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अनुभवात्मक एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण से शिक्षा को प्रभावी बनाने की पहल, संदीप विश्वविद्यालय में पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

"शिक्षक-प्रशिक्षण में नवाचार, रचनात्मकता और व्यावहारिक अधिगम को बढ़ावा देने पर रहा विशेष जोर"




मधुबनी।
संदीप विश्वविद्यालय, सिजौल, मधुबनी के श्री नित्यानंद झा स्कूल ऑफ एजुकेशन की ओर से 2 से 6 नवंबर 2026 तक ‘अनुभवात्मक अधिगम एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति’ (Experiential Learning and Activity Based Pedagogy) विषय पर पांच दिवसीय अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावशाली, व्यावहारिक, रुचिकर एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने के साथ शिक्षकों में आधुनिक शैक्षणिक पद्धतियों के प्रति समझ और दक्षता विकसित करना रहा।

     कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के माननीय कुलाधिपति पंडित श्री नित्यानंद झा, माननीय अध्यक्ष डॉ. संदीप एन. झा तथा कुलपति प्रो. (डॉ.) अरुण कुमार द्विवेदी के मार्गदर्शन में किया गया। श्री नित्यानंद झा स्कूल ऑफ एजुकेशन के तत्वावधान में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को विश्वविद्यालय के एमओओसी (MOOCs) प्रकोष्ठ के सहयोग से संचालित किया गया। कार्यक्रम के समन्वयन एवं आयोजन में स्कूल ऑफ एजुकेशन के डीन डॉ. ज्योतिंद्र कुमार पाठक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

     प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुभवात्मक अधिगम तथा गतिविधि-आधारित शिक्षण की अवधारणा, उपयोगिता और समकालीन शिक्षा व्यवस्था में उसकी प्रासंगिकता पर विशेष बल दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान इस बात को रेखांकित किया गया कि वर्तमान समय में शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, समस्या समाधान, सृजनात्मकता, सहयोग, संवाद कौशल तथा व्यावहारिक समझ विकसित करना भी है। इसके लिए ऐसी शिक्षण पद्धतियों को अपनाना आवश्यक है, जिनमें विद्यार्थी स्वयं गतिविधियों में भाग लेकर, प्रयोग करके और अपने अनुभवों के आधार पर ज्ञान अर्जित कर सकें।

     कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को गतिविधि-आधारित शिक्षण की विभिन्न तकनीकों, अनुभवों के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया, समूह सहभागिता, रचनात्मक शैक्षणिक गतिविधियों तथा कक्षा-कक्ष में नवाचारपूर्ण शिक्षण के तरीकों से परिचित कराने पर विशेष ध्यान दिया गया। इस प्रकार की शिक्षण पद्धति विद्यार्थियों को निष्क्रिय श्रोता के स्थान पर सक्रिय सहभागी बनाती है और उनमें विषयवस्तु के प्रति स्वाभाविक जिज्ञासा एवं सीखने की अभिरुचि विकसित करती है।

     प्रशिक्षण कार्यक्रम के कार्यशाला संचालक के रूप में विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की सहायक प्राध्यापिका चेतना शुक्ला एवं सहायक प्राध्यापक अभिषेक कुमार ने अपनी शैक्षणिक विशेषज्ञता के माध्यम से प्रशिक्षण सत्रों का संचालन किया। दोनों प्रशिक्षकों ने अनुभवात्मक एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण की विभिन्न संभावनाओं, तकनीकी संसाधनों के उपयोग तथा शिक्षण प्रक्रिया में नवाचार के महत्व को रेखांकित किया।

     कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप शिक्षण को अधिक व्यावहारिक, कौशलपरक, समावेशी एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। विशेष रूप से इस बात पर जोर रहा कि शिक्षक अपनी पारंपरिक शिक्षण शैली में आवश्यक बदलाव लाकर ऐसी गतिविधियों को स्थान दें, जिनसे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

     विश्वविद्यालय का यह प्रयास शिक्षक शिक्षा की गुणवत्ता में अभिवृद्धि करने, शिक्षकों की व्यावसायिक दक्षता को सुदृढ़ बनाने तथा उच्च शिक्षा में नवाचारपूर्ण शिक्षण संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से विभिन्न शैक्षणिक संकायों के बीच ज्ञान, अनुभव और शिक्षण संबंधी नवीन दृष्टिकोणों के आदान-प्रदान को भी प्रोत्साहन मिलता है।

     उल्लेखनीय है कि यह पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिदिन पूर्वाह्न 10:30 बजे से श्री नित्यानंद झा स्कूल ऑफ एजुकेशन परिसर में आयोजित किया गया। संदीप विश्वविद्यालय द्वारा गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, नवाचारपूर्ण अध्यापन तथा कौशल-आधारित शिक्षण को प्रोत्साहित करने की दिशा में इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रमों को विशेष महत्व दिया जा रहा है।

अनुभवात्मक एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण से शिक्षा को प्रभावी बनाने की पहल, संदीप विश्वविद्यालय में पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित अनुभवात्मक एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण से शिक्षा को प्रभावी बनाने की पहल, संदीप विश्वविद्यालय में पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित Reviewed by PSA Live News on 2:15:00 pm Rating: 5

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