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झारखंड में मतदाता सूची का सबसे बड़ा महाअभियान: 2.21 करोड़ से अधिक मतदाताओं का सत्यापन पूरा, 5 अगस्त से प्रारूप सूची जारी

निर्वाचन आयोग का लक्ष्य– कोई भी पात्र मतदाता न छूटे, अपात्र का नाम सूची में न रहे; 4 सितंबर तक दर्ज होंगे दावे और आपत्तियां


रांची।
झारखंड में लोकतंत्र को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाया जा रहा विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) 2026 अब अपने सबसे महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर चुका है। राज्यभर में एक महीने तक चले व्यापक घर-घर सत्यापन अभियान के बाद 5 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है, जिसके साथ ही दावा एवं आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। आयोग ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे अपने और अपने परिवार के प्रत्येक सदस्य का नाम अवश्य जांचें तथा यदि किसी प्रकार की त्रुटि मिले तो निर्धारित अवधि के भीतर उसका सुधार कराएं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड द्वारा जारी विस्तृत प्रेस नोट के अनुसार गणना चरण के दौरान राज्यभर में 2 करोड़ 21 लाख 1 हजार 249 गणना प्रपत्र (Enumeration Forms) एकत्र कर डिजिटाइज किए गए हैं। यह कुल मतदाताओं का लगभग 83.51 प्रतिशत है और झारखंड के निर्वाचन इतिहास में अब तक का सबसे व्यापक मतदाता सत्यापन अभियान माना जा रहा है।

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस विशेष अभियान का उद्देश्य किसी पात्र मतदाता का नाम हटाना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन और पारदर्शी बनाना है ताकि भविष्य के चुनाव निष्पक्ष और विश्वसनीय आधार पर संपन्न हो सकें।

लोकतंत्र की सबसे बड़ी प्रशासनिक कवायद

इस अभियान को सफल बनाने के लिए राज्य के सभी 24 जिलों में अभूतपूर्व प्रशासनिक व्यवस्था की गई। हजारों बूथ लेवल अधिकारियों (BLO), पर्यवेक्षकों, निर्वाचन पदाधिकारियों तथा स्वयंसेवकों ने घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया। प्रत्येक परिवार तक पहुंचकर गणना प्रपत्र उपलब्ध कराए गए तथा उन्हें डिजिटल प्रणाली में दर्ज किया गया।

43 लाख से अधिक प्रपत्र विशेष श्रेणी में

प्रेस नोट के अनुसार लगभग 43.61 लाख गणना प्रपत्र ऐसे रहे जिन्हें विभिन्न कारणों से प्राप्त नहीं किया जा सका। इनमें मृत मतदाता, स्थायी रूप से स्थानांतरित व्यक्ति, अनुपस्थित अथवा अज्ञात मतदाता, डुप्लीकेट प्रविष्टियां तथा हस्ताक्षर से इनकार करने वाले मामले शामिल हैं। आयोग ने कहा है कि यदि कोई पात्र मतदाता छूट गया है तो वह दावा एवं आपत्ति अवधि में प्रपत्र-6 के माध्यम से अपना नाम पुनः शामिल करा सकता है।

845 से अधिक बैठकें, सभी दलों को साथ लेकर चला अभियान

निर्वाचन आयोग ने इस पूरी प्रक्रिया को राजनीतिक रूप से निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ राज्य, जिला और विधानसभा स्तर पर लगातार संवाद किया। प्रेस नोट के अनुसार 845 से अधिक बैठकों का आयोजन किया गया तथा बूथ स्तर तक राजनीतिक दलों की सहभागिता सुनिश्चित की गई।

कोई भी पात्र मतदाता न छूटे

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि आयोग का सबसे बड़ा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रह जाए। इसके लिए प्रवासी श्रमिकों, शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग मतदाताओं तथा पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के लिए अलग-अलग विशेष अभियान चलाए गए।

युवाओं के लिए विशेष अवसर

निर्वाचन आयोग ने घोषणा की है कि जो युवा 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, उनके नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए राज्यभर में विशेष शिविर आयोजित होंगे ताकि कोई भी नया मतदाता अपने संवैधानिक अधिकार से वंचित न रहे।

मतदान केंद्र हुए और अधिक सुविधाजनक

मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोग ने मतदान केंद्रों का व्यापक युक्तिकरण भी किया है। राज्य में 2,389 नए मतदान केंद्र स्वीकृत किए गए, जबकि कुछ केंद्रों का पुनर्गठन किया गया। अब झारखंड में कुल 31,892 मतदान केंद्र होंगे ताकि मतदाताओं को मतदान के लिए कम दूरी तय करनी पड़े।

मीडिया और सोशल मीडिया की रही महत्वपूर्ण भूमिका

प्रेस नोट में बताया गया है कि मतदाता जागरूकता बढ़ाने के लिए समाचार माध्यमों, डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स तथा कंटेंट क्रिएटर्स का व्यापक सहयोग लिया गया। अभियान के दौरान दर्जनों प्रेस विज्ञप्तियां, दैनिक बुलेटिन, वीडियो, पोस्टर और जागरूकता सामग्री जारी की गई जिससे लोगों तक सही और प्रमाणिक जानकारी पहुंच सके।

अपना नाम अवश्य जांचें

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 के बीच प्रारूप मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें। यदि नाम नहीं है, कोई त्रुटि है या सुधार की आवश्यकता है तो निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से दावा एवं आपत्ति दर्ज कराएं। अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम

विशेष गहन पुनरीक्षण केवल मतदाता सूची का संशोधन नहीं बल्कि लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने का अभियान है। झारखंड में करोड़ों मतदाताओं तक पहुंचकर उनका सत्यापन करना, तकनीक के माध्यम से आंकड़ों का डिजिटलीकरण, राजनीतिक दलों की भागीदारी, व्यापक जनजागरूकता और शिकायतों के त्वरित समाधान जैसी पहलें यह दर्शाती हैं कि निर्वाचन आयोग एक निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय चुनावी व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रहा है। अब जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है कि वह अपने मताधिकार की रक्षा के लिए समय रहते अपने नाम की जांच करे और आवश्यक होने पर दावा अथवा आपत्ति अवश्य दर्ज कराए।

झारखंड में मतदाता सूची का सबसे बड़ा महाअभियान: 2.21 करोड़ से अधिक मतदाताओं का सत्यापन पूरा, 5 अगस्त से प्रारूप सूची जारी झारखंड में मतदाता सूची का सबसे बड़ा महाअभियान: 2.21 करोड़ से अधिक मतदाताओं का सत्यापन पूरा, 5 अगस्त से प्रारूप सूची जारी Reviewed by PSA Live News on 7:19:00 pm Rating: 5

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