5 अगस्त को प्रकाशित होगी ड्राफ्ट मतदाता सूची, केवल 5.3% मतदाता ही अन-मैप्ड श्रेणी में बचे: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में बड़ी प्रगति, कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित नहीं रहेगा : के. रवि कुमार
रांची। झारखंड में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) अभियान के तहत निर्वाचन विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने बताया कि राज्य में 5 अगस्त 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से छूटने न पाए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि 23 मई 2026 को राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर 70,62,319 अन-मैप्ड मतदाताओं की सूची प्रकाशित की गई थी। इसके बाद बूथ स्तर पर व्यापक अभियान चलाकर मतदाताओं की पहचान और सत्यापन का कार्य किया गया। 29 जुलाई तक इन्यूमरेशन फेज शुरू होने से पहले अन-मैप्ड मतदाताओं की संख्या घटकर 47,42,505 रह गई थी।
उन्होंने कहा कि इन्यूमरेशन फेज के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए-2, स्वयंसेवकों और मतदाताओं के सहयोग से बड़े पैमाने पर मैपिंग का कार्य किया गया। इसका परिणाम यह रहा कि अब राज्य में केवल 14,02,262 मतदाता (करीब 5.3 प्रतिशत) ही अन-मैप्ड श्रेणी में बचे हैं।
के. रवि कुमार ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की मतदाता सूची को 'सुपीरियर डॉक्यूमेंट' माना है। ऐसे मतदाता, जिनकी वर्तमान सूची में पिछली एसआईआर सूची से सही तरीके से मैपिंग हो चुकी है और जिनके रिकॉर्ड में कोई तार्किक विसंगति नहीं है, उन्हें ड्राफ्ट सूची के बाद अंतिम मतदाता सूची में स्वतः शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जो मतदाता अभी भी अन-मैप्ड श्रेणी में हैं, उनका निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) स्तर पर सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र पाए जाने पर उनके नाम भी अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि 5 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद यदि किसी पात्र भारतीय नागरिक का नाम सूची में नहीं मिलता है, या कोई नया मतदाता पहली बार पंजीकरण कराना चाहता है, तो वह फॉर्म-6 और आवश्यक घोषणा पत्र भरकर अपना नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल करा सकता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं के पास पिछली एसआईआर की मतदाता सूची में दर्ज नाम उपलब्ध है, वे फॉर्म-6 भरते समय उसे प्रमाण के रूप में उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि निर्वाचन आयोग ने उसे वैध और महत्वपूर्ण दस्तावेज माना है।
निर्वाचन विभाग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना है, ताकि कोई भी योग्य मतदाता अपने लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित न रहे। 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची के बाद दावा एवं आपत्ति की प्रक्रिया भी शुरू होगी, जिसके माध्यम से छूटे हुए पात्र नागरिक अपने नाम शामिल करा सकेंगे।
Reviewed by PSA Live News
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10:23:00 pm
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