विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आह्वान: “माँ के नाम एक पेड़ लगाएं, हरित बिहार के निर्माण में बनें भागीदार”
पटना । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्यवासियों से भावनात्मक और प्रेरणादायी अपील करते हुए अपनी माँ के नाम पर कम-से-कम एक पौधा लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा जनआंदोलन है, जिसमें समाज के हर व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जारी अपने संदेश में सम्राट चौधरी ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और प्राकृतिक संसाधनों के लगातार दोहन के कारण पर्यावरण गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में वृक्षारोपण प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी निभाने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी माँ के सम्मान में एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मातृत्व के प्रति सम्मान का भी प्रतीक बनेगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाने, जल संरक्षण और जैव विविधता के संवर्धन के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत किया जा सके और लोगों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि एक पेड़ केवल ऑक्सीजन ही नहीं देता, बल्कि जल संरक्षण, मिट्टी के कटाव को रोकने, तापमान नियंत्रित रखने और जीव-जंतुओं के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वर्तमान समय में जब पूरी दुनिया पर्यावरणीय संकट से जूझ रही है, तब प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य बनता है कि वह प्रकृति के संरक्षण में अपना योगदान दे।
सम्राट चौधरी ने युवाओं, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा आम नागरिकों से विशेष रूप से इस अभियान से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि वृक्षारोपण को केवल एक दिन का कार्यक्रम न बनाकर जनभागीदारी का स्थायी अभियान बनाया जाए। उन्होंने लोगों से अपने घर, विद्यालय, कार्यालय, खेत, गांव और शहरों में अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि हरित बिहार का सपना तभी साकार होगा, जब समाज का प्रत्येक वर्ग पर्यावरण संरक्षण को अपनी प्राथमिकता बनाएगा। विश्व पर्यावरण दिवस हमें यह याद दिलाता है कि पृथ्वी और प्रकृति के संरक्षण की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि हम सभी की है। यदि आज हम पर्यावरण के प्रति सजग होंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और सुरक्षित प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।
अंत में उन्होंने सभी बिहारवासियों से आह्वान किया कि वे “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और प्रकृति संरक्षण के इस महाअभियान को जन-जन का आंदोलन बनाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से बिहार को अधिक हरित, स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण-अनुकूल राज्य बनाया जा सकता है।
Reviewed by PSA Live News
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9:40:00 am
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