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आज का पंचांग - दिनांक 23 जनवरी 2021

 


दिन - शनिवार

⛅ विक्रम संवत - 2077

⛅ शक संवत - 1942

⛅ अयन - उत्तरायण

⛅ ऋतु - शिशिर

⛅ मास - पौष

⛅ पक्ष - शुक्ल 

⛅ तिथि - दशमी रात्रि 08:56 तक तत्पश्चात एकादशी

⛅ नक्षत्र - कृत्तिका 09:33 तक तत्पश्चात रोहिणी

⛅ योग - शुक्ल रात्रि 10:04 तक तत्पश्चात ब्रह्म

⛅ राहुकाल - सुबह 10:04 से दोपहर 11:28 तक

⛅ सूर्योदय - 06:19 

⛅ सूर्यास्त - 17:32 

⛅ दिशाशूल - पूर्व दिशा में

⛅ *व्रत पर्व विवरण - 

 💥 विशेष - ब्रह्म पुराण' के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं- 'मेरे दिन अर्थात् शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी। जो शनिवार को प्रातःकाल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी।' (ब्रह्म पुराण')

💥 शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए 'ॐ नमः शिवाय।' का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है। (ब्रह्म पुराण')

💥 हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है ।(पद्म पुराण)

💥 नौकरी - व्यवसाय में सफलता, आर्थिक समृद्धि एवं कर्ज मुक्ति हेतु कारगर प्रयोग शनिवार के दिन पीपल में दूध, गुड, पानी मिलाकर चढायें एवं प्रार्थना करें - 'हे प्रभु ! आपने गीता में कहा है कि वृक्षों में पीपल मैं  हूँ । हे भगवान ! मेरे जीवन में यह परेशानी है । आप कृपा करके मेरी यह परेशानी (परेशानी, दुःख का नाम लेकर ) दूर करने की कृपा करें । पीपल का स्पर्श करें व प्रदक्षिणा करें ।

               

🌷 एकादशी व्रत के लाभ 🌷

➡ 23 जनवरी 2021 शनिवार को रात्रि 08:57 से 24 जनवरी, रविवार को रात्रि 10:57 तक एकादशी है ।

💥 विशेष - 24 जनवरी, रविवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखें ।

🙏🏻 एकादशी व्रत के पुण्य के समान और कोई पुण्य नहीं है ।

🙏🏻 जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।

🙏🏻 जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।

🙏🏻 एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं ।इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।

🙏🏻 धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।

🙏🏻 कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।

🙏🏻 परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है ।पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ ।भगवान शिवजी  ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है । एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।

          

🌷 एकादशी के दिन करने योग्य 🌷

🙏🏻 एकादशी को दिया जला के विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें .......विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो १० माला गुरुमंत्र का जप कर लें l अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l


🌷 एकादशी के दिन ये सावधानी रहे 🌷

🙏🏻 महीने में १५-१५ दिन में  एकादशी आती है एकादशी का व्रत पाप और रोगों को स्वाहा कर देता है लेकिन वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी न रख सके तभी भी उनको चावल का तो त्याग करना चाहिए एकादशी के  दिन जो चावल खाता है... तो धार्मिक ग्रन्थ से एक- एक चावल एक- एक कीड़ा खाने का पाप लगता है...ऐसा डोंगरे जी महाराज के भागवत में डोंगरे जी महाराज ने कहा । 

आज का पंचांग - दिनांक 23 जनवरी 2021 आज का पंचांग - दिनांक 23 जनवरी 2021 Reviewed by PSA Live News on 12:18:00 pm Rating: 5

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