ब्लॉग खोजें

विद्यानगर में आस्था का महापर्व: महा सप्तमी पर माता कालरात्रि की विधिवत पूजा, प्राण प्रतिष्ठा के साथ श्रद्धालुओं के लिए खुले द्वार


रांची।
चैती नवरात्रि के पावन अवसर पर राजधानी रांची के विद्यानगर स्थित शिव हनुमान मंदिर में महा सप्तमी के दिन भक्ति, आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रातःकाल ठीक 7 बजे से माता कालरात्रि की विशेष पूजा-अर्चना आरंभ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया।


इसके उपरांत पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रातः 10 बजे माता की “पत्रिका प्रवेश” एवं “प्राण प्रतिष्ठा” की विधि वैदिक मंत्रोच्चार और विधिविधान के साथ सम्पन्न की गई। इस धार्मिक अनुष्ठान के साथ ही माता की प्रतिमा को आधिकारिक रूप से स्थापित कर श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु मंदिर के कपाट खोल दिए गए।


ज्ञात हो कि इसके एक दिन पूर्व, षष्ठी तिथि की संध्या बेला में पारंपरिक “बेल बरन” (बेलनौती) कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। बेल वृक्ष के समीप विधिवत पूजन कर माता का आह्वान किया गया, जो इस पूजा की प्राचीन और महत्वपूर्ण परंपरा मानी जाती है।


महा सप्तमी के अवसर पर आयोजित पत्रिका प्रवेश कार्यक्रम में सभी आयु वर्ग के श्रद्धालुओं—महिलाओं, पुरुषों और युवाओं—की उपस्थिति अत्यंत उत्साहजनक रही। मंदिर परिसर ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य-यंत्रों की गूंज से भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर जयकारे लगाते नजर आए, जिससे पूरा क्षेत्र धर्ममय हो उठा।

विशेष बात यह है कि विद्यानगर स्थित शिव हनुमान मंदिर में चैती दुर्गा पूजा का यह दूसरा वर्ष है, किंतु इस बार श्रद्धालुओं का उत्साह और सहभागिता पिछले वर्ष की तुलना में कहीं अधिक देखने को मिल रही है। उमड़ती भीड़ इस बात का प्रमाण है कि यह पूजा अब क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र बनती जा रही है।


पूजा समिति द्वारा प्रत्येक दिन माता रानी को अलग-अलग भक्तों के सहयोग से विशेष भोग अर्पित किया जा रहा है, जिसे बाद में प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया जाता है। आज महा सप्तमी के प्रसाद की समस्त व्यवस्था एवं व्यय समिति के सक्रिय सदस्य श्री सुफल नारायण झा द्वारा श्रद्धा भाव से वहन किया गया है, जो समाज में सेवा और समर्पण की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है।


आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी मंदिर परिसर में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। 26 मार्च को महाष्टमी और 27 मार्च को महानवमी के अवसर पर विशेष पूजन, भव्य अनुष्ठान और धार्मिक कार्यक्रमों को ऐतिहासिक रूप देने की योजना है। वहीं 28 मार्च को माता की प्रतिमा का विधिवत विसर्जन एवं भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।


इस प्रकार विद्यानगर का शिव हनुमान मंदिर इन दिनों चैती नवरात्रि के पावन अवसर पर भक्ति, परंपरा और सांस्कृतिक एकता का जीवंत केंद्र बना हुआ है, जहां हर दिन आस्था की नई ऊर्जा और श्रद्धा का सागर उमड़ रहा है।


विशेष बात यह है कि विद्यानगर स्थित शिव हनुमान मंदिर में चैती दुर्गा पूजा का यह दूसरा वर्ष है, किंतु इस बार श्रद्धालुओं का उत्साह और सहभागिता पिछले वर्ष की तुलना में कहीं अधिक देखने को मिल रही है। उमड़ती भीड़ इस बात का प्रमाण है कि यह पूजा अब क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र बनती जा रही है।

पूजा समिति द्वारा प्रत्येक दिन माता रानी को अलग-अलग भक्तों के सहयोग से विशेष भोग अर्पित किया जा रहा है, जिसे बाद में प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया जाता है। आज महा सप्तमी के प्रसाद की समस्त व्यवस्था एवं व्यय समिति के सक्रिय सदस्य श्री सुफल नारायण झा द्वारा श्रद्धा भाव से वहन किया गया है, जो समाज में सेवा और समर्पण की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है।

आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी मंदिर परिसर में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। 26 मार्च को महाष्टमी और 27 मार्च को महानवमी के अवसर पर विशेष पूजन, भव्य अनुष्ठान और धार्मिक कार्यक्रमों को ऐतिहासिक रूप देने की योजना है। वहीं 28 मार्च को माता की प्रतिमा का विधिवत विसर्जन एवं भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

इस प्रकार विद्यानगर का शिव हनुमान मंदिर इन दिनों चैती नवरात्रि के पावन अवसर पर भक्ति, परंपरा और सांस्कृतिक एकता का जीवंत केंद्र बना हुआ है, जहां हर दिन आस्था की नई ऊर्जा और श्रद्धा का सागर उमड़ रहा है।

विद्यानगर में आस्था का महापर्व: महा सप्तमी पर माता कालरात्रि की विधिवत पूजा, प्राण प्रतिष्ठा के साथ श्रद्धालुओं के लिए खुले द्वार विद्यानगर में आस्था का महापर्व: महा सप्तमी पर माता कालरात्रि की विधिवत पूजा, प्राण प्रतिष्ठा के साथ श्रद्धालुओं के लिए खुले द्वार Reviewed by PSA Live News on 5:14:00 pm Rating: 5

कोई टिप्पणी नहीं:

Blogger द्वारा संचालित.