तेज रफ्तार का तांडव: गिरिडीह में कार ने 4 को रौंदा, एक की मौत — गुस्साए ग्रामीणों का फूटा आक्रोश, पुलिस पर पथराव
गिरिडीह : जिले के गांवा–सतगावां मुख्य मार्ग पर शनिवार को एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। जोड़ सिमर के पास तेज रफ्तार से आ रही एक सेंट्रो कार ने सड़क किनारे बैठे चार लोगों को बेरहमी से कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को आनन-फानन में स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
🚗 अनियंत्रित कार बनी मौत का कारण
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चारों लोग सड़क किनारे बैठे आपस में बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान तेज गति से आ रही सेंट्रो कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सीधे उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सभी लोग दूर जा गिरे। हादसे के बाद कार भी संतुलन खो बैठी और पास के एक पेड़ से जा टकराई।
😡 गुस्साए ग्रामीणों ने चालक को बनाया बंधक
हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे और घायलों को संभालने के साथ ही चालक को पकड़ लिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने चालक को कार से बाहर खींचकर पेड़ से बांध दिया और उसकी पिटाई कर दी। इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
🚓 पुलिस पर भी फूटा गुस्सा, वाहन पर पथराव
घटना की सूचना मिलते ही गांवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा कम नहीं हुआ। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई और देखते ही देखते कुछ लोगों ने पुलिस वाहन पर पथराव कर दिया। इस पथराव में वाहन के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए।
🚧 सड़क जाम, यातायात ठप
हादसे से आक्रोशित लोगों ने गांवा–सतगावां सड़क को जाम कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर तैनात किया है।
👮 चालक हिरासत में, जांच शुरू
पुलिस ने किसी तरह चालक को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाकर हिरासत में ले लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है, हालांकि अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।
⚠️ प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की है। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर सड़कों पर बेलगाम रफ्तार पर कब लगाम लगेगी। प्रशासन और ट्रैफिक व्यवस्था की जिम्मेदारी के साथ-साथ वाहन चालकों को भी अपनी जवाबदेही समझनी होगी, ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
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