झारखंड में बागवानी विकास को मिलेगा नया आयाम, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की मौजूदगी में IIHR बेंगलुरु के साथ हुआ MoU
रांची : झारखंड में बागवानी क्षेत्र के समग्र विकास, आधुनिक तकनीक के विस्तार और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। मुख्यमंत्री Hemant Soren की उपस्थिति में गुरुवार को झारखंड विधान सभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में उद्यान निदेशालय, झारखंड और **Indian Institute of Horticultural Research (IIHR), बेंगलुरु के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि यह समझौता राज्य के बागवानी क्षेत्र के विकास और विस्तार के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से राज्य के किसानों को आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज, वैज्ञानिक खेती के तरीके और बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध होंगे, जिससे उनकी उत्पादकता और आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की भौगोलिक परिस्थितियां और जलवायु बागवानी फसलों के लिए बेहद अनुकूल हैं। ऐसे में यदि वैज्ञानिक अनुसंधान और आधुनिक तकनीक को किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए तो राज्य फल, सब्जी, औषधीय पौधों और सजावटी पौधों के उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस समझौते के माध्यम से झारखंड के किसानों को अत्याधुनिक कृषि तकनीक और वैज्ञानिक मार्गदर्शन का लाभ मिलेगा।
आधुनिक तकनीक और अनुसंधान को मिलेगा बढ़ावा
इस समझौते के तहत Indian Council of Agricultural Research (ICAR) के अधीन संचालित Indian Institute of Horticultural Research झारखंड में बागवानी से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा। इसके अंतर्गत फल, सब्जी, सजावटी पौधों, औषधीय पौधों तथा मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में नई तकनीकों का विकास, अनुसंधान, प्रशिक्षण और विस्तार सेवाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
इसके अलावा किसानों को उन्नत किस्मों के बीज, पौध सामग्री, रोग एवं कीट प्रबंधन, फसल संरक्षण, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे बागवानी उत्पादों की गुणवत्ता और बाजार मूल्य में वृद्धि होने की उम्मीद है।
किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य किसानों की आय को बढ़ाना और उन्हें कृषि के साथ-साथ बागवानी, पशुपालन तथा अन्य सहायक गतिविधियों से जोड़ना है। बागवानी क्षेत्र में निवेश और तकनीकी सहयोग मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस समझौते के लाभ को अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि राज्य के हर जिले में बागवानी को बढ़ावा मिल सके।
ये अधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की मंत्री श्रीमती Shilpi Neha Tirkey, मुख्य सचिव Avinash Kumar, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के सचिव Abu Bakar Siddiqui सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान बागवानी क्षेत्र के विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की गई और इस समझौते को राज्य के कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
यह समझौता झारखंड में बागवानी क्षेत्र को वैज्ञानिक आधार देने के साथ-साथ किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
Reviewed by PSA Live News
on
7:30:00 pm
Rating:

कोई टिप्पणी नहीं: