अंधराठाढ़ी प्रखंड कार्यालय में प्रभारी प्रमुख आमरण अनशन पर बैठे, BDO पर भ्रष्टाचार और घूसखोरी के गंभीर आरोप
प्रधानमंत्री आवास, शौचालय, पेंशन सहित कई योजनाओं में अनियमितता का आरोप, BDO के स्थानांतरण और उच्चस्तरीय जांच की मांग
अंधराठाढ़ी (मधुबनी)। मधुबनी जिले के अंधराठाढ़ी प्रखंड कार्यालय परिसर में प्रभारी प्रखंड प्रमुख रामबहादुर मंडल ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) के खिलाफ आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने प्रखंड प्रशासन पर सरकारी योजनाओं में व्यापक भ्रष्टाचार, घूसखोरी और बिचौलियों के माध्यम से कार्य कराने का गंभीर आरोप लगाया है।
प्रभारी प्रमुख का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। अनशन की सूचना मिलते ही प्रखंड कार्यालय परिसर में लोगों की भीड़ जुटने लगी और मामला चर्चा का विषय बन गया।
रामबहादुर मंडल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुकों को बिना रिश्वत दिए भुगतान नहीं किया जाता है। उनका दावा है कि लाभार्थियों से पैसे की मांग की जाती है और पैसा नहीं देने पर फाइलों को लंबित रखा जाता है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण में जिन लाभार्थियों का कार्य पूरा हो चुका है और जिनका जीरो टैग भी हो चुका है, उन्हें भी भुगतान नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि बिना पैसे दिए किसी भी लाभुक को राशि जारी नहीं की जाती।
प्रभारी प्रमुख ने प्रखंड कार्यालय में बिचौलियों की सक्रिय भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि निजी दलालों के माध्यम से विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि बिचौलियों के जरिए कराए गए सभी कार्यों की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के आवेदनों को भी जानबूझकर लंबित रखा जाता है, जिससे पात्र लाभार्थियों को समय पर पेंशन का लाभ नहीं मिल पाता। इसके अलावा उन्होंने प्रखंड प्रमुख की अनुपस्थिति में हुए वित्तीय लेनदेन और विभिन्न विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की भी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
प्रभारी प्रमुख ने अपनी प्रमुख मांगों में प्रखंड विकास पदाधिकारी का तत्काल स्थानांतरण, प्रखंड कार्यालय में कथित रिश्वतखोरी पर रोक तथा पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई शामिल की है।
प्रमुख मांगें
- प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित घूसखोरी की जांच और दोषियों पर कार्रवाई।
- शौचालय योजना में जीरो टैग के बाद लंबित भुगतान तत्काल जारी किया जाए।
- बिचौलियों के माध्यम से कराए गए सभी कार्यों की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई।
- सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन।
- प्रखंड प्रमुख की अनुपस्थिति में हुए वित्तीय लेनदेन एवं योजनाओं की जांच।
- प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) का अविलंब स्थानांतरण।
- निजी बिचौलियों के माध्यम से चल रही कथित रिश्वतखोरी पर तत्काल रोक।
हालांकि, इन आरोपों पर प्रखंड विकास पदाधिकारी या जिला प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
Reviewed by PSA Live News
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10:47:00 pm
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