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सतत कृषि और खाद्य सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम: आईसीएआर-आईआईएबी में जीनोम एडिटिंग पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय मंथन शुरू


रांची, 25 मार्च 2026: 
हिंदुस्तान में कृषि क्षेत्र को जलवायु परिवर्तन, घटती उत्पादकता और पोषण सुरक्षा जैसी गंभीर चुनौतियों से उबारने के उद्देश्य से उन्नत वैज्ञानिक तकनीकों की ओर तेजी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं। इसी क्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत भारतीय कृषि जैवप्रौद्योगिकी संस्थान (आईसीएआर-आईआईएबी), रांची के गढ़खटांगा परिसर में “सतत कृषि एवं खाद्य सुरक्षा हेतु जीनोम एडिटिंग” विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय मंथन कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ हुआ। यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम 25 से 27 मार्च 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।

इस राष्ट्रीय स्तर के मंथन में देशभर के अग्रणी वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और नीति-निर्माताओं ने भाग लेकर जीनोम एडिटिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से कृषि क्षेत्र की जटिल समस्याओं के समाधान पर गहन विचार-विमर्श प्रारंभ किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ऐसी वैज्ञानिक रणनीतियों का विकास करना है, जो बदलते जलवायु परिदृश्य में फसलों की उत्पादकता बढ़ाने, कीट एवं रोग प्रतिरोध विकसित करने तथा पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक हों।

🔍 उद्घाटन सत्र में संस्थान की उपलब्धियों का प्रस्तुतिकरण

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में आईसीएआर-आईआईएबी में जीनोम एडिटिंग से जुड़े अब तक के शोध कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। डॉ. के. आर. सोरेन ने अपनी प्रस्तुति में संस्थान की उपलब्धियों, प्रगति और भविष्य की अनुसंधान दिशा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जीनोम एडिटिंग तकनीकें आने वाले समय में कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकती हैं।

🌱 जीनोम एडिटिंग: कृषि का भविष्य

विशेषज्ञों ने इस बात पर बल दिया कि जीनोम एडिटिंग तकनीकें पारंपरिक कृषि पद्धतियों की सीमाओं को पार कर फसलों को अधिक उत्पादक, पोषणयुक्त और जलवायु-सहिष्णु बनाने में सक्षम हैं। यह तकनीक न केवल खाद्य सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि किसानों की आय में वृद्धि और कृषि की स्थिरता को भी सुनिश्चित करेगी।

 चुनौतियां और समाधान पर गहन चर्चा

मंथन के दौरान वैज्ञानिकों ने फसलों में पुनर्जनन (regeneration) की समस्या, कम परिवर्तन दक्षता (transformation efficiency) तथा जीनोम एडिटिंग के व्यावहारिक क्रियान्वयन में आने वाली तकनीकी बाधाओं पर विस्तार से चर्चा की।

विशेषज्ञों ने इन चुनौतियों के समाधान के लिए अधिक सटीक, विश्वसनीय और लागत-प्रभावी तकनीकों के विकास की आवश्यकता पर जोर दिया।

 जैव विविधता और जर्मप्लाज्म का महत्व

कार्यक्रम में जर्मप्लाज्म संसाधनों और जीन बैंक की भूमिका को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया। वैज्ञानिकों ने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण और उसका वैज्ञानिक उपयोग ही भविष्य की खाद्य सुरक्षा का आधार बनेगा। इस दिशा में संस्थागत प्रयासों को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है।

 आगामी सत्रों में होंगे महत्वपूर्ण विषयों पर विमर्श

कार्यक्रम के अगले दो दिनों में कई महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं—

जर्मप्लाज्म संसाधन एवं इन-विट्रो डोमेस्टिकेशन

अगली पीढ़ी की जीनोम एडिटिंग तकनीकें

तकनीकी हस्तक्षेप एवं जीन खोज रणनीतियाँ

आईसीएआर-आईआईएबी के लिए जीनोम एडिटिंग एवं कृषि जैव प्रौद्योगिकी रोडमैप

 देश के दिग्गज वैज्ञानिकों की भागीदारी

इस मंथन कार्यक्रम में डॉ. आर. श्रीनिवासन, डॉ. एस. बालाचंद्रन, डॉ. जॉय के. रॉय, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. एन. पी. सिंह, डॉ. एन. के. सिंह, डॉ. एल. वी. सुब्बाराव, डॉ. वी. रविंद्र बाबू, डॉ. एस. आर. भट्ट, डॉ. एच. एस. चावला, डॉ. के. एस. वरप्रसाद, डॉ. वी. दिनेश कुमार, डॉ. जितेंद्र गिरी, डॉ. ए. विष्णुवर्धन रेड्डी, डॉ. हरि हर राम, डॉ. ए. के. गौर, डॉ. कुतुबुद्दीन अली मोल्ला, डॉ. स्वप्न कुमार दत्ता तथा डॉ. वी. के. खन्ना सहित अनेक विशेषज्ञ अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।

 संस्थान के नेतृत्व की उपस्थिति

इस अवसर पर आईसीएआर-आईआईएबी के निदेशक डॉ. सुजय रक्षित, संयुक्त निदेशक (अनुसंधान) डॉ. विजय पाल भदाना सहित संस्थान के वैज्ञानिक, कर्मचारी एवं छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

यह तीन दिवसीय मंथन कार्यक्रम न केवल जीनोम एडिटिंग तकनीकों के वैज्ञानिक और व्यावहारिक पहलुओं को मजबूत करेगा, बल्कि हिंदुस्तान की कृषि नीति, अनुसंधान रणनीति और खाद्य सुरक्षा के भविष्य को नई दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आने वाले समय में यह पहल कृषि जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देश को वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर कर सकती है।

सतत कृषि और खाद्य सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम: आईसीएआर-आईआईएबी में जीनोम एडिटिंग पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय मंथन शुरू सतत कृषि और खाद्य सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम: आईसीएआर-आईआईएबी में जीनोम एडिटिंग पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय मंथन शुरू Reviewed by PSA Live News on 6:38:00 pm Rating: 5

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