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रांची में गूंजा राजपुताना स्वाभिमान, “क्षत्रिय गौरव एकता समागम” बना शक्ति, संगठन और अस्मिता का विराट मंच

हजारों की भीड़, दिग्गज नेताओं की मौजूदगी और युवाओं के जोश ने दिया एकता का स्पष्ट संदेश


रांची, झारखंड: 
राजधानी रांची का पुराना विधानसभा मैदान (जगरनाथपुर थाना के समीप) रविवार को एक ऐतिहासिक जनसमूह का साक्षी बना, जब “क्षत्रिय गौरव एकता समागम” के मंच पर हजारों की संख्या में जुटे क्षत्रिय समाज के लोगों ने अपने स्वाभिमान, परंपरा और संगठन की ताकत का अभूतपूर्व प्रदर्शन किया। यह आयोजन केवल एक सभा नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और राजनीतिक जागरूकता का विराट प्रदर्शन बनकर उभरा।

पूरा मैदान “क्षत्रिय एकता अमर रहे”, “राजपुताना स्वाभिमान अमर रहे”, “हर-हर महादेव” और “जय भवानी-जय राजपूताना” जैसे गगनभेदी नारों से गूंज उठा। लोगों के उत्साह और जोश ने समागम को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।

🔶 इतिहास, शौर्य और राष्ट्ररक्षा की विरासत पर जोर

मुख्य वक्ता, कैसरगंज (उत्तर प्रदेश) के पूर्व सांसद एवं भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि क्षत्रिय समाज केवल पराक्रम का प्रतीक नहीं, बल्कि राष्ट्र, धर्म और संस्कृति की रक्षा का सनातन प्रहरी रहा है।

उन्होंने कहा कि इतिहास के हर कठिन दौर में क्षत्रिय समाज ने अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर नेतृत्व और बलिदान का परिचय दिया है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, संगठन और राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया।

🔶 एकता ही पहचान और अधिकार की गारंटी

बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि क्षत्रिय समाज ने सदैव राष्ट्ररक्षा और सामाजिक नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाई है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि आज के समय में संगठित समाज ही अपनी पहचान और अधिकारों को सुरक्षित रख सकता है।

🔶 महिलाओं और युवाओं की भागीदारी पर विशेष जोर

शिवहर की सांसद लवली आनंद ने समाज की असली ताकत उसकी एकता और संस्कार को बताते हुए कहा कि जब बेटियां और युवा आगे बढ़ते हैं, तभी समाज सशक्त होता है।

उन्होंने नई पीढ़ी को शिक्षा और नेतृत्व के अवसर देने की आवश्यकता पर बल दिया।

🔶 सामाजिक समरसता और विकास का आह्वान

धनबाद के नवनिर्वाचित मेयर संजीव सिंह ने इस समागम को समाज को एक मंच पर जोड़ने वाला ऐतिहासिक प्रयास बताया।

उन्होंने कहा कि आपसी मतभेद भुलाकर समाज को शिक्षा, विकास और समरसता की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

🔶 एकता ही सबसे बड़ी ताकत

चतरा के पूर्व सांसद सुनील कुमार सिंह ने अपने जोशीले संबोधन में कहा कि क्षत्रिय समाज की सबसे बड़ी शक्ति उसकी एकता और स्वाभिमान है।

धनबाद के पूर्व सांसद पी.एन. सिंह ने भी युवाओं को सकारात्मक नेतृत्व और सामाजिक जागरूकता के लिए प्रेरित किया।

🔶 इतिहास रचने के लिए संगठन जरूरी

झारखंड के वरिष्ठ नेता गिरिनाथ सिंह ने कहा कि जब समाज एकजुट होता है, तो वह बड़े से बड़ा परिवर्तन कर सकता है।

उन्होंने संगठन को समाज की मजबूती का आधार बताया।

🔶 युवाओं को नेतृत्व के लिए आगे आने का संदेश

पूर्व एमएलसी प्रवीण सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता अंशुमान आनंद और भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉ. संजय सिंह ने युवाओं से समाज की परंपरा और गौरव को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि आज के समय में जागरूकता, संगठन और नेतृत्व ही समाज को नई दिशा दे सकते हैं।

🔶 संयोजकों ने बताया—यह केवल आयोजन नहीं, आंदोलन है

कार्यक्रम के संयोजक प्रवीण सिंह ने कहा कि इस समागम का उद्देश्य समाज को एक मंच पर लाकर उसकी शक्ति को संगठित करना है।

वहीं डॉ. संजय सिंह ने इसे समाज की चेतना और स्वाभिमान का प्रतीक बताते हुए कहा कि संगठित समाज की आवाज दूर तक जाती है।

🔶 हजारों की भागीदारी ने दिया स्पष्ट संदेश

समागम में उमड़ी हजारों की भीड़ ने यह स्पष्ट कर दिया कि क्षत्रिय समाज अपनी पहचान, परंपरा और स्वाभिमान के प्रति पूरी तरह सजग है।

पूरे आयोजन में राजपुताना गौरव, जोश और सामाजिक एकजुटता का अनूठा संगम देखने को मिला।

इस अवसर पर करणी सेना झारखंड के प्रदेश महामंत्री सह मीडिया प्रभारी डॉ. धीरज सिंह “सूर्यवंशी” (बिनु सिंह) सहित सूर्यभान सिंह, अमरेंद्र सिंह, सत्य नारायण सिंह, संतोष सिंह, निपु सिंह, अभिनाश सिंह, प्रियांशु सिंह, महावीर सिंह, देवराज सिंह, राकेश सिंह, बिनोद सिंह, रंजन सिंह, रामेश्वर दयाल सिंह, दिलीप सिंह, संजीत सिंह और श्याम किशोर सिंह समेत हजारों लोग उपस्थित रहे।

🛡️ स्वाभिमान की हुंकार, एकता का संदेश

“क्षत्रिय गौरव एकता समागम” रांची की धरती से उठी उस सामूहिक चेतना का प्रतीक बन गया, जिसने यह संदेश दिया कि जब कोई समाज अपने स्वाभिमान, संगठन और एकता के साथ खड़ा होता है, तो वह इतिहास में अपनी अलग पहचान दर्ज कराता है।

राजपुताना स्वाभिमान के जयघोष के साथ यह विराट आयोजन न केवल एक ऐतिहासिक क्षण बना, बल्कि आने वाले समय में सामाजिक और राजनीतिक दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण पड़ाव भी साबित हुआ।

रांची में गूंजा राजपुताना स्वाभिमान, “क्षत्रिय गौरव एकता समागम” बना शक्ति, संगठन और अस्मिता का विराट मंच रांची में गूंजा राजपुताना स्वाभिमान, “क्षत्रिय गौरव एकता समागम” बना शक्ति, संगठन और अस्मिता का विराट मंच Reviewed by PSA Live News on 7:15:00 am Rating: 5

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