रांची, 5 जुलाई 2026: राजधानी रांची के मोरहाबादी क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से संचालित हो रहे साप्ताहिक हाट बाजार को प्रशासन द्वारा बंद किए जाने के फैसले के खिलाफ शनिवार को सैकड़ों सब्जी विक्रेता सड़क पर उतर आए। बाजार बंद होने से नाराज दुकानदारों ने जिला प्रशासन और नगर निगम के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की तथा अपने रोजगार को बचाने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मोरहाबादी हाट उनके परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन रहा है। अचानक बाजार बंद किए जाने से हजारों लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के बाजार को बंद कर दिया, जिससे छोटे व्यापारियों और फुटपाथ विक्रेताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
जानकारी के अनुसार, मोरहाबादी में लगने वाला यह साप्ताहिक हाट बाजार आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए ताजा सब्जियां, फल और दैनिक उपयोग की वस्तुएं खरीदने का प्रमुख केंद्र बन चुका था। हालांकि पिछले कुछ समय से बाजार लगने के दौरान सड़क पर अत्यधिक भीड़ और वाहनों के दबाव के कारण सुबह एवं शाम के समय गंभीर जाम की स्थिति उत्पन्न होने लगी थी। स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों द्वारा लगातार शिकायत किए जाने के बाद प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के उद्देश्य से बाजार को बंद करने का निर्णय लिया।
शनिवार को बड़ी संख्या में जुटे सब्जी विक्रेताओं ने कहा कि वे प्रशासन के निर्णय का विरोध करते हैं, लेकिन यदि बाजार को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाता है तो पहले उसके लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनका कहना है कि वैकल्पिक स्थल, पेयजल, शौचालय, पार्किंग और ग्राहकों की पहुंच जैसी बुनियादी सुविधाओं के बिना नए स्थान पर व्यवसाय चलाना संभव नहीं होगा।
प्रदर्शन के दौरान स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन मौके पर पुलिस बल की तैनाती कर दी। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। अधिकारियों ने दुकानदारों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं पर विचार किया जाएगा और वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। दुकानदारों को समझाया जा रहा है कि वे प्रशासन के साथ संवाद बनाए रखें ताकि सभी पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान निकाला जा सके।
इधर स्थानीय नागरिकों की राय भी इस मुद्दे पर बंटी हुई नजर आ रही है। कुछ लोगों का कहना है कि हाट बाजार के कारण क्षेत्र में भीषण जाम लगने से आम लोगों को काफी परेशानी होती थी, जबकि दूसरी ओर कई नागरिकों का मानना है कि बाजार बंद करने से पहले प्रशासन को व्यवस्थित वैकल्पिक स्थल उपलब्ध कराना चाहिए था।
फिलहाल मोरहाबादी हाट बाजार को लेकर व्यापारियों और प्रशासन के बीच गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। अब सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह विक्रेताओं के लिए नई व्यवस्था कब और किस स्थान पर सुनिश्चित करता है। यह मामला केवल यातायात प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े सैकड़ों परिवारों की आजीविका और शहर की स्थानीय अर्थव्यवस्था का भी महत्वपूर्ण प्रश्न बन गया है।
Reviewed by PSA Live News
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8:43:00 pm
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