विद्यानगर शिव-हनुमान मंदिर में गूंजा जयकारा, चैती दुर्गा नवरात्र के तीसरे दिन मां मां चंद्रघंटा की भव्य पूजा, भव्य आरती और दुर्गा पाठ से जगमगाया मंदिर, श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
रांची: राजधानी रांची के विद्यानगर स्थित शिव-हनुमान मंदिर में चैती दुर्गा नवरात्र के पावन अवसर पर भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। नवरात्रा के तीसरे दिन मां मां चंद्रघंटा की पूजा पूरे वैदिक विधि-विधान और गहन श्रद्धा के साथ संपन्न हुई, जिससे मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूब गया।
प्रातः 07:00 बजे से आरंभ हुई पूजा-अर्चना के साथ ही शंखनाद, मंत्रोच्चार और घंटियों की गूंज ने पूरे वातावरण को दिव्य बना दिया। श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह से ही मंदिर में उमड़ने लगी, जहां हर कोई मां के दर्शन और आशीर्वाद के लिए उत्साहित दिखा।
सुबह 09:00 बजे से आयोजित दुर्गा पाठ और 10:30 बजे से शुरू हुए रामायण पाठ में बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया। विद्वान पंडितों द्वारा धार्मिक ग्रंथों के पाठ के माध्यम से न केवल आस्था को बल मिला, बल्कि जीवन मूल्यों और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश भी दिया गया।
संध्या 07:00 बजे आयोजित भव्य आरती इस दिन का मुख्य आकर्षण रही। दीपों की ज्योति, भक्ति गीतों और सामूहिक आरती ने पूरे वातावरण को अलौकिक बना दिया। आरती के उपरांत प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
पूरे मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है, वहीं आसपास की सड़कों को आकर्षक रोशनी से जगमगाया जा रहा है। रात्रि के समय भक्ति संगीत और प्रकाश की छटा श्रद्धालुओं को एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव प्रदान कर रही है।
नवरात्रा के दौरान प्रतिदिन सुबह 07:00 बजे मां दुर्गा की पूजा और शाम 07:00 बजे आरती का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही दुर्गा पाठ और रामायण पाठ का क्रम निरंतर जारी है, जिसमें श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। नौ दिनों तक मां के विभिन्न स्वरूपों को विशेष भोग अर्पित किए जा रहे हैं, जिन्हें प्रसाद के रूप में भक्तों के बीच वितरित किया जा रहा है। तीसरे दिन मां चंद्रघंटा को अर्पित भोग एवं प्रसाद की व्यवस्था पूजा समिति के सदस्य सुबोध सिंह के सौजन्य से की गई।
महोत्सव के अंतिम दिन 28 मार्च को सायं 04:00 बजे भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर आनंदपुरी चौक, हरमू होते हुए बड़ा तालाब तक जाएगी, जहां विधिवत रूप से माता की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। शोभायात्रा में भक्ति संगीत, पारंपरिक वाद्य-यंत्र और आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र होंगी।
मंदिर समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस पावन आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लें और इसे सफल बनाएं। समिति के अनुसार, ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा, आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक समरसता को सुदृढ़ करते हैं।
Reviewed by PSA Live News
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8:20:00 pm
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