“मई की गर्मी में महिलाओं के खातों में बरसेगा पैसा” — आज से 38 लाख बहनों को मिलेंगे 5000 रुपये, सरकार ने शुरू किया बड़ा ट्रांसफर अभियान
रांची। झारखंड की लाखों महिलाओं के लिए आज का दिन बड़ी राहत और खुशी लेकर आया है। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत राज्य सरकार ने लाभुक महिलाओं के बैंक खातों में एक साथ 5000 रुपये भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार के इस फैसले से करीब 38 लाख महिलाओं को सीधा फायदा मिलेगा और राज्यभर में इसे लेकर उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस योजना के तहत अप्रैल और मई महीने की राशि एक साथ महिलाओं के खातों में भेजी जा रही है। इसके लिए लगभग 2625 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। खास बात यह है कि जिन महिलाओं का बैंक खाता आधार से लिंक है, उन्हें पहले चरण में ही राशि प्राप्त होगी। वहीं जिनका सत्यापन बाकी है या बैंक खाते आधार से लिंक नहीं हैं, उन्हें प्रक्रिया पूरी होने के बाद राशि दी जाएगी।
सरकार का बड़ा दांव, महिलाओं को आर्थिक ताकत देने की कोशिश
राज्य सरकार इसे महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बता रही है। योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सहयोग देना है ताकि वे घरेलू जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकें। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच यह राशि महिलाओं के लिए राहत का काम करेगी।
ग्रामीण इलाकों में इस योजना को लेकर सबसे ज्यादा उत्साह देखा जा रहा है। कई महिलाएं सुबह से ही बैंक और ग्राहक सेवा केंद्रों के बाहर जानकारी लेने पहुंच रही हैं। गांवों में चर्चा है कि सरकार ने चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
आधार लिंक जरूरी, तभी खाते में आएगी राशि
सरकार ने साफ कर दिया है कि जिन महिलाओं के बैंक खाते आधार से लिंक हैं, उन्हें ही पहले चरण में पैसा मिलेगा। जिन लाभुकों का सत्यापन या बैंक लिंकिंग बाकी है, उनकी राशि फिलहाल होल्ड पर रखी गई है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार बड़ी संख्या में आवेदन आने के कारण सत्यापन की प्रक्रिया में समय लग रहा है। कई मामलों में दस्तावेजों की त्रुटियां और आधार लिंक नहीं होने के कारण भुगतान अटका हुआ है। सरकार ने लाभुक महिलाओं से जल्द से जल्द अपने दस्तावेज अपडेट कराने की अपील की है।
सरकार बोली – हर पात्र महिला तक पहुंचेगा पैसा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि योजना की राशि हर पात्र महिला तक पहुंचाई जाएगी। सरकार का दावा है कि किसी भी योग्य लाभुक को वंचित नहीं रखा जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि लंबित मामलों का जल्द निपटारा किया जाए।
सरकार का यह भी कहना है कि योजना के तहत लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा न हो। भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
बैंकों और सीएसपी केंद्रों पर बढ़ी भीड़
राशि ट्रांसफर की खबर सामने आते ही बैंकों, एटीएम और सीएसपी केंद्रों पर महिलाओं की भीड़ बढ़ गई है। कई जगह लंबी कतारें देखने को मिलीं। महिलाएं अपने खातों का बैलेंस चेक कराने पहुंच रही हैं।
ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि यह राशि उनके परिवार के लिए बड़ी मदद साबित होगी। किसी के घर में बच्चों की पढ़ाई का खर्च है तो किसी को राशन और दवा खरीदनी है। कई महिलाओं ने इसे “मुश्किल समय में सरकार की राहत” बताया।
विपक्ष भी सक्रिय, योजना पर राजनीति तेज
योजना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष इसे चुनावी रणनीति बता रहा है, जबकि सत्तापक्ष इसे महिलाओं के सम्मान और अधिकार से जोड़कर पेश कर रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि महिलाओं के बीच इस योजना का असर आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक संदेश दे सकता है।
महिलाओं के चेहरे पर खुशी, गांव-गांव में चर्चा
राज्य के कई जिलों में महिलाओं ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। गांवों में यह चर्चा तेजी से फैल रही है कि “सरकार ने वादा निभाना शुरू कर दिया है।” सोशल मीडिया पर भी योजना को लेकर पोस्ट और वीडियो वायरल हो रहे हैं।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि बाकी लंबित लाभुकों को राशि कब तक मिलती है और सरकार सत्यापन प्रक्रिया को कितनी तेजी से पूरा करती है। फिलहाल इतना तय है कि आज का दिन झारखंड की लाखों महिलाओं के लिए आर्थिक राहत और उम्मीद लेकर आया है।
Reviewed by PSA Live News
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12:02:00 pm
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