सावन सिंधारा महोत्सव 2026 : रांची में 800 महिलाओं की भक्ति से गूंजेगा मारवाड़ी भवन, जीण माता के दरबार में होगा भव्य आध्यात्मिक आयोजन
रांची, 06 अगस्त। राजधानी रांची में सावन माह के पावन अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और भारतीय संस्कृति का अनुपम संगम देखने को मिलेगा। श्री जीण माता प्रचार समिति, रांची के तत्वावधान में दुर्गा स्वरूपिणी आदि शक्ति श्री जीण माताजी का भव्य "सावन सिंधारा उत्सव-2026" आगामी 09 अगस्त (रविवार) को मारवाड़ी भवन परिसर, हरमू रोड, रांची में बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ आयोजित किया जाएगा। धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रंगों से सजे इस विशेष आयोजन में लगभग 800 महिलाओं की सहभागिता होने की संभावना है।
समिति द्वारा आयोजित यह उत्सव महिलाओं के लिए समर्पित रहेगा, जिसमें केवल महिला श्रद्धालुओं को ही प्रवेश दिया जाएगा। आयोजन का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा एवं आस्था को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
दोपहर 3 बजे होगा शुभारंभ, गणेश वंदना के साथ प्रज्ज्वलित होगी ज्योत
कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 3 बजे भगवान श्री गणेश के आवाहन के साथ होगा। इसके उपरांत मुख्य संयोजक श्री विजय पालड़ीवाल एवं उनके परिवार द्वारा श्री जीण माताजी की अखंड ज्योत प्रज्ज्वलित की जाएगी। इसके बाद पूरा परिसर "जय जीण माता" के जयघोष और भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान हो उठेगा।
गुजरात और पश्चिम बंगाल से पहुंचेंगी प्रसिद्ध भजन गायिकाएं
भक्तों के लिए इस बार विशेष आकर्षण गुजरात से पधार रही प्रसिद्ध भजन गायिका दीदी आशा वैष्णव होंगी, जो अपने मधुर एवं भक्तिमय भजनों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगी। उनके साथ पश्चिम बंगाल के पुरुलिया से आने वाली दीदी शीतल कटारूका भी अपनी संगीतमय प्रस्तुति से भक्तों को भक्ति रस में सराबोर करेंगी।
झांकियां, योगिनी स्वरूप और सिंधारा की परंपराओं का होगा भव्य प्रदर्शन
आयोजन में केवल भजन संध्या ही नहीं, बल्कि मां जीण भवानी के विभिन्न दिव्य स्वरूपों की आकर्षक झांकियां भी प्रस्तुत की जाएंगी। इनमें माता का चौंसठ योगिनी स्वरूप विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
सावन सिंधारा की पारंपरिक रस्मों के तहत श्रद्धालु माता को मेहंदी, चुनरी, गजरा, निशान तथा अन्य श्रृंगार सामग्री अर्पित करेंगे। यह आयोजन भारतीय नारी संस्कृति, मातृशक्ति के सम्मान और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण का संदेश देगा।
महाआरती के साथ होगा कार्यक्रम का समापन
पूरे आयोजन का समापन रात्रि 8 बजे पंडित रवि शास्त्री द्वारा भव्य महाआरती के साथ किया जाएगा। महाआरती में सैकड़ों महिलाएं दीप प्रज्ज्वलित कर माता के जयघोष के साथ वातावरण को भक्तिमय बनाएंगी।
मां जीण भवानी का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां जीण भवानी का मूल नाम जीवण बाई था। राजस्थान के सीकर जिले में स्थित उनका प्राचीन एवं चमत्कारी मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। पौराणिक कथाओं के अनुसार कठोर तपस्या के बाद उन्होंने देवी स्वरूप धारण किया और तभी से वे शक्ति की अधिष्ठात्री देवी के रूप में पूजी जाती हैं।
जीण माता मंदिर लगभग एक हजार वर्ष पुराना माना जाता है। प्रत्येक वर्ष चैत्र एवं आश्विन नवरात्र में यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर की एक विशेष मान्यता यह भी है कि यहां मंदिर के कपाट कभी बंद नहीं होते तथा ग्रहण काल में भी नियमित आरती संपन्न होती है। मंदिर के समीप स्थित हर्ष भैरवनाथ मंदिर भी श्रद्धालुओं की विशेष आस्था का केंद्र है।
सावन सिंधारा : भारतीय संस्कृति का जीवंत उत्सव
सावन सिंधारा का पर्व विशेष रूप से महिलाओं एवं बेटियों के लिए हर्ष, उल्लास और मंगलकामना का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर माता को मेहंदी, गजरा, चुनरी, मिठाइयां एवं श्रृंगार सामग्री अर्पित कर सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और अखंड सौभाग्य की कामना की जाती है। भजन-कीर्तन और सामूहिक पूजा-अर्चना के माध्यम से महिलाएं आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करती हैं।
आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में
समारोह को भव्य एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए समिति के अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश अग्रवाल, उपाध्यक्ष श्री विजय पालड़ीवाल, सचिव श्री नारायण विजयवर्गीय, कोषाध्यक्ष श्री बजरंग सोमानी, सह सचिव श्री प्रदीप शर्मा सहित समिति के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य युद्धस्तर पर तैयारियों में जुटे हुए हैं। समिति से जुड़े श्री संदीप शर्मा, श्री रमेश सोमानी, श्री विनोद अग्रवाल, श्री संदीप विजयवर्गीय, श्री कृष्ण अग्रवाल, श्रीमती सुनीता मित्तल, श्रीमती कविता सोमानी, श्रीमती शीतल अग्रवाल, श्रीमती संगीता अग्रवाल, श्रीमती ज्योति अग्रवाल, श्रीमती नीरा शर्मा, श्रीमती निधि विजयवर्गीय, श्रीमती नेहा सिंघानिया, श्रीमती सविता शर्मा, श्रीमती नेहा शर्मा, श्रीमती एकता शर्मा एवं श्रीमती ऋतु शर्मा सहित अनेक सदस्य आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
आस्था, संस्कृति और नारी शक्ति का होगा अद्भुत संगम
श्री जीण माता प्रचार समिति का यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों, नारी सम्मान और सामाजिक एकता का भी सशक्त संदेश देगा। राजधानी रांची में आयोजित होने वाला यह सावन सिंधारा महोत्सव-2026 श्रद्धा, भक्ति, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का एक यादगार उत्सव बनने जा रहा है।
Reviewed by PSA Live News
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3:37:00 pm
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