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मधुबनी में बाढ़–सूखा संकट से निपटने की बड़ी तैयारी: प्रभारी मंत्री लेशी सिंह ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, 30 मई को सभी पंचायतों में विशेष ग्रामसभा


मधुबनी, 26 मई 2026:
संभावित बाढ़ और सुखाड़ जैसी दोहरी प्राकृतिक आपदा के खतरे को देखते हुए मधुबनी जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले की आपदा प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए भवन निर्माण विभाग की मंत्री एवं मधुबनी जिला प्रभारी मंत्री लेशी सिंह की अध्यक्षता में डीआरडीए सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और विभिन्न विभागों के प्रमुखों ने भाग लिया।

बैठक में प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार संभावित बाढ़ और सुखाड़ के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए पूरी गंभीरता और दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आपदा आने के बाद राहत पहुंचाना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उससे पहले व्यापक तैयारी करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन, जनप्रतिनिधि और आम जनता समन्वय बनाकर कार्य करें तो किसी भी आपदा के दुष्प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

30 मई को हर पंचायत में विशेष ग्रामसभा, छूटे लाभुकों के नाम जुड़ेंगे

बैठक में एक बड़ा निर्णय लेते हुए जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि 30 मई 2026 को जिले की सभी पंचायतों में विशेष ग्रामसभा आयोजित की जाएगी। इस दौरान संपूर्ति पोर्टल पर छूटे हुए लाभुकों के नाम जोड़ने और सूची अपडेट करने का कार्य किया जाएगा।

प्रशासन का उद्देश्य है कि आपदा की स्थिति उत्पन्न होने पर प्रभावित परिवारों को राहत राशि तत्काल उपलब्ध कराई जा सके और किसी पात्र व्यक्ति का नाम छूट न जाए।

बाढ़ और सुखाड़ दोनों से निपटने के लिए वैकल्पिक फसल योजना पर जोर

प्रभारी मंत्री ने कृषि विभाग को निर्देश दिया कि यदि वर्षा कम होती है या बाढ़ की स्थिति बनती है, तो किसानों को वैकल्पिक खेती की दिशा में तत्काल सहायता दी जाए।

जिला कृषि विभाग ने जानकारी दी कि आकस्मिक फसल योजना लगभग अंतिम चरण में है। इसमें धान की परंपरागत खेती के साथ-साथ अरहर, उड़द, तुरिया और कुर्थी जैसी कम पानी में होने वाली फसलों को बढ़ावा देने की रणनीति तैयार की जा रही है।

इस कदम को किसानों को संभावित नुकसान से बचाने की बड़ी पहल माना जा रहा है।

मौसम विभाग की चेतावनी: सामान्य से कम बारिश की संभावना

बैठक में अपर समाहर्ता आपदा संतोष कुमार ने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के जरिए बताया कि बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार जून से सितंबर 2026 के बीच वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है।

मधुबनी को परंपरागत रूप से आपदा प्रभावित जिला माना जाता है। जिले से करीब 18 नदियां और उनकी सहायक धाराएं गुजरती हैं। ऐसे में यहां बाढ़ और सुखाड़ दोनों की आशंका बनी रहती है।

इसी को देखते हुए नदियों के जलस्तर की निगरानी हर तीन घंटे पर की जा रही है।

किसानों के लिए बड़ा निर्देश: नहरों के अंतिम छोर तक पहुंचे पानी

जल संसाधन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि सिंचाई व्यवस्था में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

अधिकारियों से कहा गया कि नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए ताकि रोपनी के समय किसानों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े।

बाढ़ से पहले पुल-पुलियों की सफाई लगभग पूरी

ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा जिले में कुल 3069 पुल-पुलियों की सफाई पूरी कर ली गई है। शेष कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है।

प्रशासन का मानना है कि समय रहते जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रहने से कई इलाकों को जलजमाव और बाढ़ से बचाया जा सकता है।

बाढ़ आश्रय स्थलों की तैयारी लगभग पूरी

प्रशासन ने बताया कि जिले में 9 नए बाढ़ आश्रय स्थलों में से 8 का निर्माण पूरा हो चुका है। एसडीआरएफ भवन भी तैयार हो चुका है।

बाढ़ राहत व्यवस्था के तहत:

  • 242 राहत शिविरों की पहचान
  • लगभग 97,023 लोगों के ठहरने की व्यवस्था
  • 231 सामुदायिक रसोई स्थल चिह्नित
  • प्रतिदिन 92,916 लोगों को भोजन उपलब्ध कराने की क्षमता

आश्रय स्थलों पर पेयजल, शौचालय और मूलभूत सुविधाओं का भौतिक सत्यापन अंतिम चरण में है।

नाव, मोटरबोट और आपदा मित्र भी तैयार

जिले में:

  • 93 सरकारी नाव उपलब्ध
  • 28 परिचालन योग्य
  • 22 नाव मरम्मताधीन
  • 41 निजी नाव मालिकों से समझौते की प्रक्रिया
  • 7 मोटरबोट उपलब्ध
  • 290 प्रशिक्षित आपदा मित्र तैनात
  • 67,320 पॉलीथिन शीट उपलब्ध

जिलाधिकारी ने बताया कि संकटग्रस्त समूहों की पहचान भी कर ली गई है।

स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड में

बाढ़ के दौरान स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष तैयारी की है।

  • सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सा दल गठित
  • जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित
  • हैलोजन टैबलेट, ब्लीचिंग पाउडर, डीटीटी स्टॉक में
  • मधेपुर, फुलपरास, घोघरडीहा, बिस्फी, मधवापुर, बेनीपट्टी और लौकही में वोट एम्बुलेंस मेडिकल टीम तैयार

पेयजल व्यवस्था पर विशेष ध्यान

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के अनुसार जिले के 9699 चापाकलों में से 9555 चालू हैं जबकि 102 की मरम्मत की जा रही है।

जनप्रतिनिधियों ने भी कई क्षेत्रों में चापाकलों की मरम्मत तेज करने की मांग उठाई।

जनप्रतिनिधियों ने भी दिए अहम सुझाव

बैठक में सांसद रामप्रीत मंडल ने मधेपुर, भेजा, गढ़गांव और बकुआ क्षेत्र में चापाकलों की मरम्मत और तटबंधों की जांच की मांग उठाई।

वहीं विधान परिषद सदस्य घनश्याम ठाकुर ने हाल की आंधी-तूफान से प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत राशि उपलब्ध कराने की मांग रखी।

प्रभारी मंत्री का संदेश: सामूहिक प्रयास से कम होगा आपदा का असर

बैठक के अंत में प्रभारी मंत्री ने जिला प्रशासन की तैयारियों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यदि सभी विभाग इसी गंभीरता से कार्य करते रहे तो संभावित आपदा का असर काफी कम किया जा सकता है।

उन्होंने कहा:

"आपदा से लड़ाई सिर्फ प्रशासन नहीं लड़ सकता, इसके लिए जनता, जनप्रतिनिधि और सरकार — सभी को मिलकर काम करना होगा।"

अब देखने वाली बात होगी कि मानसून के आने से पहले प्रशासन की यह तैयारी जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होती है। 

मधुबनी में बाढ़–सूखा संकट से निपटने की बड़ी तैयारी: प्रभारी मंत्री लेशी सिंह ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, 30 मई को सभी पंचायतों में विशेष ग्रामसभा मधुबनी में बाढ़–सूखा संकट से निपटने की बड़ी तैयारी: प्रभारी मंत्री लेशी सिंह ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, 30 मई को सभी पंचायतों में विशेष ग्रामसभा Reviewed by PSA Live News on 10:25:00 pm Rating: 5

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