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मोराबादी में बन रही 65 करोड़ की विश्वस्तरीय लाइब्रेरी जून में होगी तैयार, एक साथ 5400 विद्यार्थी कर सकेंगे अध्ययन

 6 मंजिला आधुनिक लाइब्रेरी का रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने किया निरीक्षण, सुरक्षा के लिए हर फ्लोर पर सेफ्टी नेट लगाने के दिए निर्देश


रांची। 
राजधानी रांची को एक आधुनिक और विश्वस्तरीय शैक्षणिक सुविधा देने की दिशा में बड़ी पहल अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। मोराबादी में निर्माणाधीन 65 करोड़ रुपये की अत्याधुनिक लाइब्रेरी का कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है और इसे जून 2026 तक रांची की जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की पहल केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री Sanjay Seth द्वारा की गई थी, जिसका सपना अब साकार होता दिखाई दे रहा है।

इस लाइब्रेरी का निर्माण Central Coalfields Limited (CCL) और Coal India Limited के कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) फंड से किया जा रहा है। करीब 13 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में बन रही इस परियोजना पर कुल 65 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिसमें 35 करोड़ रुपये सीसीएल और 30 करोड़ रुपये कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं।

निरीक्षण कर कार्यों की समीक्षा

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने शुक्रवार को मोराबादी स्थित निर्माणाधीन लाइब्रेरी का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए और हर फ्लोर पर सेफ्टी नेट लगाने की बात कही, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

निरीक्षण के दौरान सीसीएल के सीएसआर जीएम सिद्धार्थ लाल, जिला शिक्षा पदाधिकारी विनय कुमार, भवन निर्माण विभाग के अधिकारी और अभियंता भी मौजूद थे। अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि लाइब्रेरी का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और इसे निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

एक साथ पढ़ सकेंगे 5400 विद्यार्थी

यह अत्याधुनिक लाइब्रेरी छह मंजिला होगी, जहां तीन शिफ्टों में कुल 5400 विद्यार्थी एक साथ अध्ययन कर सकेंगे। हर फ्लोर पर बड़े रीडिंग हॉल, ई-लाइब्रेरी और डिस्कशन रूम की सुविधा उपलब्ध होगी।

इस लाइब्रेरी का उद्देश्य केवल छात्रों को पढ़ने की जगह उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि एक ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है जहां विद्यार्थी, शोधार्थी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा आधुनिक संसाधनों के साथ अध्ययन कर सकें।

बुजुर्गों और बच्चों के लिए भी विशेष सुविधा

लाइब्रेरी को सभी आयु वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यहां वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग अध्ययन केंद्र और छोटे बच्चों के लिए विशेष रीडिंग एरिया बनाया जा रहा है।

इसके अलावा यहां मल्टीपरपज हॉल, योगा हॉल, कैफेटेरिया, ओपन सिटिंग एरिया और पैंट्री जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी, जिससे यह स्थान केवल अध्ययन केंद्र ही नहीं बल्कि एक सामाजिक और बौद्धिक गतिविधियों का केंद्र भी बनेगा।

आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगी लाइब्रेरी

इस लाइब्रेरी को पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। भवन में छह लिफ्ट, स्वतंत्र जनरेटर सेट, पर्याप्त कार और बाइक पार्किंग, लॉकर रूम और सुरक्षित प्रवेश-निकास व्यवस्था होगी।

इसके साथ ही डिजिटल अध्ययन के लिए ई-लाइब्रेरी, समूह चर्चा के लिए विशेष कक्ष और विद्यार्थियों के लिए शांत व सुव्यवस्थित अध्ययन वातावरण तैयार किया जा रहा है।

पूर्वी भारत की सबसे बड़ी लाइब्रेरी बनने का दावा

निरीक्षण के बाद संजय सेठ ने कहा कि वर्ष 2020 में उन्होंने रांची को विश्वस्तरीय लाइब्रेरी देने का सपना देखा था और आज वह सपना पूरा होने के करीब है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का प्रस्ताव उन्होंने तत्कालीन केंद्रीय कोयला मंत्री Pralhad Joshi को दिया था, जिन्होंने तुरंत इसकी स्वीकृति प्रदान की।

उन्होंने कहा कि बाद में सीसीएल के तत्कालीन सीएमडी और कोल इंडिया के चेयरमैन बने पीएम प्रसाद ने भी इस परियोजना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्तमान केंद्रीय कोयला मंत्री G. Kishan Reddy का भी इस परियोजना को पूरा कराने में सहयोग रहा है।

विकसित भारत के लक्ष्य में भी देगा योगदान

संजय सेठ ने कहा कि यह लाइब्रेरी सिर्फ रांची ही नहीं बल्कि झारखंड और पूर्वी भारत के विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा उपहार होगी। यहां राज्य के अलावा दूसरे राज्यों से पढ़ाई करने आने वाले युवाओं को भी बेहतर अध्ययन वातावरण मिलेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा दिए गए “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को पूरा करने में शिक्षा और ज्ञान का महत्वपूर्ण योगदान है, और यह लाइब्रेरी उसी दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित होगी।

मंत्री ने कहा, “राजनीति मेरे लिए समाज सेवा का माध्यम है। रांची के लोगों ने जिस विश्वास के साथ मुझे आशीर्वाद दिया, उसी विश्वास को निभाने के लिए मैं लगातार काम कर रहा हूं। यह लाइब्रेरी मेरे लिए एक सपने के पूरा होने जैसा है।”

जून 2026 में इसके पूरा होने के बाद इसका भव्य लोकार्पण किया जाएगा और इसके साथ ही रांची को एक आधुनिक, विशाल और विश्वस्तरीय अध्ययन केंद्र की सौगात मिलेगी।

मोराबादी में बन रही 65 करोड़ की विश्वस्तरीय लाइब्रेरी जून में होगी तैयार, एक साथ 5400 विद्यार्थी कर सकेंगे अध्ययन मोराबादी में बन रही 65 करोड़ की विश्वस्तरीय लाइब्रेरी जून में होगी तैयार, एक साथ 5400 विद्यार्थी कर सकेंगे अध्ययन Reviewed by PSA Live News on 8:41:00 pm Rating: 5

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