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“नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष का विरोध महिलाओं के अधिकारों पर हमला” — प्रोमिला पूनिया

भाजपा नेत्री बोलीं— विपक्ष की राजनीति परिवारवाद तक सीमित, महिलाओं की भागीदारी से घबराहट स्पष्ट


हिसार/हरियाणा (राजेश सलूजा): 
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेत्री प्रोमिला पूनिया ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के मुद्दे पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक पहल का विरोध कर विपक्ष ने अपना “महिला विरोधी चेहरा” उजागर कर दिया है। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकार, सम्मान और लोकतांत्रिक भागीदारी पर सीधा प्रहार बताया।

प्रोमिला पूनिया ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं को राजनीति में उचित प्रतिनिधित्व देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। लेकिन विपक्ष ने अपनी संकीर्ण मानसिकता और परिवारवादी सोच के कारण इस अवसर को बाधित करने का प्रयास किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के नाम पर राजनीति की है, लेकिन जब वास्तविक सशक्तिकरण की बात आती है तो उसका “दोहरा चरित्र” सामने आ जाता है। उनके अनुसार कांग्रेस और उसके सहयोगी दल नहीं चाहते कि सामान्य, ग्रामीण और पिछड़े वर्ग की महिलाएं राजनीति में आगे बढ़ें।

भाजपा नेत्री ने कहा कि कांग्रेस अब एक “परिवार केंद्रित पार्टी” बनकर रह गई है, जहां अवसर और सत्ता कुछ विशेष लोगों तक सीमित हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों तक महिलाओं के अधिकारों की बात करने के बावजूद कांग्रेस ने उन्हें वास्तविक भागीदारी देने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

प्रोमिला पूनिया ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं और नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी उसी सोच का विस्तार है। इसका उद्देश्य संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की सम्मानजनक भागीदारी सुनिश्चित करना है।

उन्होंने विपक्ष पर “राजनीतिक स्वार्थ” के लिए इस विधेयक का विरोध करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का रहा है। चुनावों के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन अधिकार देने के समय पीछे हटना उनकी पुरानी प्रवृत्ति रही है।

प्रोमिला पूनिया ने कहा कि विपक्षी दल महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से घबराए हुए हैं, क्योंकि इससे परिवारवाद और वंशवाद की राजनीति कमजोर होगी। यही कारण है कि इस महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध किया जा रहा है।

उन्होंने विश्वास जताया कि देश की महिलाएं अब जागरूक हो चुकी हैं और वे समझती हैं कि कौन सा दल उनके अधिकारों के लिए ईमानदारी से कार्य कर रहा है। आने वाले समय में महिलाएं लोकतांत्रिक तरीके से इस “महिला विरोधी सोच” का जवाब देंगी।

अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं को केवल मतदाता नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रमुख शक्ति मानती है। महिलाओं की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी ही मजबूत लोकतंत्र की पहचान है और पार्टी इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने दोहराया कि विपक्ष चाहे जितनी बाधाएं खड़ी करे, भाजपा महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।

“नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष का विरोध महिलाओं के अधिकारों पर हमला” — प्रोमिला पूनिया “नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष का विरोध महिलाओं के अधिकारों पर हमला” — प्रोमिला पूनिया Reviewed by PSA Live News on 11:28:00 pm Rating: 5

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