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दादी गुलजार जी की स्मृति में मनाया गया ‘दिव्यता दिवस’, ब्रह्माकुमारी संस्थान में भावभीनी श्रद्धांजलि


रांची।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय सेवा केंद्र, चौधरी बगान हरमू रोड, रांची में संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी गुलजार जी की पावन स्मृति में ‘दिव्यता दिवस’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ब्रह्माभोज का आयोजन कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए और उनके आध्यात्मिक योगदान को याद करते हुए उपस्थित लोगों ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोगों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया और दादी गुलजार जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए उनके बताए आध्यात्मिक मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर रांची नगर निगम की पार्षद संगीता देवी ने अपने संबोधन में कहा कि दादी गुलजार जी ने लोगों को जीवन को सहज और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से जीने का मार्ग दिखाया। उनके चेहरे पर सदा मधुर मुस्कान और आंखों में परमात्मा के प्रेम की झलक दिखाई देती थी। उन्होंने कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी हृदयमोहिनी जी, जिन्हें सभी दादी गुलजार के नाम से जानते थे, ने अपना पार्थिव शरीर त्यागकर परमात्मा की गोद में विलीन होकर आध्यात्मिक विरासत छोड़ दी है।

यूनियन बैंक की डिप्टी मैनेजर रविना सीमा मिंज ने कहा कि दादी गुलजार जी ने लगभग 50 वर्षों से भी अधिक समय तक परमात्मा के संदेश को पूरे विश्व में फैलाने का कार्य किया। 92 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली, लेकिन उनका आध्यात्मिक संदेश और जीवन दर्शन आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करता है।

पार्षद डॉ. शुचिता रानी ने कहा कि दादी गुलजार जी ने बहुत छोटी उम्र में ही अपने जीवन को परमात्मा को समर्पित कर दिया था। उन्होंने अपने नाम को सार्थक करते हुए जहां भी गईं, वहां आध्यात्मिकता और प्रेम के फूल खिलते चले गए।

कार्यक्रम में मौजूद सीए श्रद्धा बगला ने कहा कि दादी जी की एक नजर से ही जैसे लाखों आत्माओं को सुकून मिल जाता था। उनका स्नेह और आध्यात्मिक ऊर्जा लोगों के जीवन में नई प्रेरणा और सकारात्मकता भर देती थी।

पूर्व पार्षद अर्जुन यादव ने कहा कि दादी गुलजार जी शांति और ईश्वर की अनुभूति की साक्षात प्रतीक थीं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित अनेक कॉन्फ्रेंस और सेमिनारों के माध्यम से लाखों लोगों को सुख, शांति और आध्यात्मिक जीवन जीने की प्रेरणा दी। संस्थान में उन्होंने कई विभागों का नेतृत्व किया और हजारों बहनों की मार्गदर्शक एवं अभिभावक रहीं।

रोटेरियन गवर्नर मुकेश तनेजा ने कहा कि दादी जी ने एक महिला के रूप में संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके नेतृत्व में संस्थान ने आध्यात्मिक और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए।

पार्षद सुनील यादव ने कहा कि दादी गुलजार जी का जन्म कराची में हुआ था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने पूरे विश्व को अपना परिवार माना। उन्होंने अपने जीवन को परमात्मा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए समर्पित कर दिया। भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी उन्होंने आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचार-प्रसार किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सेवा केंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने कहा कि दादी जी के जीवन में ‘लेकिन’ शब्द के लिए कोई स्थान नहीं था। उन्होंने सदैव मुस्कुराते हुए विश्व की सभी आत्माओं के कल्याण के बारे में सोचा। उन्होंने कहा कि दादी जी के बताए मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने दादी गुलजार जी की स्मृति में पुष्पांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा के दौरान वातावरण आध्यात्मिक भावनाओं से ओतप्रोत रहा और सभी की आंखें नम हो गईं। वक्ताओं ने कहा कि दादी जी भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उन्होंने लाखों आत्माओं के दिलों में जो साहस, प्रेम और आध्यात्मिकता का दीप जलाया है, वह हमेशा उजाला फैलाता रहेगा।

दादी गुलजार जी की स्मृति में मनाया गया ‘दिव्यता दिवस’, ब्रह्माकुमारी संस्थान में भावभीनी श्रद्धांजलि दादी गुलजार जी की स्मृति में मनाया गया ‘दिव्यता दिवस’, ब्रह्माकुमारी संस्थान में भावभीनी श्रद्धांजलि Reviewed by PSA Live News on 6:37:00 pm Rating: 5

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