हरित भविष्य के निर्माण का संकल्प, अधिकारियों और कर्मचारियों ने लिया पौधों के संरक्षण का प्रण
मधुबनी, 06 जून। विश्व पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और जिले में हरित आवरण के विस्तार के उद्देश्य से जिला गंगा समिति (नमामि गंगे) एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को मधुबनी के विभिन्न प्रमुख स्थलों पर व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत मधुबनी व्यवहार न्यायालय परिसर, डीआरडीए परिसर, समाहरणालय परिसर, रिजनल सेकेंडरी स्कूल परिसर तथा गुड्डीगाछी स्लम बस्ती सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर पौधे लगाए गए।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं था, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान करते हुए लोगों को पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति जागरूक करना भी था। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पौधे लगाकर हरित मधुबनी के निर्माण का संकल्प लिया तथा पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त सुमन प्रसाद साह, अपर समाहर्ता मुकेश रंजन, डीआरडीए निदेशक सैय्यद सरफराजुद्दीन, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी परिमल कुमार, वन क्षेत्र पदाधिकारी संजय कुमार, जिला परियोजना पदाधिकारी नमामि गंगे आनंद अंकित, स्वच्छता पदाधिकारी अमिताभ गुंजन, डीपीओ मनरेगा अशोक कुमार राय, जल-जीवन-हरियाली अभियान के रिशु कुमार, वन विभाग के परिसर पदाधिकारी अनूप कुमार, रमण कुमार सिंह, पवन कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त सुमन प्रसाद साह ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण मानव अस्तित्व से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बन चुका है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण, वनों की कटाई और जलवायु परिवर्तन के कारण पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो रहा है। ऐसे में वृक्षारोपण केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए आवश्यक दायित्व है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवनकाल में कम से कम एक पौधे को वृक्ष बनने तक संरक्षित करने का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में क्रांतिकारी परिवर्तन संभव है।
अपर समाहर्ता मुकेश रंजन ने कहा कि बढ़ता प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन आज पूरी दुनिया के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। इन चुनौतियों का सबसे सरल, प्रभावी और दीर्घकालिक समाधान वृक्षारोपण है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील करते हुए कहा कि स्वच्छ एवं हरित वातावरण ही स्वस्थ समाज और समृद्ध भविष्य की आधारशिला है।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कहा कि नमामि गंगे, जल-जीवन-हरियाली तथा वन विभाग की विभिन्न योजनाओं का मूल उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और हरित क्षेत्र का विस्तार करना है। वृक्षारोपण अभियान इन प्रयासों की महत्वपूर्ण कड़ी है, जो पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ भूजल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा स्वच्छ वायु उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
गुड्डीगाछी स्लम बस्ती सहित विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित इस अभियान में स्थानीय लोगों की भी सहभागिता रही। उपस्थित लोगों को पौधों के महत्व, पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता तथा वृक्षों से होने वाले प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष लाभों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों, विद्यालयों, कार्यालयों तथा सार्वजनिक स्थलों पर पौधे लगाकर उन्हें संरक्षित करें, ताकि मधुबनी को एक स्वच्छ, हरित और पर्यावरण अनुकूल जिला बनाया जा सके।
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने लगाए गए पौधों के संरक्षण और संवर्धन का सामूहिक संकल्प लिया। यह वृक्षारोपण अभियान पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिले की प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर उभरा तथा हरित मधुबनी के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
Reviewed by PSA Live News
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2:03:00 pm
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