष सुरक्षा प्लान लागू किया गया है। इसके तहत 'पुलिस दीदी' की समर्पित टीमों को भ्रमणशील रखा जाएगा और डायल-112 की गश्ती गाड़ियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। संवेदनशीलता के आधार पर भीड़भाड़ वाले मुख्य पंडालों व चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है।
प्रतिमा विसर्जन, ट्रैफिक प्रबंधन और रावण दहन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे विसर्जन स्थलों और पूर्व निर्धारित मार्गों का भौतिक निरीक्षण कर लें। सड़कों के गड्ढों की मरम्मत, लटकते हुए बिजली के तारों को दुरुस्त करने तथा विसर्जन घाटों पर पर्याप्त रोशनी, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था समय रहते पूरी कर ली जाए। अत्यधिक भीड़ को देखते हुए सप्तमी से नवमी तक शहर के लिए एक विशेष ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तैयार कर उसे समय से सार्वजनिक करने का निर्देश दिया गया है ताकि सामान्य यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों की जानकारी मिल सके। इसके अतिरिक्त अनुमंडलवार समीक्षा में पाया गया कि सदर अनुमंडल के शंभुआर (भीठी) तथा जयनगर अनुमंडल के लदनियाँ में रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं। इन दोनों स्थानों पर संबंधित अनुमंडल अधिकारियों को आयोजकों के साथ बैठक कर एसओपी के अनुरूप सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और अग्निशमन के पुख्ता इंतजाम करने का निर्देश दिया गया है।
सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने और शांति भंग करने की कोशिश करने वाले असमाजिक तत्वों को आड़े हाथों लेते हुए अधिकारियों ने चेतावनी दी कि पुलिस की साइबर सेल 24 घंटे हर डिजिटल गतिविधि पर पैनी नजर रख रही है। अफवाह फैलाने या सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश करने वाले उपद्रवियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिले में सतत मॉनिटरिंग के लिए 24 घंटे कार्यरत 'जिला नियंत्रण कक्ष' की स्थापना की गई है, जिसका दूरभाष नंबर 06276-224425 है। सभी पंडालों में इस नंबर का फ्लैक्स लगाना अनिवार्य किया गया है। साथ ही, नशा करके अशांति फैलाने वाले तत्वों पर शिकंजा कसने के लिए एंटी-नारकोटिक हेल्पलाइन 9031626043 जारी की गई है, जिस पर केवल एक व्हाट्सएप मैसेज मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के समापन पर जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से जनहित में अपील करते हुए कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह की जानकारी मिलने पर नागरिक स्वयं कानून हाथ में न लें, बल्कि तुरंत पुलिस या नियंत्रण कक्ष को सूचित कर जिम्मेदार नागरिक का परिचय दें। इस महत्वपूर्ण बैठक में नगर आयुक्त श्री उमेश कुमार भारती, अपर समाहर्ता (राजस्व) श्री मुकेश रंजन, अनुमंडल अधिकारी (सदर) श्री चंदन कुमार झा, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर) सहित जिले के कई वरीय प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से मौजूद रहे, जबकि अन्य अनुमंडलों के एसडीएम एवं एसडीपीओ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े रहे।
Reviewed by PSA Live News
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7:48:00 pm
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